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पौली ब्लॉक के सृजन के बाद से निर्दल ही जीते
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पौली ब्लॉक के सृजन के बाद से निर्दल ही जीते
2005 के बाद किसी राजनीतिक दल के प्रत्याशी को नहीं मिली जीत
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/पौली। सृजन के बाद से अब तब पौली ब्लॉक पर निर्दल प्रत्याशियों ने जीत दर्ज हासिल की है। यहां पर राजनीतिक दल के प्रत्याशी ने अभी तक जीत दर्ज नहीं की है।
वर्ष 2003 में हैंसर ब्लॉक से अलग करके पौली ब्लॉक का सृजन किया गया। 2003 से 2004 तक हैंसर ब्लॉक की प्रमुख उषा देवी पौली ब्लॉक का भी कार्यभार संभाल रही थीं। वर्ष 2005 में जब प्रमुख पद का चुनाव हुआ तो निर्दल प्रत्याशी स्वर्गीय विपिन मिश्र सपा प्रत्याशी मुन्ना यादव को हराकर विजयी हुए थे। उसके बाद 2010 में चुनाव हुआ तो निर्दल उम्मीदवार के रूप में राना देवी चुनाव मैदान में उतरी और अपने प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी को हराकर चुनाव जीत लीं। वर्ष 2016 में राममिलन यादव की पत्नी शोभा देवी सपा से टिकट मांगी, लेकिन पार्टी ने शोभा देवी को समर्थन न करके रामचंदर यादव को चुनाव मैदान में उतार दिया। निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ीं शोभा देवी ने जीत दर्ज करके प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया। इस बार हुए प्रमुख चुनाव में भाजपा भी वही खेल खेला कि भाजपा ने राममिलन यादव को अपना उम्मीदवार न बनाकर अरुण पांडेय को चुनाव मैदान में उतार दिया। भाजपा से बगावत करके राममिलन यादव प्रमुख पद का चुनाव लड़े और भाजपा समर्थित प्रत्याशी को भारी मतों से हराकर प्रमुख पद पर कब्जा कर लिए। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पौली ब्लॉक का प्रमुख पद दलीय प्रत्याशियों के हाथ में अभी तक नहीं जा सका है, जबकि निर्दल यहां पर परचम फहराने में कामयाब हैं।
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2005 के बाद किसी राजनीतिक दल के प्रत्याशी को नहीं मिली जीत
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा/पौली। सृजन के बाद से अब तब पौली ब्लॉक पर निर्दल प्रत्याशियों ने जीत दर्ज हासिल की है। यहां पर राजनीतिक दल के प्रत्याशी ने अभी तक जीत दर्ज नहीं की है।
वर्ष 2003 में हैंसर ब्लॉक से अलग करके पौली ब्लॉक का सृजन किया गया। 2003 से 2004 तक हैंसर ब्लॉक की प्रमुख उषा देवी पौली ब्लॉक का भी कार्यभार संभाल रही थीं। वर्ष 2005 में जब प्रमुख पद का चुनाव हुआ तो निर्दल प्रत्याशी स्वर्गीय विपिन मिश्र सपा प्रत्याशी मुन्ना यादव को हराकर विजयी हुए थे। उसके बाद 2010 में चुनाव हुआ तो निर्दल उम्मीदवार के रूप में राना देवी चुनाव मैदान में उतरी और अपने प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी को हराकर चुनाव जीत लीं। वर्ष 2016 में राममिलन यादव की पत्नी शोभा देवी सपा से टिकट मांगी, लेकिन पार्टी ने शोभा देवी को समर्थन न करके रामचंदर यादव को चुनाव मैदान में उतार दिया। निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ीं शोभा देवी ने जीत दर्ज करके प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया। इस बार हुए प्रमुख चुनाव में भाजपा भी वही खेल खेला कि भाजपा ने राममिलन यादव को अपना उम्मीदवार न बनाकर अरुण पांडेय को चुनाव मैदान में उतार दिया। भाजपा से बगावत करके राममिलन यादव प्रमुख पद का चुनाव लड़े और भाजपा समर्थित प्रत्याशी को भारी मतों से हराकर प्रमुख पद पर कब्जा कर लिए। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पौली ब्लॉक का प्रमुख पद दलीय प्रत्याशियों के हाथ में अभी तक नहीं जा सका है, जबकि निर्दल यहां पर परचम फहराने में कामयाब हैं।
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