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Sant Kabir Nagar News: 10 सेमी बढ़ी सरयू, तटवर्ती गांवों में बेचैनी
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रामपुर-मकदुमपुर बांध पर रखी गईं बालू भरी बोरियां। स्रोत-विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/ रोसयाबाजार। जिले में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। धनघटा में सरयू के जलस्तर में रविवार को 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेंहदावल में राप्ती में 15 सेमी की गिरावट हुई। धनघटा में नदी का जलस्तर 78.60 मीटर पर पहुंच गया है। इससे आसपास के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।
सिंचाई विभाग एमबीडी तटबंध को मजबूत बनाने के लिए पड़रिया, तेजपुर, भोतहा आदि स्थानों पर मिट्टी भरने का कार्य कर रहा है। हालांकि अभी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है लेकिन जलस्तर में वृद्धि दर्ज होने से लोगों में दहशत बनी हुई है।
गायघाट दक्षिणी के निकट नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बिड़हर घाट में खतरे का निशान 79.400 मीटर है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि यदि इसी प्रकार जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो नदी कुछ दिनों में खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
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नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से बंधे और नदी के मध्य बसे 32 गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। मांझा क्षेत्र में स्थित यह गांव प्रति वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। इस बार भी नदी के रुख को देखते हुए मांझा के गांव मुसीबत झेल सकते हैं।
दूसरी तरफ नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए बाढ़ खंड के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। एमबीडी बांध को मजबूत बनाने का कार्य जारी है। रेनकट व होल को मिट्टी व बोरियों से भरने का कार्य जारी है। अशरफपुर तुरकौलिया के निकट विशेष निगरानी रखी जा रही है। यहां बांध पर नदी का दबाव सबसे अधिक होता है।
नदी का पानी अब जगदीशपुर, गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सियर कला, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा आदि गांवों के करीब पहुंच रहा है। गांव वालों का कहना है कि नदी खतरे के निशान को पार हुई तो बाढ़ का पानी गांव में घुस सकता है। वहीं पंडरिया रामपुर के पास बंधे की पटरी पर रेनकट बने थे।
सिंचाई विभाग के जेई आरिफ अंसारी ने रामपुर से उमरिया तक तटबंध तक टूटी सड़क पटरी और कट का जायजा लेकर बंधे के किनारे जो कमियां हैं उसे ठीक कराने के साथ ही संभावित इलाके में मिट्टी भराई कराकर पहले से ही तैयारी तेज कर दिए हैं, जिससे समस्या दूर किया जाएगा।
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धनघटा/ रोसयाबाजार। जिले में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। धनघटा में सरयू के जलस्तर में रविवार को 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं मेंहदावल में राप्ती में 15 सेमी की गिरावट हुई। धनघटा में नदी का जलस्तर 78.60 मीटर पर पहुंच गया है। इससे आसपास के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।
सिंचाई विभाग एमबीडी तटबंध को मजबूत बनाने के लिए पड़रिया, तेजपुर, भोतहा आदि स्थानों पर मिट्टी भरने का कार्य कर रहा है। हालांकि अभी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है लेकिन जलस्तर में वृद्धि दर्ज होने से लोगों में दहशत बनी हुई है।
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गायघाट दक्षिणी के निकट नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 घंटे में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बिड़हर घाट में खतरे का निशान 79.400 मीटर है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि यदि इसी प्रकार जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो नदी कुछ दिनों में खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
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नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से बंधे और नदी के मध्य बसे 32 गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। मांझा क्षेत्र में स्थित यह गांव प्रति वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। इस बार भी नदी के रुख को देखते हुए मांझा के गांव मुसीबत झेल सकते हैं।
दूसरी तरफ नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए बाढ़ खंड के अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। एमबीडी बांध को मजबूत बनाने का कार्य जारी है। रेनकट व होल को मिट्टी व बोरियों से भरने का कार्य जारी है। अशरफपुर तुरकौलिया के निकट विशेष निगरानी रखी जा रही है। यहां बांध पर नदी का दबाव सबसे अधिक होता है।
नदी का पानी अब जगदीशपुर, गायघाट दक्षिणी, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सियर कला, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा आदि गांवों के करीब पहुंच रहा है। गांव वालों का कहना है कि नदी खतरे के निशान को पार हुई तो बाढ़ का पानी गांव में घुस सकता है। वहीं पंडरिया रामपुर के पास बंधे की पटरी पर रेनकट बने थे।
सिंचाई विभाग के जेई आरिफ अंसारी ने रामपुर से उमरिया तक तटबंध तक टूटी सड़क पटरी और कट का जायजा लेकर बंधे के किनारे जो कमियां हैं उसे ठीक कराने के साथ ही संभावित इलाके में मिट्टी भराई कराकर पहले से ही तैयारी तेज कर दिए हैं, जिससे समस्या दूर किया जाएगा।