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Sant Kabir Nagar News: राप्ती नदी के जलस्तर में फिर उछाल, 77 मीटर के पार
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पानी में बढ़ोतरी से अधिकारी व ग्रामीण चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। विकासखंड क्षेत्र स्थित राप्ती नदी के जलस्तर में एक बार फिर उछाल आया है। नदी का जलस्तर 77 मीटर के पार पहुंच गया, इस कारण ड्रेनेज खंड के अधिकारियों व ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वैसे विभाग का दावा है कि बढ़ते जलस्तर के बाद भी बांध पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।
मेंहदावल विकासखंड क्षेत्र के पूर्वी उत्तरी दिशा में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर 77.7 मीटर पर पहुंच गया, जबकि इससे पूर्व मंगलवार को नदी का जलस्तर 75.6 मीटर मापा गया था। राप्ती के जलस्तर में बढ़ोतरी ने विभागीय जिम्मेदारों को चिंता में डाल दिया है। फिलहाल नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है। 19.2 किलोमीटर लंबा करमैनी बेलौली तटबंध पर जल स्तर का प्रभाव तो अभी नहीं पड़ रहा है, लेकिन यदि लगातार नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो तटबंध पर इसका दबाव पड़ना शुरू हो जाएगा। जिससे तटबंध से सटे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। वैसे भी करीब दो दर्जन गांव की सुरक्षा नदी व आबादी के बीच केवल तटबंध ही है। ऐसे में बढ़ता जलस्तर आबादी वाले क्षेत्र के लोगों को चिंता बढ़ा रही है। जबकि ड्रेनेज खंड द्वितीय के जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि बढ़ते जल स्तर के बावजूद बांध पर कोई प्रभाव जलस्तर का नहीं है। बांध की पुख्ता सुरक्षा के लिए बाढ़ निरोधक कार्य करने के साथ ही अति संवेदनशील कटान स्थलों तथा संवेदनशील कटान स्थलों पर बाढ़ बचाव कार्य किए गए हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार का कहना है बढ़ते जल स्तर के बाद तटबंध तथा जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर का तटबंध पर कोई प्रभाव कहीं से भी नहीं है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। विकासखंड क्षेत्र स्थित राप्ती नदी के जलस्तर में एक बार फिर उछाल आया है। नदी का जलस्तर 77 मीटर के पार पहुंच गया, इस कारण ड्रेनेज खंड के अधिकारियों व ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वैसे विभाग का दावा है कि बढ़ते जलस्तर के बाद भी बांध पर इसका कोई प्रभाव नहीं है।
मेंहदावल विकासखंड क्षेत्र के पूर्वी उत्तरी दिशा में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर 77.7 मीटर पर पहुंच गया, जबकि इससे पूर्व मंगलवार को नदी का जलस्तर 75.6 मीटर मापा गया था। राप्ती के जलस्तर में बढ़ोतरी ने विभागीय जिम्मेदारों को चिंता में डाल दिया है। फिलहाल नदी का जलस्तर अभी बढ़ रहा है। 19.2 किलोमीटर लंबा करमैनी बेलौली तटबंध पर जल स्तर का प्रभाव तो अभी नहीं पड़ रहा है, लेकिन यदि लगातार नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो तटबंध पर इसका दबाव पड़ना शुरू हो जाएगा। जिससे तटबंध से सटे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। वैसे भी करीब दो दर्जन गांव की सुरक्षा नदी व आबादी के बीच केवल तटबंध ही है। ऐसे में बढ़ता जलस्तर आबादी वाले क्षेत्र के लोगों को चिंता बढ़ा रही है। जबकि ड्रेनेज खंड द्वितीय के जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि बढ़ते जल स्तर के बावजूद बांध पर कोई प्रभाव जलस्तर का नहीं है। बांध की पुख्ता सुरक्षा के लिए बाढ़ निरोधक कार्य करने के साथ ही अति संवेदनशील कटान स्थलों तथा संवेदनशील कटान स्थलों पर बाढ़ बचाव कार्य किए गए हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार का कहना है बढ़ते जल स्तर के बाद तटबंध तथा जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर का तटबंध पर कोई प्रभाव कहीं से भी नहीं है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है।
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