फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   pressure for purchase medicine from outside

बाहर से जांच कराने और दवा खरीदने के लिए दबाव डालते हैं चिकित्सक

Tue, 20 Sep 2022 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 10:48 PM IST
विज्ञापन
pressure for purchase medicine from outside
जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने और दवा लेने के लिए लगी मरीजो की भीड़।संवाद - फोटो : KHALILABAD
बाहर से जांच कराने और दवा खरीदने के लिए दबाव डालते हैं चिकित्सक
विज्ञापन

- जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीजों ने सदर विधायक को सुनाई थी व्यथा
- विधायक के नाराजगी के बाद सीएमएस ने जारी किया चेतावनी पत्र
- बाहर से जांच करने के दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई की कही बात
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवा खरीदने और जांच कराने के लिए दबाव बनाते हैं। पिछले दिनों मरीजों ने निरीक्षण के दौरान सदर विधायक को अपनी पीड़ा सुनाई थी। विधायक ने नाराजगी जताई थी और सीएमएस से उचित कार्रवाई के लिए कहा था। अब सीएमएस ने पत्र जारी किया है। सीएमएस ने बाहर से दवा खरीदने और जांच कराने का दबाव बनाने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रविवार को जिला अस्पताल में मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन हुआ था। जिसमें सदर विधायक अंकुर राज तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस दौरान सदर विधायक ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया था। इमरजेंसी के निरीक्षण के दौरान मरीजों ने आरोप लगाया था कि डॉक्टर बाहर से दवा खरीदने और जांच कराने का दबाव बनाते हैं।
विज्ञापन

कुछ मरीजों ने कहा था कि अस्पताल में सिटी स्कैन मौजूद है, लेकिन डॉक्टर बाहर जांच कराने के लिए कहते हैं। ओपीडी में बाहर की दवा लिखने की शिकायत मिली थी। इसके अलावा अस्पताल परिसर में गदंगी भी मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिस पर सदर विधायक ने नाराजगी जताते हुए सीएमएस से व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। अब सीएमएस ने अस्पताल में कार्यरत सभी विभागों को मंगलवार को पत्र जारी किया है।
इमरजेंसी के लिए जारी पत्र में उन्होंने कहा है कि किसी भी मरीजों को बाहर से दवा खरीदने और जांच के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। अगर दवा नहीं मिल रही है तो उन्हें सूचित किया जाएगा। ओपीडी की मानीटरिंग की जाएगी। अस्पताल में सभी दवाएं मौजूद है चिकित्सक सिर्फ अस्पताल की दवा ही लिखेंगे।
सीएमएस ने सफाई के लिए जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को चेतावनी दी है कि अस्पताल परिसर की नियमित सफाई होनी चाहिए। वह इसकी मानीटरिंग प्रतिदिन कराएंगे। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्यदायी संस्था का भुगतान रोक दिया जाएगा।
इमरजेंसी में प्रतिदिन 100 से 120 कराते हैं इलाज
जिला अस्पताल के इमरजेंसी में प्रतिदिन 100 से 120 मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं ओपीडी में प्रतिदिन 1,500 से 1,600 मरीज इलाज के लिए आते हैं। पर्ची कांउटर से पर्ची बनवाने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज कराते हैं।
सिटी स्कैन के लिए बाहर लगते हैं दो हजार रुपये
जिला अस्पताल में सिटी स्कैन होता है, जरूरत के अनुसार चिकित्सक सिटी स्कैन के लिए लिखते हैं तो सिटी स्कैन नि:शुल्क किया जाता है। बाहर से सिटी स्कैन कराने में मरीज को दो हजार से 2,200 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड के लिए 500 से 700 रुपये बाहर लिए जाते हैं। जबकि जिला अस्पताल में यह नि:शुल्क है।

विधायक के निरीक्षण के दौरान मरीजों ने शिकायत किया था। जिसको गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को पत्र जारी किया गया है। अगर डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं और जांच कराने के लिए कहते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed