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Sant Kabir Nagar News: सरकारी अस्पताल से मरीज को भेजा प्राइवेट अस्पताल
Fri, 14 Jul 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:24 AM IST
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जिला अस्पताल से प्राइवेट एंबूलेंस से प्राइवेट टसपताल में बच्चे को ले जाती महिला
- पीएचसी बघौली में हुई डिलीवरी
-नवजात को किया जिला अस्पताल रेफर, वहां से प्राइवेट अस्पताल भेजा
सीएमएस बोले- मामला गंभीर, जांच कराएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के एसएनसीयू के कर्मचारी प्राइवेट अस्पतालों पर मेहरबान हैं। बृहस्पतिवार को पीएचसी से रेफर एक नवजात को प्राइवेट अस्पताल इजाल के लिए भेज दिया। बकायदा प्राइवेट अस्पताल का एंबुलेंस नवजात और उसकी मां को लेकर चला गया। जिसको लेकर अस्पताल में चर्चाएं तेज हो गईं।
बघौली पीएचसी पर बृहस्पतिवार को आटा खुर्द निवासी सदानंद की पत्नी को बेटी हुई। पीएचसी के चिकित्सकों ने नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू के लिए रेफर कर दिया। परिजन जब नवजात को लेकर एसएनसीयू पहुंचे तो वहां तैनात स्टाॅफ नर्स व अन्य कर्मियों ने भर्ती करने से आनाकानी कर दिया। इसके साथ ही शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर भर्ती करने की सलाह दी। परिजन नहीं माने, बाद में परिजनों ने नवजात की जान बचाने के लिए उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने पर सहमति दे दी।
अस्पताल कर्मियों ने बकायदा प्राइवेट अस्पताल से एंबुलेंस भी मंगा लिया और नवजात और उसकी मां को प्राइवेट अस्पताल भेज दिया। परिजन सदानंद का कहना था कि बच्चे की हालत की वजह से वह लाेग प्राइवेट अस्पताल भर्ती करा रहे हैं। अगर सरकारी अस्पताल में भर्ती करते तो उनका पैसा बचता। इस बारे में जब एसएनसीयू कर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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मामला गंभीर है। एसएनसीयू में ही नवजात को लाया गया था। उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया पर परिजन नहीं ले जा रहे थे। प्राइवेट अस्पताल भेजना गलत है। पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
-डॉ एलसी यादव, प्रभारी सीएमएस
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-नवजात को किया जिला अस्पताल रेफर, वहां से प्राइवेट अस्पताल भेजा
सीएमएस बोले- मामला गंभीर, जांच कराएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के एसएनसीयू के कर्मचारी प्राइवेट अस्पतालों पर मेहरबान हैं। बृहस्पतिवार को पीएचसी से रेफर एक नवजात को प्राइवेट अस्पताल इजाल के लिए भेज दिया। बकायदा प्राइवेट अस्पताल का एंबुलेंस नवजात और उसकी मां को लेकर चला गया। जिसको लेकर अस्पताल में चर्चाएं तेज हो गईं।
बघौली पीएचसी पर बृहस्पतिवार को आटा खुर्द निवासी सदानंद की पत्नी को बेटी हुई। पीएचसी के चिकित्सकों ने नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू के लिए रेफर कर दिया। परिजन जब नवजात को लेकर एसएनसीयू पहुंचे तो वहां तैनात स्टाॅफ नर्स व अन्य कर्मियों ने भर्ती करने से आनाकानी कर दिया। इसके साथ ही शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर भर्ती करने की सलाह दी। परिजन नहीं माने, बाद में परिजनों ने नवजात की जान बचाने के लिए उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने पर सहमति दे दी।
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अस्पताल कर्मियों ने बकायदा प्राइवेट अस्पताल से एंबुलेंस भी मंगा लिया और नवजात और उसकी मां को प्राइवेट अस्पताल भेज दिया। परिजन सदानंद का कहना था कि बच्चे की हालत की वजह से वह लाेग प्राइवेट अस्पताल भर्ती करा रहे हैं। अगर सरकारी अस्पताल में भर्ती करते तो उनका पैसा बचता। इस बारे में जब एसएनसीयू कर्मियों से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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मामला गंभीर है। एसएनसीयू में ही नवजात को लाया गया था। उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया पर परिजन नहीं ले जा रहे थे। प्राइवेट अस्पताल भेजना गलत है। पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
-डॉ एलसी यादव, प्रभारी सीएमएस