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Sant Kabir Nagar News: जिला अस्पताल और सीएचसी के सामने प्रेशर हॉर्न का शोर, मरीजों को होती है परेशानी

Thu, 21 Nov 2024 11:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 21 Nov 2024 11:05 PM IST
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Pressure horn noise in front of district hospital and CHC, patients face trouble
- ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ा, साइलेंस जोन में बजाते हैं तेज हाॅर्न
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- जाम के बीच वाहनों के हॉर्न से कान हो जाता है सुन्न



संतकबीरनगर। ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। जिला अस्पताल और सीएचसी के सामने वाहन चालक प्रेशर हॉर्न बजाकर निकलते हैं। जिसके चलते जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का कुछ देर के लिए कान सुन्न हो जाता है। वहीं अस्पताल के सामने आए दिन जाम की समस्या से लोग जूझते हैं। वाहन चालक हाॅर्न पर हाॅर्न बजाते हैं। अगर मरीज ई-रिक्शा या अन्य वाहन में हैं तो हाॅर्न उनके लिए समस्या बन जाती है, हालांकि अस्पताल साइलेंस जोन में आता है, लेकिन फिर भी लोग हॉर्न बजाने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
शहर में कई ऐसी काॅलोनियां हैं, जहां वाहनों की आवाजाही प्रतिदिन होती है। ऐसे में इन मोहल्ले में वाहनों के हाॅर्न लोगों को परेशान करते हैं। तेज आवाज में हाॅर्न बजने से बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। इससे बच्चे भी डर जाते हैं।
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शहर के जिला अस्पताल के सामने सबसे ज्यादा जाम की समस्या उत्पन्न होती है। यहां पर ई-रिक्शा जब अस्पताल परिसर से बाहर आते हैं तो मुख्य गेट पर खड़ी कर देते हैं। इसके बाद जब वह मुख्य सड़क पर अपनी लेन में आते है तो मेंहदावल मार्ग पर आने जाने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे बड़े वाहनो के प्रेशर हाॅर्न की आवाज अस्पताल तक सुनाई देती है, जिससे आने-जाने वाले मरीज परेशान होते हैं। उनके कानों तक प्रेशर हाॅर्न की आवाज गूंजती है। यही हाल सीएचसी खलीलाबाद का है। वहां भी वाहन चालक तेज हाॅर्न बजाते हैं, जिससे अस्पताल आने वाले मरीज परेशान होते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रो में भी माइक से करते हैं प्रचार
अभी तक शहर में डीजे, ध्वनि प्रदूषण फैलाने में सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। इसकी तेज आवाज से न केवल लोग परेशान है बल्कि सुनने की क्षमता पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अब रही सही कसर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में सामान बेचने वालों ने पूरी कर दी है। फेरी लगाकर सब्जी, चद्दर व अन्य खाने के सामान बेचने सहित कबाड़ी भी अपने वाहन पर लाउड स्पीकर लगाकर गली-मोहल्ले में घूमते रहते हैं। सड़कों पर चलने के दौरान इन सभी से न केवल दुर्घटनाओं का बल्कि लोगों की सुनने की क्षमता पर भी गहरा असर पड़ता है।

जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 मरीज पहुंच रहे
जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डाॅ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 मरीज श्रवण शक्ति कम होने की परेशानी लेकर आ रहे हैं। इन मरीजों की जांच और उनसे बातचीत में सामने आया कि यह परेशानी ज्यादा शोर के बीच ज्यादा समय तक रहने से हुई है। डाॅक्टर ने बताया कि बाजार में होने वाला शोरगुल 50- 60 डेसिबल तक पहुंच जाता है। इस शोर में लंबे समय तक बने रहने से श्रवण शक्ति कम होने का खतरा बना रहता है। कभी-कभी बाजार में 70 से 90 डेसिबल तक शोर पहुंच जाता है। इस शोर में चार घंटे या इससे अधिक समय तक रहने से व्यक्ति कुछ समय के लिए कम सुनने के शिकार हो रहे हैं। इसमें अधिक शोर के बीच से निकलने के बाद व्यक्ति को दो से तीन दिन तक कम सुनाई देने लगता है और उसके बाद धीरे-धीरे सुनने की शक्ति पहले जैसे हो जाती है, लेकिन यदि अधिक समय तक रहने पर सुनने की क्षमता समाप्त होने का खतरा बढ़ जाता है।

बोले लोग
जाम में फंसे, वाहनों के प्रेशर हाॅर्न ने किया परेशान
जिला अस्पताल में दिखाने आई आया था। मुख्य गेट पर वाहनों के खड़े रहने से जाम में फंस गया, जिससे पीछे के वाहन चालक हाॅर्न बजाने लगे। तेज आवाज ने काफी परेशान किया।
- सुनील कुमार,
पटखौली

शोरगुल से सुनने की क्षमता होगी कमजोर
कान में दिक्कत थी तो डॉक्टर को दिखाया। चिकित्सक ने बताया कि शोरगुल से दूर रहें। अगर ज्यादा देर तक शोरगुल में रहेंगे तो कान में दिक्कत आ सकती है। सुनने की क्षमता कमजोर हो जाएगी।


- एसएन चौधरी,
धर्मपुरा

पूजा-पाठ से भटक जाता है ध्यान
मंदिर जाने पर वाहनों की तेज आवाज आती है। सड़कों पर जा रहे वाहन तेज हॉर्न बजाते हैं, जिससे समस्या होती है। इससे पूजा पाठ से ध्यान भटक जाता है।
- सुशीला देवी,
समय माता मंदिर

हाॅर्न के शोर के चलते दवा लेने में होती है परेशानी
जिला अस्पताल स्थित मुख्य गेट पर दवा की दुकानें है। साथ ही यहां लोग वाहन खड़ा कर देते हैं। अन्य वाहन हाॅर्न बजाकर खड़े वाहनों को हटाने का संकेत देते हैं। हाॅर्न के शोर के चलते दवा लेने में परेशानी होती है। दवा का नाम कई बार बताना पड़ता है।
- दिफराजी देवी,
फरेनियां
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