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Sant Kabir Nagar News: स्टांप चोरी के आरोप में 241 लोगों को नोटिस, जुर्माना लगाने की तैयारी
Wed, 19 Mar 2025 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 19 Mar 2025 11:45 PM IST
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संतकबीरनगर। भूमि और भवन की रजिस्ट्री में स्टांप चोरी के 241 मामले प्रकाश में आए हैं। इन मामलों में विभाग ने स्टांप चोरी करने वाले पक्ष को विभाग में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
स्टांप की यह चोरी उस समय पकड़ में आई जब निबंधन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जमीन की नवइयत देखी। इसके बाद विभाग ने ऐसे लोगों को नोटिस भेजकर स्टांप चोरी की धनराशि राजकीय कोषागार में जमा करने के निर्देश दिए हैं। 31 मार्च के बाद चार गुना जुर्माना देना पड़ेगा।
भूमि और भवन की रजिस्ट्री के मामले में प्राय: ऐसा देखा जाता है कि लोग स्टांप शुल्क बचाने के लिए मौजूदा तथ्यों को छिपा जाते हैं। ऐसे में जब विभाग के अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचते हैं तब जमीन की वास्तविक कीमत पता चलती है। इसके बाद उस जमीन की कीमत के साथ ही स्टांप शुल्क का आंकलन किया जाता है। रजिस्ट्री के दौरान जितना स्टांप लगाया जाता है, उसे मौके पर आंकलन किए गए स्टांप शुल्क में से घटा लिया जाता है। इसके बाद स्टांप चोरी की धनराशि सामने आ जाती है।
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ऐसे लोगों को विभाग नोटिस देता है और सहायक आयुक्त स्टांप के कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखना पड़ता है। तात्कालिक स्थिति को देखते हुए नियमानुसार ब्याज के साथ जुर्माना और निबंधन शुल्क लगाया जाता है। इसमें लोगों का लंबा आर्थिक नुकसान होता है। उनको जुर्माने की सारी रकम भी जमा करनी पड़ती है।
कैसे की जाती है स्टांप की चोरी : जब कोई व्यक्ति जमीन या भवन की रजिस्ट्री कराता है तो मुख्य मार्ग से उसकी दूरी, जमीन की नवईयत, रास्ता, उसकी उपयोगिता, वास्तविक बाजारू मूल्य आदि को छिपा लेता है। इससे उसको कम स्टांप शुल्क अदा करना पड़ता है। ऐसे में जब वित्त व राजस्व से जुड़े अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करते हैं तो स्टांप की यह चोरी सामने आती है।
65 लोगों ने दिखाई है समाधान योजना में रुचि : विभाग के द्वारा चलाई जा रही समाधान योजना में लोग काफी रुचि दिखा रहे हैं। इस योजना के बारे में समझ रहे हैं तथा पूरक स्टाम्प के रुपए, निबंधन शुल्क के साथ 100 रुपये अतिरिक्त देकर स्टांप चोरी के आरोप से मुक्ति पा जा रहे हैं।
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स्टांप की यह चोरी उस समय पकड़ में आई जब निबंधन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जमीन की नवइयत देखी। इसके बाद विभाग ने ऐसे लोगों को नोटिस भेजकर स्टांप चोरी की धनराशि राजकीय कोषागार में जमा करने के निर्देश दिए हैं। 31 मार्च के बाद चार गुना जुर्माना देना पड़ेगा।
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भूमि और भवन की रजिस्ट्री के मामले में प्राय: ऐसा देखा जाता है कि लोग स्टांप शुल्क बचाने के लिए मौजूदा तथ्यों को छिपा जाते हैं। ऐसे में जब विभाग के अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचते हैं तब जमीन की वास्तविक कीमत पता चलती है। इसके बाद उस जमीन की कीमत के साथ ही स्टांप शुल्क का आंकलन किया जाता है। रजिस्ट्री के दौरान जितना स्टांप लगाया जाता है, उसे मौके पर आंकलन किए गए स्टांप शुल्क में से घटा लिया जाता है। इसके बाद स्टांप चोरी की धनराशि सामने आ जाती है।
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ऐसे लोगों को विभाग नोटिस देता है और सहायक आयुक्त स्टांप के कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखना पड़ता है। तात्कालिक स्थिति को देखते हुए नियमानुसार ब्याज के साथ जुर्माना और निबंधन शुल्क लगाया जाता है। इसमें लोगों का लंबा आर्थिक नुकसान होता है। उनको जुर्माने की सारी रकम भी जमा करनी पड़ती है।
कैसे की जाती है स्टांप की चोरी : जब कोई व्यक्ति जमीन या भवन की रजिस्ट्री कराता है तो मुख्य मार्ग से उसकी दूरी, जमीन की नवईयत, रास्ता, उसकी उपयोगिता, वास्तविक बाजारू मूल्य आदि को छिपा लेता है। इससे उसको कम स्टांप शुल्क अदा करना पड़ता है। ऐसे में जब वित्त व राजस्व से जुड़े अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करते हैं तो स्टांप की यह चोरी सामने आती है।
65 लोगों ने दिखाई है समाधान योजना में रुचि : विभाग के द्वारा चलाई जा रही समाधान योजना में लोग काफी रुचि दिखा रहे हैं। इस योजना के बारे में समझ रहे हैं तथा पूरक स्टाम्प के रुपए, निबंधन शुल्क के साथ 100 रुपये अतिरिक्त देकर स्टांप चोरी के आरोप से मुक्ति पा जा रहे हैं।