फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   rambhakt

Sant Kabir Nagar News: कोठारी बंधुओं को सामने ही लगी थी गोली

Fri, 19 Jan 2024 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Fri, 19 Jan 2024 02:09 AM IST
विज्ञापन
rambhakt
फोटो है
विज्ञापन


तीन बैरियर तोड़कर पहुंचे थे अयोध्या, हो गया लाठी चार्ज
अयोध्या का मंजर सोचकर आज भी कांप जाती है रूह

खगेंद्र प्रसाद मिश्र
धनघटा। विवादित ढांचा गिराने को लेकर कार सेवक तीन बैरियर तोड़कर अयोध्या तक पहुंचे थे। पुलिस कर्मी उमा भारती काे खींचते हुए ले जा रहे थे। कोठारी बंधु को सामने ही गोली लगी थी। उस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इस वाकये को याद कर कार सेवक आज भी सहम जाते हैं।
18 अक्तूबर 1990 की रात थी। राम मंदिर से जुड़े आंदोलन में सम्मिलित होने वाले सक्रिय लोगों की गिरफ्तारी मुलायम सरकार के इशारे पर की जा रही थी। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत सभी अनुषांगिक संगठन के लोग राम मंदिर आंदोलन को धार दे चुके थे। गांव-गांव राम ज्योति पहुंच रही थी। लोग कार सेवा के लिए अयोध्या जाने की तैयारी में थे। ऐसे में लोगों की गिरफ्तारियां शुरू हो गईं। उसके बाद भी राम भक्तों के हौसले बुलंद थे। वे आंदोलन को धार देने में जुटे थे। इससे महुली क्षेत्र भी अछूता नहीं था।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत गजाधरपुर के राजस्व गांव दौलतपुर निवासी वीरेंद्र त्रिपाठी और शनिचरा चौबे गांव निवासी हरिनारायण निषाद बताते हैं कि 18 अक्तूबर 1990 को आधी रात बगल के गांव मिश्रौलिया निवासी भरत तिवारी और गजाधरपुर गांव निवासी मास्टर रमेश तिवारी के साथ पैदल ही अयोध्या के लिए निकल गया। पुलिस की गिरफ्तारी से बचते हुए सरयू नदी के मैंदी घाट पहुंचे। वहां से नदी की तलहटी होते हुए कलवारी पहुंचे। वहां से एक साधु बाबा ने नाव से नदी को पार करा दिया। वहां से नदी के किनारे-किनारे चल कर अयोध्या पहुंचे। वहां उमा भारती और गुजरात के एक सांसद कार सेवकों का संचालन कर रहे थे। दूसरे दिन सुबह जब कार सेवा शुरू हुई तो बच्चा-बच्चा राम का जन्म भूमि के काम का, नारे से पूरी अयोध्या गूंज उठी थी। हर तरफ जय श्रीराम के नारे लगने लगे। कार सेवकों का जत्था जोश से लबरेज होकर पुलिस का तीन बैरियर तोड़ कर आगे बढ़कर चौथे बैरियर पर पहुंचा था। उसी दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज शुरू कर दिया। लेकिन कार सेवक रुके नहीं। पुलिस कर्मी उमा भारती को खींचते हुए गाड़ी में बैठाकर ले गए। उसके बाद तिब्बत फोर्स के कमांडर उस्मान अली के आदेश पर कार सेवकों पर गोली चलने लगी। लाठी चार्ज में वीरेंद्र त्रिपाठी को दो, हरिनारायण को तीन और भरत तिवारी और रमेश तिवारी को भी एक एक लाठी लगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वीरेंद्र त्रिपाठी और हरिनारायण निषाद ने बताया कि उन लोगों के सामने निहत्थे सैकड़ों कार सेवकों को गोली मारी गई थी। हम लोगों के सामने ही कोठारी बंधुओं को गोली लगी थी। किसी तरह बचकर सरयू किनारे पहुंचा तो नदी में लाश ही लाश दिखाई दे रही थी। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए हुए आंदोलन को कार सेवक कभी भुला नहीं पाएंगे। वह मंजर सोचकर आज भी रूह कांप जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed