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शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशु बन रहे मुसीबत

Tue, 19 Apr 2022 10:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 10:54 PM IST
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open cattle problams for people
शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशु बन रहे मुसीबत
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-जिले में स्थापित है 61 पशु आश्रय केंद्र, 57 सक्रिय
-चौक-चौराहे और सड़कों पर मवेशियों के खड़े रहने से लगता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। छुट्टा पशुओं को आश्रय स्थल पर पहुंचाने के लिए सरकार व प्रशासन बड़े-बड़े दावे कर करा रहा है, लेकिन हकीकत इससे इतर है। स्थिति यह है कि शहर से लेकर गांव तक छुट्टा पशु लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। छुट्टा पशुओं के कारण जहां शहर में जाम लग रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में किसानों की मुसीबत भी कम नहीं हुई है।
सूबे में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छुट्टा पशुओं को रखने के लिए पशु आश्रय केंद्र बनवाने के निर्देश दिए। इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 61 पशु आश्रय केंद्र स्थापित किए गए। इसके साथ ही खलीलाबाद नगर के मड़या में कान्हा आश्रय स्थल बनाया गया। लोगों को उम्मीद थी कि छुट्टा पशुओं को पकड़ कर पशु आश्रय व कान्हा आश्रय स्थल पर पहुंचाया जाएगा, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में छुट्टा पशु घूम रहे हैं। सड़कों पर छुट्टा पशुओं के विचरण से आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है। स्थिति यह है कि छुट्टा पशु सड़क पर ही झुंड में बैठ जा रहे हैं। जिससे आने-जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं इनके आपस में भिड़ने के दौरान भगदड़ मच जा ही है। दूसरी तरफ मवेशी ग्रामीण क्षेत्रों में झुंड में विचरण कर रहे हैं। छुट्टा पशु वर्तमान में सब्जियों आदि फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं।
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इंसेट-
क्षमता से कम पशु रखे गए आश्रय में
जिले में स्थापित पशु आश्रय केंद्रों में पशुओं के रखने की क्षमता 2801 है। इसमें वर्तमान में करीब 1900 पशु रखे गए हैं। इसके बाद भी पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्रों में पहुुंचाने का अभियान ठप पड़ा हुआ है।
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इंसेट-
हमले में कई लोग हो चुके हैं घायल
छुट्टा पशुओं के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं। खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के चकहदी में संचालित राजकीय आश्रय पद्धति बालिका विद्यालय में पूर्व प्रधानाचार्य रतनबाला पांडेय सांड़ के हमले में घायल हो गईं थी। जिन्हें कई महीने इलाज कराना पड़ा। खलीलाबाद निवासी दिनेश कुमार कुछ दिन पूर्व गोला बाजार में सांड़ के हमले में घायल हो गए थे।
छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए चलेगा अभियान
शहर में विचरण कर रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए समय-समय पर अभियान चल रहा है। जल्द ही वृहद अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़कर कान्हा आश्रय स्थल पहुंचाया जाएगा।

सुरेश मौर्य, ईओ
छुट्टा पशुुओं को पकड़वा कर पशु आश्रय केंद्रों में रखवाने का निर्देश सभी बीडीओ को दिया गया है। इसमें पशुओं की चिकित्सा व्यवस्था के लिए पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी गई है कि पशुओं के चारे आदि का इंतजाम करें।
सुरेंद्रनाथ श्रीवास्तव, सीडीओ
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