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Sant Kabir Nagar News: जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोग कर रहे दफ्तरों की परिक्रमा

Mon, 05 Jan 2026 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 05 Jan 2026 12:23 AM IST
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People are making rounds of government offices for birth and death certificates.
सेमरियावां ब्लॉक कार्यालय की फोट
सेमरियावां। सेमरियावां ब्लाॅक में जन्म और मृत्यु प्रमाण बनाने के लिए लोग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी लेट से आवेदन करने वालों को हो रही है। अधिकारी जांच प्रक्रिया का हवाला देकर महीनों प्रमाण पत्र को अटकाए रहते है। लोगों का आवश्यक कार्य समय से नहीं हो पा रहा है। ब्लाॅक कर्मियों का कहना है कि शासन से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। जन्म और मृत्यु की सूचना एक साल बाद मिलने पर एसडीएम कार्यालय से छानबीन के बाद ही प्रमाण जारी होता है। लोगों का कहना है कि बिचौलिए इसका लाभ उठा रहे हैं। जरूरतमंदों का शोषण हो रहा हैं। जन्म प्रमाण पत्र के दो से तीन हजार वसूले जा रहे हैं।
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सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायत में 183 राजस्व गांव हैं। ब्लाॅक कार्यालय में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग भटक रहे हैं। आवेदन के लिए लोगों को दो से तीन माह तक ब्लाॅक से तहसील का चक्कर काटना पड़ रहा है। अफसरों का कहना है कि कहीं पैसा नहीं लगता है। जबकि लोगों ने बताया कि जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र की प्रक्रिया जटिल कर दी गई है। इसकी आड़ में बिचौलिए शोषण कर रहे हैं।
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एक साल से तहसील का चक्कर काट रहीं मंजू
सेमरियावां। सैदपुर ब्लॉक के अनौनी गांव की मंजू वर्मा ने बेटी के जन्म के एक महीने के बाद प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन तहसील पर सत्यापन के लिए गया लेकिन आज तक नहीं हुआ। एक साल से वह ब्लॉक और तहसील का चक्कर काट रही हैं। क्षेत्र के मकसूद अहमद, इरशाद अहमद, तनवीर चौधरी, इक़्तेदार अहमद, वसीम अहमद, संतोष कुमार आदि ने बताया कि ब्लॉक में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए शपथ पत्र देने के बाद भी तहसील तक परिक्रमा करनी पड़ रही है। दो-दो महीने तक लोगों को भटकना पड़ रहा है। पहले ऑनलाइन आवेदन कर ब्लाक मुख्यालय से प्रमाण पत्र जारी हो जाता था। अब उपजिलाधिकारी की संस्तुति के बाद जारी हो रहा है। जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए गांव के दस गवाह के हस्ताक्षर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, ग्राम प्रधान, आशा के हस्ताक्षर और नोटरी बयान हलफी के साथ आवेदन करना होता है। एडीओ पंचायत व बीडीओ की संस्तुति के एसडीएम कार्यालय भेजा जाता है। एसडीएम कार्यालय से आख्या मांगी जाती है। फिर संबंधित ग्राम सचिव जांच आख्या व एडीओ पंचायत रिपोर्ट लगाते हैं। उसके बाद एसडीएम कार्यालय से आदेश जारी होता है। फिर संबंधित सचिव ऑनलाइन आवेदन के जरिए जन्म प्रमाण पत्र जारी करता है। ऐसे में दो से तीन माह लग जाते हैं।
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जन्म प्रमाण पत्र में पैसा लेने की शिकायत डीएम से

सेमरियावां। ब्लाॅक सेमरियावां में जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत की बात हर जुबान पर है। ग्राम पंचायत अगया के मोहम्मद हलीम ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है कि ब्लाॅक में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर दो हजार रुपये की मांग की जाती है। पैसा नहीं देने पर एक माह तक फाइल ब्लाॅक में ही रह जाती है। आरोप लगाया है कि इस कार्य में ग्राम सचिव व उनके मुंशी की सहभागिता है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने बीडीओ को जांच के निर्देश दिए हैं। दोषी व्यक्ति पर कार्रवाई कर आख्या मांगी है।

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जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने में पैसा लेने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -धर्मेश चंद्र पांडेय, बीडीओ सेमरियावां
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