{"_id":"6272b99e2bc9e257cb5eddfd","slug":"one-died-in-accident-khalilabad-news-gkp435706069","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन की चपेट से राजगीर की मौत, रिश्तेदार घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेन की चपेट से राजगीर की मौत, रिश्तेदार घायल
विज्ञापन
मृतक के गमगीन खड़े परिजन ।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन की चपेट से राजगीर की मौत, रिश्तेदार घायल
- जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर हुआ घायल
- गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र का रहने वाला था राजगीर
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मुखलिसपुर ओवरब्रिज के पश्चिम रेलवे लाइन पर मंगलवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आने से राजगीर की मौत हो गई। वहीं, रिश्तेदार घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों के साथ ही आरपीएफ, जीआरपी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र के कुंआ बुजुर्ग गांव निवासी 25 वर्षीय हरेंद्र पुत्र कैलाश और उसके रिश्तेदार धनघटा क्षेत्र के खर्चा गांव निवासी 26 वर्षीय दुर्गेश राजगीर का काम करते थे। दोनों खलीलाबाद शहर के कसैला में ठेके पर भवन का निर्माण कर रहे थे। मंगलवार की देर शाम दोनों शहर में आए थे। उसी दौरान मुखलिसपुर ओवरब्रिज से पश्चिम रेलवे लाइन से होकर जाते समय दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में हरेंद्र की मौत हो गई। जबकि दुर्गेश घायल हो गए। आरपीएफ, जीआरपी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरपीएफ चौकी इंचार्ज आरके पांडेय और कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दोनों रेलवे लाइन के रास्ते खलीलाबाद स्टेशन की ओर जा रहे थे। उसी दौरान दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
27 मई को गिठनी गांव में होनी थी हरेंद्र की शादी
संतकबीरनगर। 22 दिन बाद हरेंद्र की शादी होनी थी। शादी की तैयारी में परिवार के लोग जुटे थे। खुद की शादी में कोई कमी न हो, इसके लिए हरेंद्र अपने रिश्तेदारों के साथ खलीलाबाद क्षेत्र के कसैला में ठेके पर मकान का निर्माण कर रहे थे। इधर मंगलवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मुठही कला गांव निवासी विवेक ने बताया कि हरेंद्र उसके साले थे। जबकि घायल दुर्गेश उसके बहनोई हैं। हरेंद्र सऊदी कमाने गए थे। दो महीने पूर्व ही गांव लौटे थे। 27 मई को हरेंद्र की शादी होनी थी। शादी महुली क्षेत्र के गिठनी में तय थी। हरेंद्र और बहनोई दुर्गेश राजगीर का काम करते थे। विवेक भी राजगीर है।
विज्ञापन
- जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर हुआ घायल
- गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र का रहने वाला था राजगीर
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मुखलिसपुर ओवरब्रिज के पश्चिम रेलवे लाइन पर मंगलवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आने से राजगीर की मौत हो गई। वहीं, रिश्तेदार घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों के साथ ही आरपीएफ, जीआरपी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र के कुंआ बुजुर्ग गांव निवासी 25 वर्षीय हरेंद्र पुत्र कैलाश और उसके रिश्तेदार धनघटा क्षेत्र के खर्चा गांव निवासी 26 वर्षीय दुर्गेश राजगीर का काम करते थे। दोनों खलीलाबाद शहर के कसैला में ठेके पर भवन का निर्माण कर रहे थे। मंगलवार की देर शाम दोनों शहर में आए थे। उसी दौरान मुखलिसपुर ओवरब्रिज से पश्चिम रेलवे लाइन से होकर जाते समय दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में हरेंद्र की मौत हो गई। जबकि दुर्गेश घायल हो गए। आरपीएफ, जीआरपी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरपीएफ चौकी इंचार्ज आरके पांडेय और कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज वीरेंद्र यादव ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दोनों रेलवे लाइन के रास्ते खलीलाबाद स्टेशन की ओर जा रहे थे। उसी दौरान दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
विज्ञापन
27 मई को गिठनी गांव में होनी थी हरेंद्र की शादी
संतकबीरनगर। 22 दिन बाद हरेंद्र की शादी होनी थी। शादी की तैयारी में परिवार के लोग जुटे थे। खुद की शादी में कोई कमी न हो, इसके लिए हरेंद्र अपने रिश्तेदारों के साथ खलीलाबाद क्षेत्र के कसैला में ठेके पर मकान का निर्माण कर रहे थे। इधर मंगलवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
मुठही कला गांव निवासी विवेक ने बताया कि हरेंद्र उसके साले थे। जबकि घायल दुर्गेश उसके बहनोई हैं। हरेंद्र सऊदी कमाने गए थे। दो महीने पूर्व ही गांव लौटे थे। 27 मई को हरेंद्र की शादी होनी थी। शादी महुली क्षेत्र के गिठनी में तय थी। हरेंद्र और बहनोई दुर्गेश राजगीर का काम करते थे। विवेक भी राजगीर है।