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संतकबीरनगर: ईद मिलादुन्नबी पर हुआ था सड़क हादसा, घायल हुए थे 11 बच्चों में चार की हो गई मौत

Fri, 22 Oct 2021 03:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर (दुधारा)।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर (दुधारा)। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 22 Oct 2021 03:24 PM IST
सार

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर गाड़ियों में सवार होकर लोग जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने बाजार जा रहे थे। इसी जुलूस में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जा रही थी। इसमें करीब तीस बच्चे सवार थे। मोड़ पर तेज गति के कारण अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इसके नीचे कई बच्चे दब गए।

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Four of 11 children who were injured died in sant kabir nagar
बस्ती बस्ता गांव निवासी मृतक मोहम्मद सैफ के रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

संतकबीरनगर जिले में दो दिन पूर्व क्षेत्र के दसावां के पास हुए हादसे में घायल बस्ती-बस्ता गांव के एक और किशोर की उपचार के दौरान गोरखपुर के प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। बृहस्पतिवार को शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। अब तक हादसे में घायल हुए चार किशोरों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने गांव के लोगों को गहरा जख्म दिया।

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मंगलवार को ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर दिन में करीब डेढ़ बजे बस्ती-बस्ता गांव से गाड़ियों में सवार होकर लोग जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने लोहरौली बाजार जा रहे थे। इसी जुलूस में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जा रही थी। इसमें करीब तीस बच्चे सवार थे। दसावां गांव से पश्चिम मोबाइल टॉवर के पास मोड़ पर तेज गति के कारण अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इसके नीचे कई बच्चे दब गए।
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इस दुर्घटना में 11 बच्चे घायल हो गए थे। जबकि हादसे में घायल तीन किशोरों की पूर्व में मौत हो चुकी है। उसी घटना में 12 वर्षीय मोहम्मद सैफ पुत्र नसीर अहमद के पेट में चोट लगी थी। ऊपर से देखने पर किशोर के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी, लेकिन इसके पेट के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोटें आई थीं।
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जिला चिकित्सालय से पहले उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था। बाद में स्थिति खराब देखकर चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। परिजन घायल को लखनऊ न ले जाकर गोरखपुर के ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवा रहे थे। बृहस्पतिवार को करीब तीन बजे उसकी मौत हो गई। देर शाम गांव में पहुंचा तो कोहराम मच गया।
 

बेटे की मौत से सदमे में परिजन

मृतक के घर गांव के लोग पहुंच कर सांत्वना दे रहे थे। शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्दे-ए -खाक किया गया। जिला पंचायत सदस्य अख्तर खान अपने सहयोगियों के साथ बस्ती-बस्ता गांव में देर रात तक डटे रहे। क्षेत्र के गणमान्य लोगों का गांव में आने-जाने का सिलसिला जारी रहा।

मोहम्मद सैफ चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। परिवार में बड़ी बहन तरन्नुम फातिमा (16), भाई मोहम्मद जैद (14) और बहन तबस्सुम फातिमा (9)  हैं। काफी चंचल होने के कारण मां-बाप उसे बहुत चाहते थे। वह गांव के ही मदरसे में कक्षा पांच में पढ़ता था। उसके पिता नसीर अहमद किसान हैं, और घर पर ही एक छोटी सी गुमटी में कुछ सामान रख कर बेचते हैं।

दुर्घटना के बाद तमाम अभाव के बावजूद भी गांव वालों के सहयोग से गोरखपुर के एक मेडिकल कॉलेज में बच्चे का इलाज चल रहा था। सुबह तक उसकी हालत में सुधार था और लोग काफी खुश थे, लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति बदल गई। बेटे की मौत से मां रैना खातून का रो-रो कर बुरा हाल था। दुर्घटना में चार बच्चों की मौत से क्षेत्र के लोग भी सदमे में हैं।

अब तक इन बच्चों की हो चुकी है मौत
मोहम्मद आरिफ पुत्र वाहिद अली, सुल्तान अहमद पुत्र अजमत अली,तौसीफ पुत्र स्वर्गीय साबिर अली और मोहम्मद सैफ पुत्र नसीर अहमद।

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