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Sant Kabir Nagar News: पेंशन और किसान सम्मान निधि पाने में कई दुश्वारियां
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शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। शासन की ओर से संचालित पेंशन योजनाओं और किसान सम्मान निधि का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को ई-केवाईसी करना अनिवार्य है। इसमें ऐसे लाभार्थियों के लिए ई- केवाईसी करना मुसीबत बन गई है, जिनका अंगूठा और चेहरा मैच नहीं कर रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थियों के समक्ष ई- केवाईसी जी का जंजाल बन गई है। कॉमन सर्विस सेंटरों से तमाम ऐसे लोग वापस हो रहे हैं।
जिले में 2.59 लाख लाभार्थी किसान सम्मान निधि का लाभ पाते हैं। अभी तक दो लाख पांच हजार लाभार्थियों की ही ई केवाईसी हो पाई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत किसान ओटीपी या फिंगरप्रिंट के बिना अपना चेहरा स्कैन कराके ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए पीएम किसान के पोर्टल पर फेस प्रमाणीकरण की सुविधा शुरू की गई है। इसके बावजूद 1,000 से अधिक लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका चेहरा मैच नहीं कर रहा है, अथवा हाथ की अंगुलियों में झुर्रियां पड़ गई हैं। इसकी वजह से उनकी ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है।
इसी तरह जिले में 70,034 लोग वृद्धा पेंशन योजना के लाभार्थी हैं। इसमें से 2,100 लाभार्थियों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है, जबकि दिव्यांगजन पेंशन योजना के 7,138 लाभार्थी हैं। इसमें से 79 लोगों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। इसी तरह विधवा पेंशन योजना के 26,400 लाभार्थी हैं। इसमें 23,000 लाभार्थियों की ही ई-केवाईसी हुई है। शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है।
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सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद शत प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ पहुंचने में ई-केवाईसी अड़चन बनी हुई है। हाथों की लकीरें बायोमेट्रिक मशीनों में न आने पर शासन की ओर से ई-केवाईसी के लिए एक एप बनाकर काम तेजी से कराने का प्रयास किया, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिल पा रही है। आंखों का ऑपरेशन होने या चेहरे पर झुर्रियां पड़ने पर एप लाभार्थियों की पहचान नहीं कर पा रहा है। ऐसे में ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है। लंबे समय से ई-केवाईसी में यह समस्या आ रही थी कि बायोमेट्रिक सत्यापन में बुजुर्गों के हाथों की लकीरें मशीन नहीं ले रही थीं। इससे बड़ी संख्या में ई-केवाईसी प्रभावित थी।
शासन की ओर से इसका समाधान निकालने के लिए पीएम किसान जीओआई एप लांच किया गया। अब इस एप के जरिये किसान की फोटो खींचकर उसकी ई-केवाईसी की जा सकती है। इससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन सभी किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। ई-केवाईसी से वंचित लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि जिनकी उम्र अधिक हो गई है, उन्हें इस प्रक्रिया में छूट दे। इतना ही नहीं, सरकारी योजनाओं से वंचित लोग ई-केवाईसी के लिए जिला मुख्यालय पर भी चक्कर लगाते हैं। उनके समस्याओं का समाधान तो नहीं हो पाता, मगर आश्वासन जरूर मिलता है। संवाद
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105 वर्ष की उम्र हो गई है। चेहरे पर झुर्रियां पड़ गई हैं। सहज सेवा केंद्र पर ई-केवाईसी कराने गया था, लेकिन चेहरा मैच नहीं होने के कारण समस्या हो रही है। बैंक खाते से अंगूठा मैच नहीं होने से रकम भी नहीं निकल पा रही है। किसान सम्मान निधि की रकम अब नहीं मिल रही है। ई-केवाईसी न होने से पेंशन का भी लाभ मिलना बंद हो गया।
-राजदेव यादव, शंकरपुर
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96 साल की उम्र हो गई है। चेहरे पर झुर्रियां आ गईं और अंगूठा भी मैच नहीं कर रहा है। इसकी वजह से बैंक से पैसा निकालने में भी दिक्कत हो गई। इसी वजह से किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पेंशन योजना का लाभ भी इसी वजह से नहीं मिल रहा है।
- सुंदरा देवी, गोविंदगंज बाजार
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97 साल की उम्र है। वृद्धा पेंशन का लाभ मिलता था। ई- केवाईसी नहीं हो पाने की वजह से पेंशन बंद हो गई है। अंगूठा और चेहरा दोनों मैच नहीं कर रहा है। राशन कार्ड नहीं है। काफी प्रयास भी बाद राशन कार्ड नहीं बन पाया।
- रेशमा देवी, शंकरपुर
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गांव-गांव शिविर लगाकर ई-केवाईसी कराई गई है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेसन अधिकारी और कृषि उप निदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही बचे लोगों की ई-केवाईसी पूरी कराएं, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिले।
- संदीप कुमार, डीएम
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संतकबीरनगर। शासन की ओर से संचालित पेंशन योजनाओं और किसान सम्मान निधि का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को ई-केवाईसी करना अनिवार्य है। इसमें ऐसे लाभार्थियों के लिए ई- केवाईसी करना मुसीबत बन गई है, जिनका अंगूठा और चेहरा मैच नहीं कर रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थियों के समक्ष ई- केवाईसी जी का जंजाल बन गई है। कॉमन सर्विस सेंटरों से तमाम ऐसे लोग वापस हो रहे हैं।
जिले में 2.59 लाख लाभार्थी किसान सम्मान निधि का लाभ पाते हैं। अभी तक दो लाख पांच हजार लाभार्थियों की ही ई केवाईसी हो पाई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत किसान ओटीपी या फिंगरप्रिंट के बिना अपना चेहरा स्कैन कराके ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए पीएम किसान के पोर्टल पर फेस प्रमाणीकरण की सुविधा शुरू की गई है। इसके बावजूद 1,000 से अधिक लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका चेहरा मैच नहीं कर रहा है, अथवा हाथ की अंगुलियों में झुर्रियां पड़ गई हैं। इसकी वजह से उनकी ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है।
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इसी तरह जिले में 70,034 लोग वृद्धा पेंशन योजना के लाभार्थी हैं। इसमें से 2,100 लाभार्थियों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है, जबकि दिव्यांगजन पेंशन योजना के 7,138 लाभार्थी हैं। इसमें से 79 लोगों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। इसी तरह विधवा पेंशन योजना के 26,400 लाभार्थी हैं। इसमें 23,000 लाभार्थियों की ही ई-केवाईसी हुई है। शेष लाभार्थियों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है।
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सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद शत प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ पहुंचने में ई-केवाईसी अड़चन बनी हुई है। हाथों की लकीरें बायोमेट्रिक मशीनों में न आने पर शासन की ओर से ई-केवाईसी के लिए एक एप बनाकर काम तेजी से कराने का प्रयास किया, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिल पा रही है। आंखों का ऑपरेशन होने या चेहरे पर झुर्रियां पड़ने पर एप लाभार्थियों की पहचान नहीं कर पा रहा है। ऐसे में ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है। लंबे समय से ई-केवाईसी में यह समस्या आ रही थी कि बायोमेट्रिक सत्यापन में बुजुर्गों के हाथों की लकीरें मशीन नहीं ले रही थीं। इससे बड़ी संख्या में ई-केवाईसी प्रभावित थी।
शासन की ओर से इसका समाधान निकालने के लिए पीएम किसान जीओआई एप लांच किया गया। अब इस एप के जरिये किसान की फोटो खींचकर उसकी ई-केवाईसी की जा सकती है। इससे कुछ राहत तो मिली, लेकिन सभी किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। ई-केवाईसी से वंचित लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि जिनकी उम्र अधिक हो गई है, उन्हें इस प्रक्रिया में छूट दे। इतना ही नहीं, सरकारी योजनाओं से वंचित लोग ई-केवाईसी के लिए जिला मुख्यालय पर भी चक्कर लगाते हैं। उनके समस्याओं का समाधान तो नहीं हो पाता, मगर आश्वासन जरूर मिलता है। संवाद
105 वर्ष की उम्र हो गई है। चेहरे पर झुर्रियां पड़ गई हैं। सहज सेवा केंद्र पर ई-केवाईसी कराने गया था, लेकिन चेहरा मैच नहीं होने के कारण समस्या हो रही है। बैंक खाते से अंगूठा मैच नहीं होने से रकम भी नहीं निकल पा रही है। किसान सम्मान निधि की रकम अब नहीं मिल रही है। ई-केवाईसी न होने से पेंशन का भी लाभ मिलना बंद हो गया।
-राजदेव यादव, शंकरपुर
96 साल की उम्र हो गई है। चेहरे पर झुर्रियां आ गईं और अंगूठा भी मैच नहीं कर रहा है। इसकी वजह से बैंक से पैसा निकालने में भी दिक्कत हो गई। इसी वजह से किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पेंशन योजना का लाभ भी इसी वजह से नहीं मिल रहा है।
- सुंदरा देवी, गोविंदगंज बाजार
97 साल की उम्र है। वृद्धा पेंशन का लाभ मिलता था। ई- केवाईसी नहीं हो पाने की वजह से पेंशन बंद हो गई है। अंगूठा और चेहरा दोनों मैच नहीं कर रहा है। राशन कार्ड नहीं है। काफी प्रयास भी बाद राशन कार्ड नहीं बन पाया।
- रेशमा देवी, शंकरपुर
गांव-गांव शिविर लगाकर ई-केवाईसी कराई गई है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेसन अधिकारी और कृषि उप निदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द ही बचे लोगों की ई-केवाईसी पूरी कराएं, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिले।
- संदीप कुमार, डीएम