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एसडीएम की टीम ने औद्योगिक इकाइयों पर मारा छापा
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पशु आहार बनाने वाली फैक्ट्री में यूरिया की जांच करते एसडीएम और जिला कृषि अधिकारी ।
- फोटो : KHALILABAD
एसडीएम की टीम ने औद्योगिक इकाइयों पर मारा छापा
अनुदानित यूरिया के उपयोग की संभावना के मद्देनजर उठाया कदम
कार्रवाई से फै क्ट्री संचालकों में मचा हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शनिवार को एसडीएम राजनारायण त्रिपाठी, सीओ जीडी मिश्र और जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा की टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया में यूरिया के उपयोग के संभावित इस्तेमाल के मद्देनजर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों पर छापा मारा। इस दौरान उन्हें यूरिया का उपयोग होते नहीं मिला। एसडीएम की इस कार्रवाई से फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम राजनारायण त्रिपाठी ने बताया कि फैक्ट्रियों में टेक्निकल ग्रेड यूरिया या अनुदानित यूरिया के प्रयोग की संभावना को देखते हुए इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कृषि औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई जहां पशु आहार का उत्पादन होता है। इस निरीक्षण के समय किसी प्रकार के यूरिया उपयोग होता नहीं पाया गया। इसके उपरांत एक अन्य प्राइवेट औद्योगिक इकाई पर भी छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि कृषकों को दी जाने वाली अनुदानित यूरिया के उपयोग को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। फिल्हाल किसी भी फैक्ट्री में यूरिया का उपयोग होते नहीं मिला।
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अनुदानित यूरिया के उपयोग की संभावना के मद्देनजर उठाया कदम
कार्रवाई से फै क्ट्री संचालकों में मचा हड़कंप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शनिवार को एसडीएम राजनारायण त्रिपाठी, सीओ जीडी मिश्र और जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा की टीम ने इंडस्ट्रियल एरिया में यूरिया के उपयोग के संभावित इस्तेमाल के मद्देनजर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों पर छापा मारा। इस दौरान उन्हें यूरिया का उपयोग होते नहीं मिला। एसडीएम की इस कार्रवाई से फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम राजनारायण त्रिपाठी ने बताया कि फैक्ट्रियों में टेक्निकल ग्रेड यूरिया या अनुदानित यूरिया के प्रयोग की संभावना को देखते हुए इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कृषि औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई जहां पशु आहार का उत्पादन होता है। इस निरीक्षण के समय किसी प्रकार के यूरिया उपयोग होता नहीं पाया गया। इसके उपरांत एक अन्य प्राइवेट औद्योगिक इकाई पर भी छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि कृषकों को दी जाने वाली अनुदानित यूरिया के उपयोग को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। फिल्हाल किसी भी फैक्ट्री में यूरिया का उपयोग होते नहीं मिला।
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