{"_id":"570a91444f1c1b2869c810c8","slug":"paying-private-vehicle-from-bus-passengers","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस अड्डे से निजी वाहन भर रहे सवारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस अड्डे से निजी वाहन भर रहे सवारियां
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
रोडवेज से निजी वाहन भर रहे सवारियां ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय बस स्टेशन के प्रवेशद्वार पर प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी जोरों पर हैं। निजी बसों के संचालक और खलासी प्रवेश द्वार पर वाहनों को रोककर राहगीरों को गंतव्य स्थल पर जल्दी पहुंचाने का झांसा देकर सवारियां भर रहे हैं। इससे राज्य सड़क परिवहन निगम को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सुबह सात बजे के बाद ही क्षेत्रीय लोगों को जिला मुख्यालय खलीलाबाद, गोरखपुर, बस्ती आदि जगहों पर अपनी जरूरतों से जाने के लिए यात्रा करनी पड़ती है। राहगीर भी सरकारी बसों से आसानी से अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं, पर सरकारी बसों के आने व जाने का एक निश्चित समय रहता है।
इसका ही फायदा उठाते हुए रोडवेज बस स्टेशन के प्रवेश द्वार पर ही प्राइवेट बसों का भी एक-के-बाद-एक अवैध रूप से जमावड़ा होना शुरू हो जाता है। जबकि नियमानुसार रोडवेज बस स्टेशन के ढाई सौ मीटर की दूरी तक एक भी निजी वाहन नहीं खड़ा हो सकता है। नगर पंचायत के टैक्सी स्टैंड के वाहन भी प्रवेश द्वार पर राहगीरों को बुलाते रहते हैं।
विज्ञापन
इससे राज्य सड़क परिवहन निगम को राजस्व में नुकसान उठाना पड़ता है। इस बावत सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव राय ने बताया कि रोडवेज बस स्टेशन के अधीक्षक से इसकी जानकारी ली जाएगी। मामला सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सुबह सात बजे के बाद ही क्षेत्रीय लोगों को जिला मुख्यालय खलीलाबाद, गोरखपुर, बस्ती आदि जगहों पर अपनी जरूरतों से जाने के लिए यात्रा करनी पड़ती है। राहगीर भी सरकारी बसों से आसानी से अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं, पर सरकारी बसों के आने व जाने का एक निश्चित समय रहता है।
विज्ञापन
इसका ही फायदा उठाते हुए रोडवेज बस स्टेशन के प्रवेश द्वार पर ही प्राइवेट बसों का भी एक-के-बाद-एक अवैध रूप से जमावड़ा होना शुरू हो जाता है। जबकि नियमानुसार रोडवेज बस स्टेशन के ढाई सौ मीटर की दूरी तक एक भी निजी वाहन नहीं खड़ा हो सकता है। नगर पंचायत के टैक्सी स्टैंड के वाहन भी प्रवेश द्वार पर राहगीरों को बुलाते रहते हैं।
विज्ञापन
इससे राज्य सड़क परिवहन निगम को राजस्व में नुकसान उठाना पड़ता है। इस बावत सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव राय ने बताया कि रोडवेज बस स्टेशन के अधीक्षक से इसकी जानकारी ली जाएगी। मामला सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।