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उर्वरकों की दुकानों पर हुई छापामारी, एक दुकान निलंबित
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उर्वरकों की दुकानों पर हुई छापामारी, एक दुकान निलंबित
तीनों तहसीलों में चला अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए डीएम दिव्या मित्तल द्वारा गठित संयुक्त छापा टीम ने तीनों तहसीलों में एक साथ उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापा की कार्रवाई की। इस दौरान जहां विभिन्न दुकानों से नमूने लिए गए वहीं एक दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
धनघटा तहसील में एसडीएम धनघटा व जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा की संयुक्त टीम ने छापा की कार्रवाई करते हुए एक एसएसपी और एक सल्फर का नमूना लिया, जबकि तहसील खलीलाबाद में उप कृषि निदेशक ने एक डीएपी, एक यूरिया और दो एसएसपी के नमूने लेकर आठ उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार तहसील मेंहदावल में एसडीएम मेंहदावल व भूमि संरक्षण अधिकारी ने कुल 12 उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच करते हुए डीएपी के दो, एसएसपी के दो व एमओपी के दो नमूने संग्रहीत किए। जिसे जांच को भेजा जाएगा। परीक्षण परिणाम के अनुसार कार्रवाई की। एग्री जंक्शन मंझरिया गंगा के द्वारा स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित नहीं करने, स्टॉक एवं बिक्री पंजिका नहीं होने के कारण लाइसेंस निलंबित कर बिक्री बंद कर दी गई। डीसीएफ धनघटा के द्वारा उर्वरक को व्यवस्थित रूप से नहीं रखने के कारण, कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया, जबकि आईएफएफ डीसी उमरिया बाजार के द्वारा बिक्री पंजिका में कृषक का स्पष्ट उल्लेख नहीं करने के कारण, कारण बताओ नोटिस निर्गत हुआ, जबकि नागेंद्र यादव सीमेंट एवं खाद भंडार बभनी बाजार के निरीक्षण में अपेक्षित सहयोग नहीं करने के कारण बिक्री प्रतिबंधित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि भविष्य में भी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापा की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जिस भी केंद्र पर पीओएस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया जाएगा अथवा किसानों का रसीद नहीं दी जाएगी, निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की जाएगी अथवा किसी कम महत्वपूर्ण उत्पाद की टैगिंग की जाती है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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तीनों तहसीलों में चला अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए डीएम दिव्या मित्तल द्वारा गठित संयुक्त छापा टीम ने तीनों तहसीलों में एक साथ उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापा की कार्रवाई की। इस दौरान जहां विभिन्न दुकानों से नमूने लिए गए वहीं एक दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
धनघटा तहसील में एसडीएम धनघटा व जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा की संयुक्त टीम ने छापा की कार्रवाई करते हुए एक एसएसपी और एक सल्फर का नमूना लिया, जबकि तहसील खलीलाबाद में उप कृषि निदेशक ने एक डीएपी, एक यूरिया और दो एसएसपी के नमूने लेकर आठ उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार तहसील मेंहदावल में एसडीएम मेंहदावल व भूमि संरक्षण अधिकारी ने कुल 12 उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच करते हुए डीएपी के दो, एसएसपी के दो व एमओपी के दो नमूने संग्रहीत किए। जिसे जांच को भेजा जाएगा। परीक्षण परिणाम के अनुसार कार्रवाई की। एग्री जंक्शन मंझरिया गंगा के द्वारा स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित नहीं करने, स्टॉक एवं बिक्री पंजिका नहीं होने के कारण लाइसेंस निलंबित कर बिक्री बंद कर दी गई। डीसीएफ धनघटा के द्वारा उर्वरक को व्यवस्थित रूप से नहीं रखने के कारण, कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया, जबकि आईएफएफ डीसी उमरिया बाजार के द्वारा बिक्री पंजिका में कृषक का स्पष्ट उल्लेख नहीं करने के कारण, कारण बताओ नोटिस निर्गत हुआ, जबकि नागेंद्र यादव सीमेंट एवं खाद भंडार बभनी बाजार के निरीक्षण में अपेक्षित सहयोग नहीं करने के कारण बिक्री प्रतिबंधित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि भविष्य में भी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापा की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जिस भी केंद्र पर पीओएस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया जाएगा अथवा किसानों का रसीद नहीं दी जाएगी, निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की जाएगी अथवा किसी कम महत्वपूर्ण उत्पाद की टैगिंग की जाती है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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