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शव देखकर फफक पड़े परिजन
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लालमति देवी के रोते बिलखते परिजन। संवाद
- फोटो : KHALILABAD
शव देखकर फफक पड़े परिजन
स्कूटी से गोरखपुर इलाज कराने जा रहे थे दंपती
सहजनवां के पास वाहन की चपेट में आ गए
धनघटा (संतकबीरनगर)। इलाज के लिए गोरखपुर जा रहे स्कूटी सवार दंपती सहजनवां के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसका पति मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है।
शाम के समय जब पत्नी का शव उसके घर लाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया। गागरगाड़ गांव के धनघटा चौक निवासी 58 वर्षीय बनारसी चौधरी 55 वर्षीय पत्नी लालमति देवी को स्कूटी पर बैठाकर गोरखपुर इलाज कराने जा रहे थे। सहजनवां के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे।
लोगों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने लालमति देवी को मृत घोषित कर दिया। कानूनी प्रक्रिया के बाद शाम के समय लालमति देवी का शव उनके घर लाया गया तो बेटे सतीश, विजय, संतोष मां का शव देखकर फफक पड़े। छोटी बेटी बेबी की शादी अभी नहीं हुई है। मां के शव को देख बेटी सदमे में है। अचानक हुए हादसे की जानकारी पर तमाम लोग उनके घर पहुंच गए। बनारसी चौधरी का इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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स्कूटी से गोरखपुर इलाज कराने जा रहे थे दंपती
सहजनवां के पास वाहन की चपेट में आ गए
धनघटा (संतकबीरनगर)। इलाज के लिए गोरखपुर जा रहे स्कूटी सवार दंपती सहजनवां के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसका पति मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है।
शाम के समय जब पत्नी का शव उसके घर लाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया। गागरगाड़ गांव के धनघटा चौक निवासी 58 वर्षीय बनारसी चौधरी 55 वर्षीय पत्नी लालमति देवी को स्कूटी पर बैठाकर गोरखपुर इलाज कराने जा रहे थे। सहजनवां के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे।
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लोगों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने लालमति देवी को मृत घोषित कर दिया। कानूनी प्रक्रिया के बाद शाम के समय लालमति देवी का शव उनके घर लाया गया तो बेटे सतीश, विजय, संतोष मां का शव देखकर फफक पड़े। छोटी बेटी बेबी की शादी अभी नहीं हुई है। मां के शव को देख बेटी सदमे में है। अचानक हुए हादसे की जानकारी पर तमाम लोग उनके घर पहुंच गए। बनारसी चौधरी का इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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