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राप्ती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची
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मेंहदावल में राप्तीनदी का बढ़ रहा जलस्तर।
- फोटो : KHALILABAD
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राप्ती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंची
मेंहदावल (संतकबीरनगर)। लगातार हुई बारिश के चलते क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से मात्र दस सेंटीमीटर नीचे है। करमैनी-बेलौली तटबंध पर राप्ती नदी का जलस्तर लगातार दबाव बनाए हुए है। वर्तमान में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान 79.50 मीटर से 10 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है।
19.200 किलोमीटर लंबे करमैनी बेलौली तटबंध पर राप्ती नदी का बढ़ता जलस्तर दबाव बना रहा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर जहां 79.45 मीटर से घटकर शाम चार बजे 79.30 मीटर आ गया था। बुधवार सुबह आठ बजे नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर का इजाफा देखा गया और जलस्तर 79.35 मीटर पहुंच गया। जबकि शाम चार बजे ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने जब जलस्तर मापा तो नदी का जलस्तर 79.40 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे है।
जलस्तर जहां बढ़ रहा है वहीं नौगो, बढ़या, तिवारीपुर व बेलौली में जलस्तर का तटबंध पर सीधा दबाव पड़ रहा है। खैरा मंदिर के पास कटान की स्थिति भी सामने आ रही है। ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी व कर्मचारी बढ़ते जलस्तर को लेकर तटबंध पर डेरा जमाएं हैं। तटबंधों को सुरक्षित करने के लिए विभाग ठेकेदारों से काम कराते हुए देखे जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि चौतरफा बारिश के कारण नदी के जलस्तर में तीसरी बार उछाल आया है, लेकिन बाढ़ की आशंका निराधार है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। फिलहाल बढ़ता जलस्तर विभाग व क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सहायक अभियंता राम उजागिर लाल व अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद भी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। बाढ़ की आशंका कही से भी नही है। लोगों व तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभाग व प्रशासन पूरी तरह से सर्तक है।
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मेंहदावल (संतकबीरनगर)। लगातार हुई बारिश के चलते क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से मात्र दस सेंटीमीटर नीचे है। करमैनी-बेलौली तटबंध पर राप्ती नदी का जलस्तर लगातार दबाव बनाए हुए है। वर्तमान में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान 79.50 मीटर से 10 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है।
19.200 किलोमीटर लंबे करमैनी बेलौली तटबंध पर राप्ती नदी का बढ़ता जलस्तर दबाव बना रहा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर जहां 79.45 मीटर से घटकर शाम चार बजे 79.30 मीटर आ गया था। बुधवार सुबह आठ बजे नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर का इजाफा देखा गया और जलस्तर 79.35 मीटर पहुंच गया। जबकि शाम चार बजे ड्रेनेज खंड के अधिकारियों ने जब जलस्तर मापा तो नदी का जलस्तर 79.40 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से मात्र 10 सेंटीमीटर नीचे है।
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जलस्तर जहां बढ़ रहा है वहीं नौगो, बढ़या, तिवारीपुर व बेलौली में जलस्तर का तटबंध पर सीधा दबाव पड़ रहा है। खैरा मंदिर के पास कटान की स्थिति भी सामने आ रही है। ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी व कर्मचारी बढ़ते जलस्तर को लेकर तटबंध पर डेरा जमाएं हैं। तटबंधों को सुरक्षित करने के लिए विभाग ठेकेदारों से काम कराते हुए देखे जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि चौतरफा बारिश के कारण नदी के जलस्तर में तीसरी बार उछाल आया है, लेकिन बाढ़ की आशंका निराधार है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। फिलहाल बढ़ता जलस्तर विभाग व क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सहायक अभियंता राम उजागिर लाल व अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद भी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। बाढ़ की आशंका कही से भी नही है। लोगों व तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभाग व प्रशासन पूरी तरह से सर्तक है।
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