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नाथनगर बवाल पर राजनीति गरमाई 

Mon, 24 Apr 2017 11:48 PM IST
Sant Kabir Nagar
Sant Kabir Nagar Updated Mon, 24 Apr 2017 11:48 PM IST
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Politics overheating on Nathnagar
Crime shimla
नाथनगर ब्लॉक में क्षेत्र पंचायत की बैठक के दौरान हुए बवाल के बाद से जिले की सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। दोनों पक्ष खुद को निर्दोष बताते हुए कई बेगुनाह लोगों को केस में फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता के देखते अब एसओ महुली को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही पुलिस टीम वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिह्नित करने में जुटी हुई है। 
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21 अप्रैल को क्षेत्र पंचायत नाथनगर की बैठक में बीडीओ की अनुपस्थिति को लेकर एक पक्ष ने वाक आउट कर दिया। इसे लेकर सपा नेता एवं ब्लॉक प्रमुख शिवनाथ यादव और भाजपा नेता एवं पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल पाल गुट आमने- सामने आ गए थे। इस दौरान ईंट-पत्थर चले और कई राउंड हवाई फायरिंग हुई। पुलिस की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम में सर्वाधिक हास्यास्पद तथ्य यह है कि जांच में कोई खोखा नहीं मिला। ऐसे में फायरिंग हुई तो खोखे कहां गए। 
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सोमवार को पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दिग्पाल पाल के छोटे भाई एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सत्यपाल पाल धनघटा क्षेत्र के भाजपा विधायक श्रीराम चौहान और पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ला के साथ एसपी से मिले। इस दौरान भाजपा नेताओं ने मामले में कई निर्दोष लोगों को आरोपी बना दिए जाने पर और विवेचक की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। 
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इसी तरह सपा के जिलाध्यक्ष गौहर अली खां की अगुआई में पूर्व जिलाध्यक्ष राम नरायन यादव, जयराम पांडेय आदि कई नेता एसपी से मिले और निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप मढ़ा। पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने और तमाम निर्दोष लोगों को आरोपी बना दिए जाने का भी आरोप मढ़ा। पुलिस सूत्रों की माने एसपी की गठित टीम वीडियो रिकार्डिंग और फोटो के जरिए आठ-दस लोगों की घटना में संलिप्त होने की पहचान कर ली है। अभी असली आरोपियों के चिह्नित करने का काम पुलिस टीम कर रही है।

पुलिस अपने मुखबिरों से भी फोटो दिखाकर आरोपियों की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। एसपी हीरालाल ने बताया कि दोनो गुट के लोग अपने-अपने पक्ष के लोगों को निर्दोष होना बता रहे हैं। तमाम निर्दोष लोगों के मुकदमे में नामजद होने की भी बात कर रहे हैं। एक पक्ष के लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि मुखलिसपुर चौकी पर तैनात एसआई ने तो दूसरे पक्ष की तहरीर उनके आवास पर पहुंच कर ली थी।


विवेचक की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में महुली के एसआई एसबी सिंह और विनोद यादव की जगह अब घटना से संबंधित सभी सातों मुकदमों की विवेचना एसओ महुली करेंगे। इसके साथ ही एएसपी और सीओ को जिम्मेदारी दी गई है कि वह असली आरोपियों के चिह्नित करने की कार्रवाई का पर्यवेक्षण करते रहेंगे। सात मुकदमे दर्ज हैं और काफी संख्या मेें लोग नामजद हैं और काफी अज्ञात है तो ऐसे में निष्पक्ष जांच करने में थोड़ा वक्त लगेगा।
 
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