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Sant Kabir Nagar News: अनुसूचित जाति की महिला की जमीन का बैनामा अवैध, राज्य सरकार की होगी भूमि
Thu, 07 Aug 2025 11:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:13 PM IST
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मेंहदावल। उपजिलाधिकारी न्यायालय ने अनुसूचित जाति की महिला से बिना जिलाधिकारी की अनुमति के किए गए भूमि बैनामे को अवैध करार देते हुए उसे राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने का अंतिम आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद हड़कंप मच गई है।
मामला ग्राम साडा, तप्पा बेलहर, परगना बांसी पूरब का है, जहां गाटा संख्या 291/0.201 हेक्टेयर में से 0.013 हेक्टेयर भूमि का बैनामा वर्ष 2012 में किया गया था। यह भूमि अनुसूचित जाति की महिला मंगना उर्फ मंगनी पत्नी जुगुन से अली रजा (मृतक) के वारिसान बिस्मिल्लाह, समीउल्लाह व अजीजुल्लाह द्वारा खरीदी गई थी। राजस्व विभाग की जांच में पाया गया कि यह बैनामा बिना जिलाधिकारी की अनुमति के किया गया और विक्रेता की जाति को छिपाकर दाखिल-खारिज करवा लिया गया।
क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व निरीक्षक तथा तहसीलदार की आख्या में इस भूमि को राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने की संस्तुति की गई थी। एसडीएम ने आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 157(क) के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्ति से बिना जिलाधिकारी की अनुमति के भूमि का क्रय-विक्रय विधिसम्मत नहीं है। न्यायालय ने उक्त भूमि को खरीदने वालों का खतौनी से नाम हटाते हुए भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित कर दिया है। आदेश की प्रति तहसीलदार मेंहदावल को आवश्यक अंकन व कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
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मामला ग्राम साडा, तप्पा बेलहर, परगना बांसी पूरब का है, जहां गाटा संख्या 291/0.201 हेक्टेयर में से 0.013 हेक्टेयर भूमि का बैनामा वर्ष 2012 में किया गया था। यह भूमि अनुसूचित जाति की महिला मंगना उर्फ मंगनी पत्नी जुगुन से अली रजा (मृतक) के वारिसान बिस्मिल्लाह, समीउल्लाह व अजीजुल्लाह द्वारा खरीदी गई थी। राजस्व विभाग की जांच में पाया गया कि यह बैनामा बिना जिलाधिकारी की अनुमति के किया गया और विक्रेता की जाति को छिपाकर दाखिल-खारिज करवा लिया गया।
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क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व निरीक्षक तथा तहसीलदार की आख्या में इस भूमि को राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने की संस्तुति की गई थी। एसडीएम ने आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 157(क) के तहत अनुसूचित जाति के व्यक्ति से बिना जिलाधिकारी की अनुमति के भूमि का क्रय-विक्रय विधिसम्मत नहीं है। न्यायालय ने उक्त भूमि को खरीदने वालों का खतौनी से नाम हटाते हुए भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित कर दिया है। आदेश की प्रति तहसीलदार मेंहदावल को आवश्यक अंकन व कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
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