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Sant Kabir Nagar News: पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

Sun, 11 Aug 2024 03:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 11 Aug 2024 03:01 AM IST
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Santkabirnagar News: Peace Party workers demonstrated
संतकबीरनगर। पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं में मुस्लिम अनुसूचित जाति को एससी में शामिल करने की मांग को लेकर शनिवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबाेधित ज्ञापन सौंपा।
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पीस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राशिद मदनी ने कहा कि ब्रिटिश राज में 1936 से शासनकाल के अंत तक व आजादी के बाद भी अनुसूचित जाति में सभी धर्म के लोगों को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दिया गया था। आजादी के बाद भारत सरकार ने 10 अगस्त 1950 के ऑर्डर में अनुसूचित जाति की जातियों के आरक्षण को तो आगे बढ़ाया गया, लेकिन उस ऑर्डर में हिंदू शब्द जोड़ दिया गया जो ब्रिटिश राज में नहीं था। यह कांग्रेस की ओर से मुसलमानों के साथ की गई सबसे बड़ी संवैधानिक नाइंसाफी थी। 1956 में सिख धर्म की अनुसूचित जातियों को तथा 1990 में बौद्ध धर्म की अनुसूचित जातियों को भी एससी के रिजर्वेशन में शामिल किया।
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जस्टिस सच्चर कमेटी का 2006 में तथा जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कमेटी की 2007 में आई रिपोर्ट में मुस्लिमों के हालात अनुसूचित जातियों से भी बदतर बताए गए। जस्टिस रंगनाथ मिश्रा कमेटी ने साफ-साफ कहा कि मुस्लिमों की अनुसूचित जातियों को भी एससी की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। लेकिन, तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली भारत सरकार ने कुछ नहीं किया। भाजपा सरकार ने भी 2023 में के जी बालकृष्णन आयोग गठित कर मुसलमानों के अनुसूचित जातियों का मुद्दा ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कोई भी पार्टी मुसलमानों के साथ न्याय नहीं करना चाहती।
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सामाजिक न्याय की बात करने वाली तमाम पार्टियां मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझती है। उनके हालात को लेकर उन्हें कोई फिक्र नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति से मुस्लिम अनुसूचित जातियों को एससी में सम्मिलित करके आरक्षण का नाम दिलाने की मांग की। इस अवसर पर इंजीनियर आमिर, डाॅ. सलीम, उबयनबी, शमशाद, मारूफ अहमद, फूलचंद, आमिरा खातून, नाज फातमा आदि मौजूद रही।

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