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प्रमोशन की आस में 546 परिषदीय शिक्षक
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प्रमोशन की आस में 546 परिषदीय शिक्षक
नियमानुसार पांच साल की सेवा पूूर्ण कर चुके शिक्षकों का होना चाहिए प्रमोशन
2016 के बाद जिले में नहीं हुआ शिक्षकों का प्रमोशन
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालय में तैनात शिक्षकों का छह साल से प्रमोशन नहीं हुआ है। जिले के 546 शिक्षकों को प्रमोशन का इंतजार है। यदि इन्हें प्रमोशन मिल जाए तो कुछ विद्यालयों को स्थायी प्रधानाध्यापक मिल जाएंगे।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 805 प्राथमिक, 192 उच्च प्राथमिक और 250 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब 2600 शिक्षक तैनात हैं। जिले के 152 विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। वर्ष 2016 में 499 शिक्षकों का प्रमोशन हुआ था। प्रमोशन पाकर यह शिक्षक जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक और प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक बने थे, लेकिन उसके बाद से प्रमोशन नहीं हुआ।
परिषदीय विद्यालय के 546 शिक्षक प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। इनमे कोई आठ तो कोई दस साल से कार्य कर रहा है। जबकि नियमानुसार पांच साल में शिक्षकों का प्रमोशन हो जाना चाहिए। पिछले तीन साल से शिक्षक संगठन प्रमोशन की मांग कर रहा है, लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही है।
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राज्य शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी का कहना है कि जिले में काफी संख्या में जूनियर स्कूल में शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं। यदि प्रमोशन हुआ होता तो शिक्षक तैनात होते और पठन पाठन व्यवस्था बेहतर होती। शिक्षकों के प्रमोशन की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को फिर पत्र भेजा जाएगा। संवाद
...
कोट
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के प्रमोशन का शासन से कोई आदेश नहीं आया है। यदि आदेश आता है तो नियमानुसार वरिष्ठता सूची जारी कर शिक्षकों का प्रमोशन किया जाएगा।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
...
परिषदीय शिक्षकों का छह साल से प्रमोशन नहीं हुआ है। इसके लिए कई बार मांगपत्र बीएसए को सौंपा गया, शासन स्तर पर भी मांगपत्र भेजा गया, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षकों का प्रमोशन न होने से काफी नुकसान हो रहा है। न
.अंबिका देवी यादव, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
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नियमानुसार पांच साल की सेवा पूूर्ण कर चुके शिक्षकों का होना चाहिए प्रमोशन
2016 के बाद जिले में नहीं हुआ शिक्षकों का प्रमोशन
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालय में तैनात शिक्षकों का छह साल से प्रमोशन नहीं हुआ है। जिले के 546 शिक्षकों को प्रमोशन का इंतजार है। यदि इन्हें प्रमोशन मिल जाए तो कुछ विद्यालयों को स्थायी प्रधानाध्यापक मिल जाएंगे।
जिले में 1247 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 805 प्राथमिक, 192 उच्च प्राथमिक और 250 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब 2600 शिक्षक तैनात हैं। जिले के 152 विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। वर्ष 2016 में 499 शिक्षकों का प्रमोशन हुआ था। प्रमोशन पाकर यह शिक्षक जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक और प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक बने थे, लेकिन उसके बाद से प्रमोशन नहीं हुआ।
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परिषदीय विद्यालय के 546 शिक्षक प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। इनमे कोई आठ तो कोई दस साल से कार्य कर रहा है। जबकि नियमानुसार पांच साल में शिक्षकों का प्रमोशन हो जाना चाहिए। पिछले तीन साल से शिक्षक संगठन प्रमोशन की मांग कर रहा है, लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही है।
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राज्य शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी का कहना है कि जिले में काफी संख्या में जूनियर स्कूल में शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं। यदि प्रमोशन हुआ होता तो शिक्षक तैनात होते और पठन पाठन व्यवस्था बेहतर होती। शिक्षकों के प्रमोशन की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को फिर पत्र भेजा जाएगा। संवाद
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कोट
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के प्रमोशन का शासन से कोई आदेश नहीं आया है। यदि आदेश आता है तो नियमानुसार वरिष्ठता सूची जारी कर शिक्षकों का प्रमोशन किया जाएगा।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
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परिषदीय शिक्षकों का छह साल से प्रमोशन नहीं हुआ है। इसके लिए कई बार मांगपत्र बीएसए को सौंपा गया, शासन स्तर पर भी मांगपत्र भेजा गया, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षकों का प्रमोशन न होने से काफी नुकसान हो रहा है। न
.अंबिका देवी यादव, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ