फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Religious places will be beautified

Sant Kabir Nagar News: धार्मिक स्थलों का होगा सुंदरीकरण, पर्यटकों को मिलेगी सहूलियत

Sat, 09 Sep 2023 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 09 Sep 2023 01:27 AM IST
विज्ञापन
Religious places will be beautified
बाबा बैजनाथ धाम ​शिव मंदिर  बसवारी गांव।संवाद
परसा माफी शिव मंदिर के सुंदरीकरण के लिए 2.76 करोड़ रुपये मिले
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की पहल शुरू हो गई है। इसके लिए धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण होगा। मेंहदावल क्षेत्र के परसा माफी शिव मंदिर के लिए 2. 76 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इस काम को पूरा करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। साथ ही, जिले के ऐतिहासिक स्थल बैजूनाथ धाम, शनिचरा बाजार दुर्गा मंदिर, चकपिहानी में ठाकुरजी मंदिर के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी चल रही है। नाथनगर क्षेत्र के टिकुईकोल के पास कठिनया नदी पर घाट बनाया जाएगा। इससे पर्यटकों को सहूलियत मिलेगी।
...
चकपिहानी ठाकुर जी मंदिर का होगा सुंदरीकरण


विकास खंड खलीलाबाद क्षेत्र के चकपिहानी में ऐतिहासिक ठाकुर जी का मंदिर है। राधा-कृष्ण के मंदिर में सुविधाओं का अभाव है। महंत नेत्रपाल दास ने बताया कि वह 22 वर्षो से यहां रहते है। यह मंदिर 1575 के आसपास का है। यहां कार्तिक में भंडारा होता है। दूरदराज से लोग पूजा-अर्चन करने आते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं की कमी है। पर्यटन अधिकारी विकास नारायण ने बताया कि चकपिहानी में ठाकुर जी के मंदिर के सुंदरीकरण के लिए करीब दो करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। यहां इंटरलॉकिंग, बेंच, सोलर लाइट, यात्री भवन, पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, गेट आदि बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। यहां प्राथमिकता के साथ पर्यटन विकास के कार्य कराएं जाएंगे।
विज्ञापन

...
फोटो
पसरा माफी शिव मंदिर मेंं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का टोटा
गोरखनाथ मंदिर से जुड़े परसा माफी शिव मंदिर के पास पोखरा है। यहां आने-जाने के लिए संपर्क बदहाल है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का टोटा है। पोखरा भी जीर्णशीर्ण है। परसा माफी छावनी के प्रबंधक अंगद चौधरी ने बताया कि दिसंबर 2022 में उन्होंने मुख्यमंत्री को शिव मंदिर के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव दिया था। यहां सुंदरीकरण कार्य कराने से पर्यटन और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण दिलीप शर्मा ने कहा कि करीब 45 वर्ष पूर्व गोरखनाथ मंदिर के बड़े महंत स्वर्गीय अवैद्यनाथ अपनी छावनी सांथा क्षेत्र के परसा माफी गांव में आए थे। ग्रामीणों की मांग पर मंदिर की स्थापना व पोखरे का निर्माण करवाया था। यहां हर वर्ष जन्माष्टमी के दूसरे दिन मेला लगता है। जहां पर मटका फोड़ने और आल्हा का आयोजन होता है। इस मेले में दूरदराज के लोग आते हैं। पर्यटन अधिकारी विकास नारायण ने बताया कि परसा मफी शिवमंदिर के सुंदरीकरण की योजना स्वीकृत हो गई है। यहां पोखरे का रिटेनिंग वॉल, घाट, पुलिया, यात्री निवास, चहारदीवारी, पाथवे, इंटरलॉकिंग और सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए 2. 76 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए है। टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उम्मीद है कि नवंबर में काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

...

बाबा बैजनाथ धाम में समस्याएं तमाम, अब दूर होने की उम्मीद

धनघटा/लोहरैया। धनघटा तहसील क्षेत्र के पूर्वी छोर पर कुआनो नदी के किनारे गोरखपुर जिले की सीमा पर स्थित बाबा बैजनाथ शिव मंदिर श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है। मुगल काल से पहले से स्थापित इस प्राचीन मंदिर में महाशिवरात्रि, सावन माह और प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु पहुंचकर जलाभिषेक कर मन्नत मांगते हैं, लेकिन मंदिर परिसर में चहारदीवारी, सार्वजनिक शौचालय, बिजली आदि की समस्या बनी हुई है।

बैजनाथ धाम के मुख्य संरक्षक अनिल राय बताते हैं कि इस मंदिर का इतिहास करीब 800 वर्ष पुराना है। मुगलों के शासनकाल के पहले से मंदिर का उत्थान हुआ था। अनिल राय के पूर्वज ने मंदिर के नाम से 25 बीघा जमीन दान दी थी। मंदिर के पुजारी को जीने खाने के लिए तीन बीघे जमीन अलग से दान की गई है। महाशिवरात्रि हो या सावन का महीना या प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए यहां पर गोरखपुर, संतकबीर नगर, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती आदि जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में मेला भी लगता है। पर्यटन अधिकारी विजय नारायण ने बताया कि बैजूनाथ धाम के सुंदरीकरण के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार हुआ है। यहां इंटरलॉकिंग, बेंच, पेयजल , शौचालय, सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। संवाद

...
कोट

यह बहुत ही रमणीक स्थान है। कुआनो नदी के किनारे होने के कारण यहां की सुंदरता और भव्यता और बढ़ गई है। सावन के महीने और महाशिवरात्रि के दिन यहां पर अपार भीड़ होती है, लेकिन मंदिर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पेयजल, शौचालय, बिजली की व्यवस्था जैसी होनी चाहिए वैसी नहीं है। साफ-सफाई न होने से गंदगी लगी रहती है, जिसे यहां के साधु-संत साफ करते रहते हैं। यदि पर्यटन विभाग इस मंदिर का सुंदरीकरण कराने का काम मानक के अनुरूप कराए तो यहां की भव्यता में चार चांद लग जाएंगे।

-प्रहलाद गोस्वामी, मुख्य पुजारी

...

कठिनइया नदी के किनारे प्रस्तावित घाट निर्माण से मिलेगी सहूलियत

हरिहरपुर। नाथनगर ब्लाॅक के टिकुईकोल गांव के पास स्थित कठिनइया नदी के किनारे घाट बनाया जाएगा। पर्यटन विभाग ने यहां घाट बनाने के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। घाट के निर्माण से गांव के लोगों को पर्व और त्योहारों के दौरान तमाम सहूलियत मिलेंगी। नदी के किनारे उगे झाड़ और कीचड़ से भी निजात मिलेगी। छठ पर्व पर अर्घ्य देने वाली व्रती महिलाओं और उनके परिजनों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। दशहरा पर्व पर मूर्तियों के विसर्जन के लिए घाट का निर्माण जरूरी है। नदी के पुल से मूर्तियों का विसर्जन काफी जोखिम भरा होता है। मूर्ति विसर्जन के लिए नदी के किनारे बने घाट सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर साबित होंगे। संवाद


...

शनिचरा बाजार दुर्गा मंदिर का भी होगा सुंदरीकरण
धनघटा। शनिचरा बाजार में स्थापित मां दुर्गा के मंदिर पर रामनवमी के साथ ही अन्य पर्व पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। यहां पर पास-पड़ोस गांव के लोग पहुंच कर कथा, कड़ाही पूजा करते हैं। यहां के सुंदरीकरण कार्य के लिए करीब दो करोड़ का प्रस्ताव तैयार हुआ है। यहां इंटरलॉकिंग, पाथवे, सोलर लाइट, बेंच, चहारदीवारी, शौचालय आदि कार्य कराए जाएगा। शनिचरा बाजार में राम जानकी मार्ग के उत्तर तरफ ग्राम समाज की भूमि है। जिस पर मंदिर की स्थापना के पूर्व दशहरा के अवसर पर अस्थाई मां भगवती की प्रतिमा स्थापित करके लोग भजन भाव किया करते थे। वर्ष 2008 में व्यापारियों समेत अन्य लोगों के मन में आया कि यहां पर स्थाई रूप से माता दुर्गा जी के मंदिर का निर्माण कराया जाए। उसके बाद जन सहयोग से मंदिर बनाया गया। यहां पर धर्मशाला का निर्माण भी हुआ है, लेकिन बाउंड्रीवॉल, सार्वजनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल का संकट बना हुआ है। संवाद




...
कोट
पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। पूरी कोशिश होगी कि पूर्व में जो प्रस्ताव भेजे गए हैं, उसकी शासन में पैरवी कर मंजूरी कराई जाए। विकास की दौड़ से पीछे छूटे ऐतिहासिक स्थलों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार शासन को भेजा जाएगा।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed