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Sant Kabir Nagar News: ओवरहेड टैंक बने, पाइपलाइन बिछी.. नहीं मिल रहा साफ पानी
Mon, 23 Dec 2024 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 23 Dec 2024 11:45 PM IST
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जलजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे ग्रामीण
धनघटा। क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल योजना का बुरा हाल है। ओवरहेड टैंक बन गए हैं। अधिकांश गांवों में पाइपलाइन बिछा दी गई, लेकिन लोगों के घरों में स्वच्छ पेयजल नहीं पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण जलजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
हैंसर क्षेत्र के डुहिया कला, डुहिया खुर्द, रामपुर मध्य, डेबरी, हकीमपुर आदि एक दर्जन से अधिक गांव पूर्व में अतिसंवेदनशील घोषित किए गए हैं। यह बात वर्ष 2011 में हुए सर्वे में सामने आई। इन गांवों में सबसे अधिक लोग जलजनित रोगों का शिकार होते हैं। सरकार ने सभी गांवों में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया, लेकिन लोगों के घरों में शुद्ध पानी नहीं पहुंचता है।
डुहिया गांव निवासी लालचंद ने बताया कि पाइपलाइन जगह-जगह टूट जाने से पानी का रिसाव होकर सड़कों पर फैलता है। ताल के किनारे बसे ग्रामीण प्रदूषित जल का सेवन करने को मजबूर है। इससे प्रति वर्ष दर्जनों की संख्या में लोग जलजनित रोगों, टाइफाइड, मलेरिया, पीलिया आदि की चपेट में आते हैं। वहीं ताल के नजदीक बसे जिगिना गांव में बनी पानी की टंकी का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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करीब आठ वर्ष पूर्व पानी की टंकी का निर्माण हुआ था, लेकिन अब तक लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो सकी। जगह- जगह पाइप में लीकेज होने से समस्या बनी हुई है। ग्रामीण दूषित जल का सेवन करने को मजबूर हैं। इस संबंध में बीडीओ हैंसर ओपी सिंह ने बताया कि जांच की जाएगी। अगर शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है तो संबंधित विभाग को सूचित किया जाएगा।
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धनघटा। क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल योजना का बुरा हाल है। ओवरहेड टैंक बन गए हैं। अधिकांश गांवों में पाइपलाइन बिछा दी गई, लेकिन लोगों के घरों में स्वच्छ पेयजल नहीं पहुंच रहा है। इससे ग्रामीण जलजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
हैंसर क्षेत्र के डुहिया कला, डुहिया खुर्द, रामपुर मध्य, डेबरी, हकीमपुर आदि एक दर्जन से अधिक गांव पूर्व में अतिसंवेदनशील घोषित किए गए हैं। यह बात वर्ष 2011 में हुए सर्वे में सामने आई। इन गांवों में सबसे अधिक लोग जलजनित रोगों का शिकार होते हैं। सरकार ने सभी गांवों में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया, लेकिन लोगों के घरों में शुद्ध पानी नहीं पहुंचता है।
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डुहिया गांव निवासी लालचंद ने बताया कि पाइपलाइन जगह-जगह टूट जाने से पानी का रिसाव होकर सड़कों पर फैलता है। ताल के किनारे बसे ग्रामीण प्रदूषित जल का सेवन करने को मजबूर है। इससे प्रति वर्ष दर्जनों की संख्या में लोग जलजनित रोगों, टाइफाइड, मलेरिया, पीलिया आदि की चपेट में आते हैं। वहीं ताल के नजदीक बसे जिगिना गांव में बनी पानी की टंकी का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
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करीब आठ वर्ष पूर्व पानी की टंकी का निर्माण हुआ था, लेकिन अब तक लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो सकी। जगह- जगह पाइप में लीकेज होने से समस्या बनी हुई है। ग्रामीण दूषित जल का सेवन करने को मजबूर हैं। इस संबंध में बीडीओ हैंसर ओपी सिंह ने बताया कि जांच की जाएगी। अगर शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है तो संबंधित विभाग को सूचित किया जाएगा।