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Sant Kabir Nagar News: गर्मी में बेहाल हो रहे मरीज के तीमारदार, न पंखा और न ही बैठने के इंतजाम
Mon, 05 Jun 2023 11:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 05 Jun 2023 11:00 PM IST
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संतकबीरनगर। भीषण गर्मी में जिला अस्पताल के जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, पैथालॉजी विभाग में मरीज के तीमारदार परेशान हो रहे हैं। मरीजों की देखभाल के तीमारदारों को बरामदे में जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ता है। इस भीषण गर्मी में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां न तो बैठने का इंतजाम है, और न ही पंखे का इंतजाम, जिससे लोग परेशान हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1200 के करीब मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके साथ ही 200 के करीब मरीजों की पैथालॉजी में ब्लड जांच भी होती है। इसके साथ ही जनरल वार्ड में भी मरीज भर्ती होने के लिए आते हैं। जो मरीज भर्ती होते हैं उनके तीमारदारों को बैठने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। मरीज के परिजन अस्पताल के बरामदे में बैठकर मरीजों की देखभाल करते हैं। यहां न तो पंखे का इंतजाम है, और न ही बैठने के लिए कोई बेंच आदि की व्यवस्था है।
जनरल वार्ड में भर्ती मरीज के परिजन सुखदेव, महेंद्र, संचिता आदि का कहना था कि घर के कुछ लोगों को दिक्कत थी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वार्ड में बैठ नहीं सकते हैं, इसलिए बरामदे में बैठकर ही मरीज की सेवा की जा रही है। खाना पानी आदि पहुंचाया जाता है। इस गर्मी में काफी परेेशानी हो रही है। यही हाल जिला अस्पताल के प्रथम तल की ओपीडी का है। यहां मरीजों के बैठने के लिए सीमेंटेंड सीट लगी है, लेकिन जो पंखा लगा है वह काफी दूर है। वहां से हवा नहीं लगती है। अगर सीमेंटेंड सीट के ऊपर पंखा होता है तो वहां बैठने वालों को इसका लाभ मिलता।
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मरीजों के बैठने के लिए जनरल वार्ड के बाहर बेंच लगी है, लेकिन वह कम पड़ जा रहा है, जहां पंखे का सवाल है तो जहां पर जरूरत है वहां लगवाया जा रहा है। मरीजों के परिजनों की सुविधा प्राथमिकता में है।
-डॉ. महेश प्रसाद, सीएमएस
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1200 के करीब मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके साथ ही 200 के करीब मरीजों की पैथालॉजी में ब्लड जांच भी होती है। इसके साथ ही जनरल वार्ड में भी मरीज भर्ती होने के लिए आते हैं। जो मरीज भर्ती होते हैं उनके तीमारदारों को बैठने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। मरीज के परिजन अस्पताल के बरामदे में बैठकर मरीजों की देखभाल करते हैं। यहां न तो पंखे का इंतजाम है, और न ही बैठने के लिए कोई बेंच आदि की व्यवस्था है।
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जनरल वार्ड में भर्ती मरीज के परिजन सुखदेव, महेंद्र, संचिता आदि का कहना था कि घर के कुछ लोगों को दिक्कत थी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वार्ड में बैठ नहीं सकते हैं, इसलिए बरामदे में बैठकर ही मरीज की सेवा की जा रही है। खाना पानी आदि पहुंचाया जाता है। इस गर्मी में काफी परेेशानी हो रही है। यही हाल जिला अस्पताल के प्रथम तल की ओपीडी का है। यहां मरीजों के बैठने के लिए सीमेंटेंड सीट लगी है, लेकिन जो पंखा लगा है वह काफी दूर है। वहां से हवा नहीं लगती है। अगर सीमेंटेंड सीट के ऊपर पंखा होता है तो वहां बैठने वालों को इसका लाभ मिलता।
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मरीजों के बैठने के लिए जनरल वार्ड के बाहर बेंच लगी है, लेकिन वह कम पड़ जा रहा है, जहां पंखे का सवाल है तो जहां पर जरूरत है वहां लगवाया जा रहा है। मरीजों के परिजनों की सुविधा प्राथमिकता में है।
-डॉ. महेश प्रसाद, सीएमएस