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खरीफ की फसल में 1096 और रबी में किसी को नहीं मिला मुआवजा

Wed, 23 Jun 2021 10:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 10:39 PM IST
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खरीफ की फसल में 1096 और रबी में किसी को नहीं मिला मुआवजा
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- 29,802 किसानों ने खरीफ और 27,479 ने रबी की फसल के लिए कराया था प्रधानमंत्री फसल बीमा
- किसान बोले, बीमा के नियमों में बदलाव हो तो किसानों को मिले लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। फसलों की क्षति होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बीमित किसान को मुआवजा देने का प्रावधान है। खरीफ की फसल में 29,802 किसान बीमित थे, इसमें से 1,096 किसानों को 92.14 लाख का मुआवजा मिल पाया। रबी की फसल में 27,479 किसान बीमित है। इसमें किसी भी किसान को बीमा योजना का लाभ नहीं मिला। इसके पीछे वजह यह कि गेहूं के उपज का औसत सात सालों के औसत के बराबर है। हालांकि कुछ स्थानों पर यह औसत से कम है, इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
जिले में करीब तीन लाख किसान है। इसमें 2 .40 लाख लघु सीमांत किसान है। जबकि 60 हजार मध्यम एवं बड़े किसान है। खरीफ वर्ष 2020 में 29802 किसानों का बीमा हुआ था। जिसमें से 1096 किसानों को 92 .14 लाख का मुआवजा बीमा कंपनी से मिला। जबकि रबी वर्ष 2020-21 में 27479 किसानों का बीमा हुआ था। जिसमें किसी भी किसान को बीमा का क्लेम नहीं मिला।
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बीमा का लाभ पाने वाले किसान खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के किसान सत्यब्रत तिवारी ने बताया कि धान की फसल का बीमा कराने का लाभ हुआ और बीमा कंपनी ने मुआवजा दिया। किसान हरिश्चंद्र चौधरी, अतुल पांडेय, पराग ने बताया कि बीमा पाने की जो शर्तें निर्धारित हैं, उसकी वजह से अधिकांश किसान फसल की क्षति होने पर लाभ नहीं पाते है। बिजली से क्षति होने पर तो फसल का मुआवजा मिल जाता है, लेकिन बिजली की तार टूट कर गिरने से फसल हो हुई क्षति का मुआवजा नहीं मिलता है। सर्वाधिक नुकसान आग की घटना की वजह से होता है। ऐसे में शासन को नियमों में बदलाव करने की जरूरत है।
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लीड बैक मैनेजर संजय कुमार ने बताया कि जो किसान बीमा का लाभ नहीं लेना चाहते है, उन्हें संबंधित केसीसी से संबंधित बैंक की शाखा में लिखित रूप में देना होता है, अन्यथा बैंक के जरिए सभी केसीसी धारक का बीमा करके प्रीमियम की कटौती कर ली जाती है।
बीमा का लाभ पाने के लिए ये हैं शर्तें
असफल बुवाई हो, अर्थात बाढ़ आए। खेतों में जल भराव हो जाए और किसान फसल न उगा पाएं। रोग या कीट की वजह से मध्यवास्था में फसल को 75 प्रतिशत क्षति हो जाए। कृषि भूमि का ग्राम पंचायत स्तर पर फसलों की क्षति का आकलन होता है। ऐसे में 50 प्रतिशत मुआवजा तत्काल मिल जाता है। फसल की क्राप कटिंगकी रिपोर्ट में उपज गत वर्ष की तुलना में कम हो। अतिवृष्टि से फसल को क्षति हो और बिजली गिरने से फसल को नुकसान पहुंचे। खलिहान में अनाज के बोझ को रखने पर आंधी तूफान ,बारिश आदि से क्षति हो जाए।
फसल की क्षति के 72 घंटे के भीतर दें सूचना
यूनिवर्सल सोम्यों जनरल इंश्योरेंश कंपनी के जिला प्रतिनिधि विपिन बताते है कि प्राकृतिक आपदा से फसल को क्षति होने पर किसान को 72 घटे के भीतर संबधित बैंक अथवा टोल फ्री नंबर 18002005142 पर सूचना देनी चाहिए। ऐसा करने पर किसान को बीमा योजना का लाभ मिल जाता है। यह सच है कि गेहूं की फसल में किसी किसान को बीमा योजना का क्लेम नहीं मिला है। इसके पीछे वजह है कि गत वर्ष के उपज के औसत के बराबर इस बार उपज है। वैसे प्रशासन की ओर से गेहूं की फसल की क्राप कटिंग कराई गई है। जिसकी रिपोर्ट प्रशासन की ओर से निदेशक फसल बीमा सांख्यिकीय को भेजी गई है। शासन से रिपोर्ट मिलने के बाद जैसी स्थिति होगी, आगे बता पाएंगे।
कम फसल की रिपोर्ट भेजी गई है शासन को
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जिले के अधिक से अधिक किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आच्छादित हों, इसके लिए प्रयास किया जाता है। धान की फसल में 1096 किसानों को क्लेम मिला है। गेहूं की फसल में पिछले सात वर्षो के औसत उपज प्रति हेक्टेयर 32 क्विंटल गेेहूं की पैैदावार हुई है। इसी कारण से किसी किसान को क्लेम नहीं मिला है। वैसे किसी- किसी ग्राम पंचायत में औसत से कम उपज क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट में मिली है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

केसीसी धारकों का स्वत: हो जाता है बीमा, बिना कार्ड वाले किसान भी ले सकते हैं लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शर्तों के अनुसार, जो किसान केसीसी धारक हैं, उनका बीमा स्वत: हो जाता है। यदि केसीसी धारक किसान खरीफ की फसल में 24 जुलाई और रबी की फसल में 24 दिसंबर तक संबंधित बैंक में इस आशय का लिखित आवेदन देते है कि उन्हें बीमा योजना का लाभ नहीं चाहिए। ऐसे में प्रीमियम न काटा जाए। जनपद में 79 हजार केसीसी धारक किसान हैं। जो किसान केसीसी धारक नहीं है,यदि वे फसल बीमा योजना का लाभ लेना चाहते है तो वे जन सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें आधार कार्ड, बचत खाता नंबर ले जाना जरूरी होगा। खरीफ की फसल का वित्तमान 56586 रुपये है।
बीमा के लिए वित्तमान का दो प्रतिशत प्रीमियम कटौती होती है। जबकि रबी की फसल का वित्तमान 54104 रुपये है, इसका प्रीमियम डेढ़ प्रतिशत कटता है।
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