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Sant Kabir Nagar News: शाम छह बजे के बाद सांथा से बस्ती के लिए नहीं मिलतीं रोडवेज बसें
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सांथा। स्थानीय कस्बे से नंदौर-सेमरियावां होते हुए मंडल मुख्यालय बस्ती आने-जाने के लिए शाम होने के बाद परिवहन निगम की कोई बस नहीं है। इस रूट पर देर शाम रोडवेज की बसों का अकाल पड़ जाता है।
मेंहदावल-बांसी रूट पर पड़ने वाले सांथा से नंदौर-सेमरियावां होते हुए बस्ती मंडल मुख्यालय व पड़ोसी जिले सिद्धार्थनगर अन्य स्थानों को जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। सांथा ब्लाॅक मुख्यालय पर सैकड़ों से अधिक सांथा नंदौर-सेमरियावां मंडल मुख्यालय बस्ती जाने के लिए व्यापारी, मरीज, छात्र, वादकारी व अधिकारी-कर्मचारी निजी वाहनों की तलाश में इधर से उधर भटकते हैं।
शाम तक काम करने के बाद वापस जाने के लिए सांथा से शाम 6:00 बजे के बाद परिवहन निगम की कोई बस नहीं मिल पाती है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्राइवेट वाहनों का संचालन होता है। इनका भी कोई निजी स्टैंड नहीं है। सड़कों पर ही खड़े होकर सवारियां बिठाते हैं।
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शाम होने पर बसों का संचालन बंद हो जाता है। ऐसे में नगर से बाहर जाने व आने के लिए साधन जुटाना टेढ़ी खीर हो जाता है। सांथा-मेंहदावल, सांथा-नंदौर, सांथा-बांसी की सीमा से लगा है। इन सभी मार्गों पर प्राइवेट बसों का संचालन भी होता है। ग्रामीणों ने मांग की है, लेकिन अभी तक इस ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
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विकासखंड क्षेत्र सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर को जोड़ता है, यहां दिन ढलने के बाद रोडवेज की बसें नहीं मिलती है, निजी वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं।
-दीपक कन्नौजिया, सांथा
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यह समस्या कई वर्षों से है। इसके लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से लेकर उच्च अधिकारियों तक को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है।
-प्रभाकर चौधरी, लेदवाश्रीपाल
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दिन ढलने के बाद परिवहन निगम की कोई बस नहीं मिलती है, जिससे ग्रामीणों को मात्र प्राइवेट बसों का सहारा रहता है जो मानमाना किराया वसूलते हैं।
-सिद्धू झा, सांथा
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मेंहदावल-बांसी रूट पर पड़ने वाले सांथा से नंदौर-सेमरियावां होते हुए बस्ती मंडल मुख्यालय व पड़ोसी जिले सिद्धार्थनगर अन्य स्थानों को जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। सांथा ब्लाॅक मुख्यालय पर सैकड़ों से अधिक सांथा नंदौर-सेमरियावां मंडल मुख्यालय बस्ती जाने के लिए व्यापारी, मरीज, छात्र, वादकारी व अधिकारी-कर्मचारी निजी वाहनों की तलाश में इधर से उधर भटकते हैं।
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शाम तक काम करने के बाद वापस जाने के लिए सांथा से शाम 6:00 बजे के बाद परिवहन निगम की कोई बस नहीं मिल पाती है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्राइवेट वाहनों का संचालन होता है। इनका भी कोई निजी स्टैंड नहीं है। सड़कों पर ही खड़े होकर सवारियां बिठाते हैं।
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शाम होने पर बसों का संचालन बंद हो जाता है। ऐसे में नगर से बाहर जाने व आने के लिए साधन जुटाना टेढ़ी खीर हो जाता है। सांथा-मेंहदावल, सांथा-नंदौर, सांथा-बांसी की सीमा से लगा है। इन सभी मार्गों पर प्राइवेट बसों का संचालन भी होता है। ग्रामीणों ने मांग की है, लेकिन अभी तक इस ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया है।
विकासखंड क्षेत्र सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर को जोड़ता है, यहां दिन ढलने के बाद रोडवेज की बसें नहीं मिलती है, निजी वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं।
-दीपक कन्नौजिया, सांथा
यह समस्या कई वर्षों से है। इसके लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से लेकर उच्च अधिकारियों तक को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है।
-प्रभाकर चौधरी, लेदवाश्रीपाल
दिन ढलने के बाद परिवहन निगम की कोई बस नहीं मिलती है, जिससे ग्रामीणों को मात्र प्राइवेट बसों का सहारा रहता है जो मानमाना किराया वसूलते हैं।
-सिद्धू झा, सांथा