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Sant Kabir Nagar News: कुछ ईंटें निकलने के बाद ढांचे काे ढहा दिया था

Sun, 21 Jan 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 21 Jan 2024 12:59 AM IST
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तब सोचा नहीं था कि प्रभु श्रीराम का मंदिर बन पाएगा
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फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। 40 दिन देवरिया की जेल में बंद रहे कार सेवकों ने बताया कि अक्तूबर 1990 की परिस्थितियां ऐसी थीं कि राम मंदिर निर्माण होने की बात सोच से परे थी। आज प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा होगी। यह क्षण जीवन का सबसे सुखद क्षण है।
नगर पंचायत हरिहरपुर निवासी भाजपा नेता समय देव पांडेय ने बताया कि कारसेवा के लिए लोगों को एकजुट करने की उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 1990 में पुलिस ने घर से ही गिरफ्तार कर लिया। आसपास के जिलों में इतने कारसेवक बंद थे कि कहीं जगह नहीं मिली तब पुलिस ने हमें देवरिया जेल में शिफ्ट किया। जहां सैकड़ों की संख्या में कार सेवक पहले से ही बंद थे। उस समय जेल में कई अन्य प्रांतों के कारसेवक भी बंद रहे।
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तत्कालीन सपा सरकार की ज्यादती से ऐसा लग रहा था कि अब प्रभु श्रीराम का मंदिर शायद बन नहीं पाएगा। लेकिन आज प्रभु श्रीराम का मंदिर बनकर तैयार हो गया है।
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कार सेवक हेमंत चतुर्वेदी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण और श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा का दिन हम सबके लिए खास है। उन्होंने बताया कि पांच दिसंबर 1992 को वे लोग कारसेवा में अयोध्या पहुंच गए थे। उन लोगों की टीम में संतराम गुप्ता, अशोक पांडेय, छोटेलाल मिश्र, छोटेलाल गुप्ता सहित आधा दर्जन से अधिक लोग शामिल रहे।
छह दिसंबर को सरयू नदी से बालू लेकर चबूतरे पर रखने के लिए कहा गया। लोग जैसे ही चबूतरे तक पहुंचे लोगों का धैर्य जवाब दे गया और विवादित ढांचे को ढहाने के लिए सब्बल लेकर चढ़ गए। ढांचा गिरने के बाद निर्देश मिला कि मलबा यहां नहीं रहना चाहिए। तब सबने एक एक ईंट उठा ली और प्रसाद स्वरूप लेकर चल दिए। कर्फ्यू लग जाने के चलते हम लोग अयोध्या से कप्तानगंज तक पैदल आए। उसके बाद ट्रॉली-ट्रैक्टर से पौली होते हुए घर पहुंचे।
कार सेवक संतराम गुप्ता ने बताया कि उस समय कारसेवकों का जत्था विवादित ढांचे के पास पहुंच गया था। लोग सब्बल, गइता लेकर ढांचे पर चढ़ गए। कुछ ईंट निकालने के बाद लोग हाथ से ही ढांचे को ढहा दिए। प्रसाद के रूप में लोग एक एक ईंट लेकर जय श्री राम का नारा लगाते हुए अयोध्या से निकल गए। लेकिन कर्फ्यू लग जाने के चलते हम लोगों को काफी पैदल चलना पड़ा।

22 जनवरी को प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। यह जीवन का सबसे सुखद दिन है। अब अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन जरूर करेंगे। यह लोगों के लिए गौरव का दिन है।
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