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Sant Kabir Nagar News: प्रदेश की रैकिंग में जमीन पैमाइश में नंबर वन, तहसीलों में धक्के खा रहे फरियादी

Thu, 19 Oct 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Thu, 19 Oct 2023 12:46 AM IST
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Number one in land measurement in state ranking, complainants are facing setbacks in tehsils
विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं 20,222 प्रकरण, बार-बार पड़ रही तारीख, कोई कब्जा से परेशान तो किसी को विवाद की आशंका
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। देवरिया कांड के बाद शासन ने जमीन संबंधी विवादों को निस्तारित करने पर जोर दिया है। जिले में विभिन्न राजस्व न्यायालयों में 20,222 प्रकरण लंबित हैं। जमीन की पैमाइश की हुई रैंकिंग में संतकबीरनगर जिला प्रदेश में नंबर वन है, लेकिन आलम यह है कि जमीन की पैमाइश कराने के लिए फरियादी तहसीलों में धक्के खा रहे हैं।
जिले का कोई ऐसा गांव नहीं होगा, जहां जमीन संबंधी विवाद न हो। प्रतिदिन डीएम कार्यालय हो या एसपी अथवा एसडीएम कार्यालय, अधिकतर मामले जमीन संबंधी विवाद के आ रहे हैं। फरियादी संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर थाना समाधान दिवस चक्कर लगाते-लगाते थक जा रहे हैं, लेकिन विवाद निस्तारित नहीं हो पा रहा है। इन जगहों से हार-थक कर लोग पक्की पैमाइश के लिए एसडीएम कोर्ट में धारा 24 के अंतर्गत वाद दाखिल किए, लेकिन वहां भी विवादों का निस्तारण समय से नहीं हो पा रहा है। लोग तहसीलों का चक्कर काट रहे है। इंसेट
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खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के सरैया निवासी मान सिंह पुत्र स्वर्गीय रामफेर सिंह बताते हैं कि उनकी पुश्तैनी सवा चार बीघे जमीन थी। जिसमें पिता ने कुछ लोगों को जमीन का बैनामा कर दिया था। उसमें करीब सात बिस्वा जमीन बची है। लोग उनकी जमीन को कब्जा करने का प्रयास किए तो वह पैमाइश के लिए तहसील का चक्कर काटा, जब बात नहीं बनी तो बंटवारे के लिए एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया। धारा 24 के बाद के तहत पक्की पैमाइश कराना चाहते हैं, लेकिन डेढ़ साल बीत गया और अभी तक पक्की पैमाइश का आदेश नहीं हो पाया। तारीख देखने तहसील में आए थे, फिर तारीख ही मिली है।
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इंसेट
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के सिकरी गांव निवासी तौली राम बताते हैं कि उसके बेटे राम ललित ने गांव की एक महिला और उसकी बेटी से जमीन का बैनामा कराया था। बाद में उसी जमीन को महिला के बेटे ने अपने नाम वरासत करा कर दूसरे को बेच दिया। कागज की दुरुस्ती के लिए चार साल से भटक रहे हैं। 32 38 की फाइल में रिपोर्ट भी लग चुकी है, लेकिन मामला निस्तारित नहीं हो पा रहा है।
इंसेट
तहसील क्षेत्र खलीलाबाद के सई बड़हरा गांव निवासी सैयद अली पुत्र सुलेमान ने बताया कि उसकी जमीन में बढ़ कर बगलगीर ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने पक्की पैमाइश के लिए धारा 24 के अंतर्गत एसडीएम कोर्ट में डेढ़ साल पहले वाद दाखिल किया था, लेकिन अब तक मामला निस्तारित नहीं हो पाया है। तारीख पर तारीख पड़ रही है और वह तहसील का चक्कर लगाने को विवश हैं।
इंसेट
मेंहदावल नगर पंचायत के विस्तारित गांव राजाबारी निवासी चंद्रलोक पांडेय ने बताया कि धारा 24 के अंतर्गत सुहरहवा गांव में स्थित अपनी जमीन की पक्की पैमाइश के लिए वाद दाखिल किया। तीन साल बीतने को है, लेकिन अब तक पैमाइश का आदेश नहीं हो पाया। सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है। इसके कारण जमीन पर विवाद की आशंका बनी हुई है।
इंसेट
पैमाइश में जिला नंबर वन
शासन स्तर पर धारा 24 के अंतर्गत पैमाइश की समीक्षा करके रैंकिंग तय की गई है। पांच अक्तूबर को जो रैंकिंक हुई है, उसमें संतकबीरनगर 96.84 प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। जबकि 93.42 प्रतिशत लेकर कासगंज दूसरे स्थान पर, 92.29 प्रतिशत के साथ महराजगंज तीसरे स्थान पर, 92.23 प्रतिशत लेकर मैनपुरी चौथे स्थान पर और 92.11 प्रतिशत के साथ हापुड़ पांचवें स्थान पर है। इसी तरह तहसील स्तर पर हुई रैंकिंग में 99.77 प्रतिशत लेकर बलिया जिले की बांसडीह तहसील प्रथम स्थान पर है। 99.68 प्रतिशत पाकर हापुड़ जिले की धौलाना तहसील दूसरे स्थान पर, 99.48 प्रतिशत के साथ बलिया की सिकंदरपुर तहसील तीसरे स्थान पर, 99.09 प्रतिशत के साथ बलिया की बैरिया तहसील चौथे स्थान पर और 98.54 प्रतिशत पाकर संतकबीरनगर की मेंहदावल तहसील पांचवें स्थान पर है।
इंसेट
विवादित जमीनों का निस्तारण तेजी के साथ कराया जा रहा है। राजस्व न्यायालयों में जो वाद लंबित हैं, उन्हें सूचीबद्ध कराया गया है। इसके लिए अभियान चलाया गया है। सभी राजस्व न्यायालयों में तेजी के साथ सुनवाई करके लंबित वद निस्तारित किए जा रहे हैं। 10 दिन के भीतर 100 से अधिक मामले निस्तारित किए जा चुके हैं। जो जमीन से संबंधित प्रार्थनापत्र जनता दर्शन में आ रहे हैं, उसके निस्तारण के लिए अलग से टीमें भेजी जा रही है। इसमें पुलिस का सहयोग लेकर विवादों का निस्तारण कराए जाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं। -महेंद्र सिंह तंवर, डीएम

इंसेट
अब विवादित भूमि का राजस्व गांववार तैयार कर रहे रजिस्टर

तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व गांव का विवादित भूमि का रजिस्टर लेखपालों से तैयार कराया जा रहा है। जिसमें सभी तरह के जमीन संबंधी का अंकन लेखपाल करेंगे। जो मामले कोर्ट में लंबित होंगे, उसका भी विवरण दर्ज होगा। जो मामले कोर्ट में नहीं होंगे, उसका भी अंकन होगा। प्राथमिकता के आधार पर जमीनों का विवाद निस्तारित कराने के लिए टीम गठित की जाएगी। इसमें नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल शामिल होंगे। जो विवाद आसानी से हल कराए जा सकते हैं, उसे निस्तारित किया जाएगा। जो मामले राजस्व न्यायालयों में लंबित हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करके निस्तारित किए जाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। -शैलेश दूबे, एसडीएम सदर
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