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Sant Kabir Nagar News: बहनों का भा रही रोली-चावल वाली राखी किट
Mon, 12 Aug 2024 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 12 Aug 2024 01:25 AM IST
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संतकबीरनगर। रक्षाबंधन के लिए बाजारों में राखी की खरीदारी जोरों पर चल रही है। इस साल बहनों को राखी रोली-चावल व चंदन सहित राखियों की किट खूब पसंद आ रही है। ऑनलाइन बाजार में इनकी काफी मांग है। बहनें भाईयों के पते पर इसे ऑनलाइन बुक करा रहीं हैं, जिससे राखियां सीधे भाईयों के घर पहुंच रही है।
राखियों की ऑफलाइन बिक्री भी बाजार में हो रही है। बहनें साधारण प्लेट पर रोली, चावल व चंदन सजाए जाने की जगह रेडिमेड सजी हुई थालियों को अधिक पसंद कर रही हैं। इस तरह के ऑनलाइन पैक की कीमत 200 से लेकर 1200 रुपये तक है। सबसे बड़ी सहूलियत यह है कि इन पैक की डिलीवरी सीधे भाईयों के घर पर हो रही है। आम तौर पर कुरियर से राखी भेजने का खर्च भी 100 रुपये शुरू होता है। अगर वजन अधिक है तो 300 रुपये तक खर्चा आ जाता है। इधर गोला बाजार में दुकान लगाए पवन जायसवाल और संदीप कसौधन ने बताया कि बाजार में पांच रुपये से लेकर 500 तक की राखी मौजूद है। सबसे ज्यादा अक्षत व चंदन की राखी पसंद की जा रही है। अभी वही लोग राखी खरीद रही हैं, जिन्हें बाहर भेजना है। इसमें ऑनलाइन खरीदारी ज्यादा हो रही है। रक्षाबंधन में अभी आठ दिन शेष है। ऐसे में कारोबार बेहतर होने की संभावना है।
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अपने परिवार के लिए हम राखियां खरीद रहे हैं, लेकिन जो राखियां हमें बाहर भेजनी है, उनकी खरीद ऑनलाइन की है, क्योंकि वहां अच्छी डिजाइन में थाली, रोली, चावल कार्ड व चाॅकलेट आदि भी साथ मिल रहे है। कुरियर का खर्चा भी नहीं है।
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- दीप शिखा मिश्र, डीघा
बाजार में इस समय राखियों की किट काफी कम उपलब्ध है, इसलिए ऑनलाइन राखी खरीदा है। भाईयों के पते पर उसे भेजवा दिया है। अगर वह नहीं आ पाए तो राखी वहीं पर बंधवा लेंगे।
- निशा सिंह, गांधी नगर
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राखियों की ऑफलाइन बिक्री भी बाजार में हो रही है। बहनें साधारण प्लेट पर रोली, चावल व चंदन सजाए जाने की जगह रेडिमेड सजी हुई थालियों को अधिक पसंद कर रही हैं। इस तरह के ऑनलाइन पैक की कीमत 200 से लेकर 1200 रुपये तक है। सबसे बड़ी सहूलियत यह है कि इन पैक की डिलीवरी सीधे भाईयों के घर पर हो रही है। आम तौर पर कुरियर से राखी भेजने का खर्च भी 100 रुपये शुरू होता है। अगर वजन अधिक है तो 300 रुपये तक खर्चा आ जाता है। इधर गोला बाजार में दुकान लगाए पवन जायसवाल और संदीप कसौधन ने बताया कि बाजार में पांच रुपये से लेकर 500 तक की राखी मौजूद है। सबसे ज्यादा अक्षत व चंदन की राखी पसंद की जा रही है। अभी वही लोग राखी खरीद रही हैं, जिन्हें बाहर भेजना है। इसमें ऑनलाइन खरीदारी ज्यादा हो रही है। रक्षाबंधन में अभी आठ दिन शेष है। ऐसे में कारोबार बेहतर होने की संभावना है।
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अपने परिवार के लिए हम राखियां खरीद रहे हैं, लेकिन जो राखियां हमें बाहर भेजनी है, उनकी खरीद ऑनलाइन की है, क्योंकि वहां अच्छी डिजाइन में थाली, रोली, चावल कार्ड व चाॅकलेट आदि भी साथ मिल रहे है। कुरियर का खर्चा भी नहीं है।
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- दीप शिखा मिश्र, डीघा
बाजार में इस समय राखियों की किट काफी कम उपलब्ध है, इसलिए ऑनलाइन राखी खरीदा है। भाईयों के पते पर उसे भेजवा दिया है। अगर वह नहीं आ पाए तो राखी वहीं पर बंधवा लेंगे।
- निशा सिंह, गांधी नगर