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एसडीएम और तहसीलदार को हटाने की मांग पर अड़े अधिवक्ता
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एसडीएम और तहसीलदार को हटाने की मांग पर अड़े अधिवक्ता
- कार्य बहिष्कार कर तहसील में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। एसडीएम और तहसीलदार को हटाए जाने की मांग के समर्थन में धनघटा तहसील के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक दोनों अधिकारी यहां से हटा नहीं दिए जाते हैं, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
तहसील बार एसोसिएशन धनघटा के अध्यक्ष लाल शरण सिंह ने कहा कि धनघटा तहसील में एसडीएम और तहसीलदार लंबे समय से कार्यरत हैं। दोनों अधिकारी जनहित का काम कम स्व हित का कार्य करने में लगे हुए हैं। छपरा मगरबी और चपरा पूर्वी गांव का अभिलेख गायब है। जिस कारण वहां के किसान काफी दिनों से परेशान हैं। इस समस्या का समाधान कराने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि धनघटा तहसील में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। बगैर रिश्वत के कोई काम नहीं होने वाला है। जिस कारण फरियादी से लेकर अधिवक्ता तक इन अधिकारियों के तानाशाही रवैये के कारण परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक दोनों अधिकारियों को यहां से हटा नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर प्रेम नारायण मिश्र, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, ऋषि नारायण ओझा, सुनील पांडेय, दिलीप राय और शिव प्रसाद राय आदि मौजूद थे।
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- कार्य बहिष्कार कर तहसील में किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। एसडीएम और तहसीलदार को हटाए जाने की मांग के समर्थन में धनघटा तहसील के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक दोनों अधिकारी यहां से हटा नहीं दिए जाते हैं, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
तहसील बार एसोसिएशन धनघटा के अध्यक्ष लाल शरण सिंह ने कहा कि धनघटा तहसील में एसडीएम और तहसीलदार लंबे समय से कार्यरत हैं। दोनों अधिकारी जनहित का काम कम स्व हित का कार्य करने में लगे हुए हैं। छपरा मगरबी और चपरा पूर्वी गांव का अभिलेख गायब है। जिस कारण वहां के किसान काफी दिनों से परेशान हैं। इस समस्या का समाधान कराने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि धनघटा तहसील में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। बगैर रिश्वत के कोई काम नहीं होने वाला है। जिस कारण फरियादी से लेकर अधिवक्ता तक इन अधिकारियों के तानाशाही रवैये के कारण परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक दोनों अधिकारियों को यहां से हटा नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर प्रेम नारायण मिश्र, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, ऋषि नारायण ओझा, सुनील पांडेय, दिलीप राय और शिव प्रसाद राय आदि मौजूद थे।
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