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राप्ती नदी का फिर बढ़ा जलस्तर, पहुंचा 77 के पार
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राप्ती नदी का फिर बढ़ा जलस्तर, पहुंचा 77 के पार
रविवार को नदी का जलस्तर 77.90 मीटर पर पहुंचा
ड्रेनेज खंड के अधिकारी तटबंध पर जमाए डेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। दो दिनों की मूसलाधार बरसात के बाद राप्ती नदी के जलस्तर में एक बार फिर उछाल आ गया। वैसे तो खतरे के निशान 79.50 मीटर से नदी का जलस्तर 1.60 मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ ही विभागीय अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई है। तटबंध पर ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों ने डेरा गिरा रखा हैं। आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर चौतरफा मूसलाधार बारिश के कारण एक बार फिर उछाल पर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 77.90 मीटर मापा गया। वहीं, शाम को चार बजे नदी का जलस्तर स्थिर पाया गया। नौगो, विशुनपुर बांगर, बेलौली आदि स्थानों पर पानी तटबंध से सटकर बह रहा है। खैरा मंदिर के समीप कटान को रोकने के लिए विभागीय अधिकारी बाढ़ निरोधक कार्य भी करा रहे हैं। विभागीय अधिकारी बरसात और होने और नदी का जलस्तर बढ़ने को लेकर आशंकित हैं। अवर अभियंता तटबंध की लगातार जहां निगरानी कर रहे हैं, वहीं, आवश्यकता अनुसार तटबंध को सुरक्षित करने का कार्य भी कर रहे हैं। ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 1.60 मीटर नीचे है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। बरसात बढ़ने पर नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसको लेकर एहतियात बरते जा रहे हैं।
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रविवार को नदी का जलस्तर 77.90 मीटर पर पहुंचा
ड्रेनेज खंड के अधिकारी तटबंध पर जमाए डेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। दो दिनों की मूसलाधार बरसात के बाद राप्ती नदी के जलस्तर में एक बार फिर उछाल आ गया। वैसे तो खतरे के निशान 79.50 मीटर से नदी का जलस्तर 1.60 मीटर नीचे है, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ ही विभागीय अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई है। तटबंध पर ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों ने डेरा गिरा रखा हैं। आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर चौतरफा मूसलाधार बारिश के कारण एक बार फिर उछाल पर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 77.90 मीटर मापा गया। वहीं, शाम को चार बजे नदी का जलस्तर स्थिर पाया गया। नौगो, विशुनपुर बांगर, बेलौली आदि स्थानों पर पानी तटबंध से सटकर बह रहा है। खैरा मंदिर के समीप कटान को रोकने के लिए विभागीय अधिकारी बाढ़ निरोधक कार्य भी करा रहे हैं। विभागीय अधिकारी बरसात और होने और नदी का जलस्तर बढ़ने को लेकर आशंकित हैं। अवर अभियंता तटबंध की लगातार जहां निगरानी कर रहे हैं, वहीं, आवश्यकता अनुसार तटबंध को सुरक्षित करने का कार्य भी कर रहे हैं। ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 1.60 मीटर नीचे है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। बरसात बढ़ने पर नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसको लेकर एहतियात बरते जा रहे हैं।
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