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पराली जलाने वालों पर करें कार्रवाई : डीएम
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कलेक्ट्रेट में डीएम की बैठक में मौजूद कंबाइन मालिक।
- फोटो : KHALILABAD
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पराली जलाने वालों पर करें कार्रवाई : डीएम
संतकबीरनगर। डीएम दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग, प्रगतिशील किसान एवं कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों के साथ बैठक हुई। इसमें पराली न जलाने तथा कंबाइन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस, स्ट्रारीपर, बेलर आदि कृषि यंत्रों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की हिदायत दी गई।
डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि जनपद में कहीं भी पराली जलाने की घटना घटित न हो, इसके लिए राजस्व, पंचायत एवं कृषि विभाग के कर्मचारी की टीम बनाकर एक कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें पुलिस विभाग की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाहर से अगर कोई कंबाइन हार्वेस्टर बिना एसएमएस, बेलर अथवा मल्चर के कहीं भी धान की कटाई करते हुए पाया जाता है तो उसे तत्काल सीज कर दिया जाए अथवा मालिक के स्वयं के खर्चें पर एसएमएस लगवाकर उसे छोड़ा जाए।
उप कृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह और जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि फसल अवशेष को जलाने से उनके जड़, तना तथा पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट होने के साथ ही मिट्टी के लाभदायक मित्र कीट भी जलकर मर जाते हैं। इससे वातावरण एवं मृदा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। खेतों में फसल अवशेष जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर किसानों को जमीनी क्षेत्रफल के आधार पर जुर्माना देना पड़ेगा। बैठक में सीवीओ संजय यादव, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शशांक, एडीओ एजी अशोक कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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संतकबीरनगर। डीएम दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग, प्रगतिशील किसान एवं कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों के साथ बैठक हुई। इसमें पराली न जलाने तथा कंबाइन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस, स्ट्रारीपर, बेलर आदि कृषि यंत्रों का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की हिदायत दी गई।
डीएम दिव्या मित्तल ने कहा कि जनपद में कहीं भी पराली जलाने की घटना घटित न हो, इसके लिए राजस्व, पंचायत एवं कृषि विभाग के कर्मचारी की टीम बनाकर एक कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें पुलिस विभाग की सहभागिता को भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाहर से अगर कोई कंबाइन हार्वेस्टर बिना एसएमएस, बेलर अथवा मल्चर के कहीं भी धान की कटाई करते हुए पाया जाता है तो उसे तत्काल सीज कर दिया जाए अथवा मालिक के स्वयं के खर्चें पर एसएमएस लगवाकर उसे छोड़ा जाए।
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उप कृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह और जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि फसल अवशेष को जलाने से उनके जड़, तना तथा पत्तियों में संचित लाभदायक पोषक तत्व नष्ट होने के साथ ही मिट्टी के लाभदायक मित्र कीट भी जलकर मर जाते हैं। इससे वातावरण एवं मृदा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। खेतों में फसल अवशेष जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर किसानों को जमीनी क्षेत्रफल के आधार पर जुर्माना देना पड़ेगा। बैठक में सीवीओ संजय यादव, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शशांक, एडीओ एजी अशोक कुमार मिश्र आदि मौजूद रहे।
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