फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   river baandh construction

Sant Kabir Nagar News: तट है सपाट, 75 वर्ष में नहीं बन सका एक भी घाट

Wed, 31 May 2023 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Wed, 31 May 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
river baandh construction
धनघटा तहसील क्षेत्र में स्थित सरयू नदी का बिड़हर घाट ।संवाद
धनघटा। हिमालय से निकलकर बलिया और छपरा के बीच गंगा नदी में मिलने वाली सरयू नदी जिले के चालीस गांव की सीमा से होकर सपाट तट से होकर बहती है। इस नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु विभिन्न घाटों पर प्रत्येक पर्व और प्रत्येक रविवार को पहुंचते हैं। खासकर बिडहर घाट पर अच्छी खासी भीड़ होती है, लेकिन तमाम मांगों के बावजूद नदी के किसी भी तट पर पक्का घाट का निर्माण नहीं हो सका है।
विज्ञापन

क्षेत्र के नारायणपुर, छपरा मगरबी, आगापुर गुलरिहा, खाले पुरवा, चपरा पूर्वी, तुरकौलिया नायक, जगदीशपुर, दौलतपुर, गायघाट दक्षिणी आदि गांव की सीमा से होकर सरयू नदी बह रही है। वर्ष 2019-20 में बिडहर घाट का सुंदरीकरण के साथ पक्का घाट का निर्माण प्रस्तावित था। पर्यटन विभाग के जरिए कार्य भी शुरू कराया गया, जो अब भी आधा अधूरा पड़ा हुआ है। पक्के घाट का निर्माण कार्य कराया जाना तो दूर, नदी की कटान से पिछले वर्ष बिडहर घाट पर स्थित राम जानकी मंदिर के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया था।
विज्ञापन

सरयू नदी में स्नान करने के लिए बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर समेत कई जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। इतना ही नहीं बिडहर घाट पर सीढ़ी न होने की वजह से स्नान करते समय लोगों को परेशानी होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

00000000000000000000
इन पर्व पर उमड़ते हैं श्रद्धालु
गंगा दशहरा, कार्तिक पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, सावन माह के प्रत्येक सोमवार, प्रत्येक माह के पूर्णिमा, महाशिवरात्रि, गंगा सप्तमी के साथ प्रत्येक रविवार को श्रद्धालु स्नान करते हैं।
00000000000000000000000000000
लोगों का कहना है कि बिडहर घाट पर बहुत पहले से श्रद्धालु पहुंचकर स्नान करते चले आ रहे हैं। किसी के निधन होने पर अंतिम संस्कार इसी घाट पर लोग करते हैं। वर्ष 2001 में इस घाट पर बहुत पहले से तपोस्थली बनाएं बाबा भूईलोटन दास के मन में आया कि इस मरुस्थल को देवस्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने जन सहयोग से महाकाल मंदिर का निर्माण कराने के बाद कई मंदिरों का निर्माण कराया। श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए बाबा ने पक्का घाट भी बनवाया। जिसे पिछले वर्ष तोड़ दिया गया।

0000000000000000000000000000000000
बिडहर घाट के सुंदरीकरण के साथ पक्के घाट के निर्माण के लिए तत्कालीन मंत्री श्रीराम चौहान के प्रयास से शासन ने चार करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति हुई थी। बरसात का समय जब आया और नदी उफान पर थी तो उसी समय ठेकेदार ने कार्य शुरू कराए। इस दौरान बनाई गई सीढ़ी को तोड़ दिया गया। बाद में काम भी बंद हो गया। चार दिन पहले फिर काम शुरू हुआ है।
-बाबा भूईलोटन दास, महंत
0000000000000000000000000000
पर्यटन विभाग ने बिडहर घाट पर सुंदरीकरण का काम शुरू करा दिया है। जल्द ही यहां की स्थिति बदली नजर आएंगी।
-डॉ. रविंद्र कुमार, एसडीएम धनघटा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed