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Sant Kabir Nagar News: कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कहा कि मांगे पूरी नहीं हुईं तो नहीं लगेगी डिजिटल हाजिरी
Tue, 16 Jul 2024 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 16 Jul 2024 01:13 AM IST
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संतकबीरनगर। बेसिक स्कूलों में डिजिटल हाजिरी के खिलाफ शिक्षक संगठनों के साथ ही अब कर्मचारी संगठन भी लामबंद हो गए हैं। सोमवार को सैकड़ों शिक्षकों तथा कर्मचारियों ने डिजिटल हाजिरी के विरोध में कलक्ट्रेट का घेराव कर विरोध जताया। प्रदर्शन करते हुए शिक्षक संगठनों ने कहा कि जब तक सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता है तब तक किसी भी सूरत में डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जाएगी। इस दौरान सीएम को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन अपर उपजिलाधिकारी को दिया।
अटेवा, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जूनियर शिक्षक संघ, शिक्षामित्र संघ, टीएससीटी तथा अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे शिक्षकों कर्मचारियों ने एक स्वर से ऑनलाइन हाजिरी के मुद्दे पर विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने डिजिटल हाजिरी को पूरी तरह अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कई समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। इसके बारे में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया मगर किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक गुप्त ने कहा कि बिना मांगों को पूरा किए डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं की जाएगी। ऑनलाइन हाजिरी का आदेश अनुचित है। यह किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने मांग की है कि शहरी एवं आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति लागू करने के पूर्व आरटीई एक्ट में प्रस्तावित शिक्षकों के लिए आवास की व्यवस्था या तो विद्यालय में या फिर निकटतम स्थान पर की जाए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में सेवा दे चुके शिक्षकों का स्थानांतरण शहर में या निवास से निकट किया जाए। शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने कहा कि पहले शिक्षकों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाए उसके बाद ही ऑनलाइन हाजिरी का आदेश जारी किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो 29 जुलाई को लखनऊ में महानिदेशक कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रर्दशन किया जाएगा।
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इस दौरान अटेवा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार चौहान, टीएससीटी के जिला संयोजक राजेश मौर्य, अनुदेशक संघ के ओम नारायण शुक्ला, सुनील चौबे, सफाई कर्मचारी संघ के परमहंस गौतम, अरविंद चौधरी, केशरीलाल, अमरेश चौधरी, सुरेश मौर्य, सच्चिदानंद सिंह, आरिफ जमाल अंसारी, मनोज सिंह, श्याम नारायण सिंह, आनंद सिंह, सर्वेश राय, आशीष गौतम, आलोक सिंह, रामकेश गौतम, अनूप सिंह आदि मौजूद रहे।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षकों से जुड़ीं मांगों को लेकर सोमवार को बीएसए अमित कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि जनपद के शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति से पहले व्यवहारिक समस्याओं का समाधान चाहता है। शिक्षकों में बहुत नाराजगी असंतोष है।
शिक्षकों की मांग है कि ऑनलाइन हाजिरी लागू करने से पूर्व साल भर में 31 ईएल, 15 हाफ सीएल, डिजिटल हाजिरी की विस्तृत नियमावली, वर्षों से रुकी पदोन्नति, स्वैच्छिक समायोजन आदि शामिल हैं। इस दौरान ओम प्रकाश यादव, के सी सिंह, विजयनाथ यादव, जफीर अली करखी, शिवानंद मिश्र, अनिल सिंह, इंद्रकांत चौधरी, अभिनव प्रताप सिंह, दुर्गा प्रसाद, वेद प्रकाश त्रिपाठी, शिवचरण गुप्ता, रेनू चौधरी, शबाना खान, नूतन राय आदि मौजूद रही।
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अटेवा, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जूनियर शिक्षक संघ, शिक्षामित्र संघ, टीएससीटी तथा अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे शिक्षकों कर्मचारियों ने एक स्वर से ऑनलाइन हाजिरी के मुद्दे पर विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने डिजिटल हाजिरी को पूरी तरह अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कई समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। इसके बारे में कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया मगर किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक गुप्त ने कहा कि बिना मांगों को पूरा किए डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं की जाएगी। ऑनलाइन हाजिरी का आदेश अनुचित है। यह किसी भी रूप में स्वीकार नहीं है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने मांग की है कि शहरी एवं आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति लागू करने के पूर्व आरटीई एक्ट में प्रस्तावित शिक्षकों के लिए आवास की व्यवस्था या तो विद्यालय में या फिर निकटतम स्थान पर की जाए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में सेवा दे चुके शिक्षकों का स्थानांतरण शहर में या निवास से निकट किया जाए। शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने कहा कि पहले शिक्षकों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाए उसके बाद ही ऑनलाइन हाजिरी का आदेश जारी किया जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो 29 जुलाई को लखनऊ में महानिदेशक कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रर्दशन किया जाएगा।
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इस दौरान अटेवा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार चौहान, टीएससीटी के जिला संयोजक राजेश मौर्य, अनुदेशक संघ के ओम नारायण शुक्ला, सुनील चौबे, सफाई कर्मचारी संघ के परमहंस गौतम, अरविंद चौधरी, केशरीलाल, अमरेश चौधरी, सुरेश मौर्य, सच्चिदानंद सिंह, आरिफ जमाल अंसारी, मनोज सिंह, श्याम नारायण सिंह, आनंद सिंह, सर्वेश राय, आशीष गौतम, आलोक सिंह, रामकेश गौतम, अनूप सिंह आदि मौजूद रहे।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया ज्ञापन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षकों से जुड़ीं मांगों को लेकर सोमवार को बीएसए अमित कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि जनपद के शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति से पहले व्यवहारिक समस्याओं का समाधान चाहता है। शिक्षकों में बहुत नाराजगी असंतोष है।
शिक्षकों की मांग है कि ऑनलाइन हाजिरी लागू करने से पूर्व साल भर में 31 ईएल, 15 हाफ सीएल, डिजिटल हाजिरी की विस्तृत नियमावली, वर्षों से रुकी पदोन्नति, स्वैच्छिक समायोजन आदि शामिल हैं। इस दौरान ओम प्रकाश यादव, के सी सिंह, विजयनाथ यादव, जफीर अली करखी, शिवानंद मिश्र, अनिल सिंह, इंद्रकांत चौधरी, अभिनव प्रताप सिंह, दुर्गा प्रसाद, वेद प्रकाश त्रिपाठी, शिवचरण गुप्ता, रेनू चौधरी, शबाना खान, नूतन राय आदि मौजूद रही।