फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Saryu's water level decreased, waterlogging still persists in three villages

Sant Kabir Nagar News: सरयू का पानी घटा, तीन गांवों में अब भी जलभराव

Sun, 13 Sep 2026 01:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:13 AM IST
विज्ञापन
Saryu's water level decreased, waterlogging still persists in three villages
धनघटा के चकदहा गांव में लोगों के दरवाजे पर बाढ़ का पानी
धनघटा। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट हो रही है लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। तीन गांवों में अब भी बाढ़ का पानी है। रास्तों पर कीचड़ होने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। पशुओं के चारे की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विज्ञापन

हाल ही में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से धनघटा तहसील क्षेत्र के 18 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। कई लोगों के घरों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया था। आवागमन के लिए रास्तों पर नाव का सहारा लेना पड़ रहा था। अब नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट शुरू हुई है। इससे 15 गांवों में घरों के दरवाजे से पानी हट गया है, लेकिन तीन गांवों में अब भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन

ग्राम प्रधान बालेंद्र कुमार, राजाराम, लालमन, लालचंद, दीनदयाल, ओमकार और सीताराम आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। नदी का जलस्तर पूरी तरह नीचे जाने के बाद ही घरों के सामने जमा पानी धीरे-धीरे नदी की ओर जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान कमरिया घाट के पास जल निकासी के लिए बनी पुलिया को बंद कर दिया गया। इसके कारण बाढ़ का पानी उस रास्ते से नदी में नहीं पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कीचड़ से होकर स्कूल जा रहे बच्चे
जल निकासी नहीं होने से चकदहा, भौवापार और गुनवतिया गांव में अब भी लोगों के घरों के सामने जलभराव है। रास्तों पर अब नाव चलने की स्थिति भी नहीं है। ग्रामीणों को कीचड़ से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। बच्चे अक्सर कीचड़ में गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। कई बच्चे स्कूल जाने के बजाय घर लौट आते हैं।


पशुओं के चारे का संकट
बाढ़ के कारण धान की फसल भी नष्ट हो गई है। खेतों में हरा चारा नहीं बचा है और पशुओं को खिलाने के लिए भूसे की भी कमी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी कम होने के बावजूद बाढ़ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था कराने के साथ पशुओं के लिए चारा और प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed