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Sant Kabir Nagar News: रेलवे फॉर्म के नाम पर 16 हजार की साइबर ठगी, रकम वापस
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संतकबीरनगर। टेलीग्राम पर रेलवे फॉर्म का लिंक देखकर पंजीकरण करना युवती को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने फीस जमा करने के नाम पर 16 हजार रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने पर महुली पुलिस और साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता की पूरी रकम वापस करा दी।
महुली थाना क्षेत्र के सिक्टहा गांव निवासी कृष्णामती ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी टेलीग्राम पर मिले रेलवे फॉर्म के लिंक के जरिए पंजीकरण कर रही थी। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने फीस जमा करने के नाम पर उससे 16 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता ने 23 अगस्त को पुलिस से शिकायत की।
शिकायत मिलते ही साइबर टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। टीम ने ठगी की रकम को होल्ड कराने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क किया और रकम वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की। लगातार प्रयास के बाद 27 सितंबर को पीड़िता के खाते में 16 हजार रुपये की पूरी रकम वापस करा दी गई।
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अज्ञात लिंक से रहें सावधान
थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडेय ने लोगों से अपील की कि अज्ञात लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। किसी परिचित के नाम पर रुपये मांगे जाने पर पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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महुली थाना क्षेत्र के सिक्टहा गांव निवासी कृष्णामती ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी टेलीग्राम पर मिले रेलवे फॉर्म के लिंक के जरिए पंजीकरण कर रही थी। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने फीस जमा करने के नाम पर उससे 16 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता ने 23 अगस्त को पुलिस से शिकायत की।
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शिकायत मिलते ही साइबर टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। टीम ने ठगी की रकम को होल्ड कराने के लिए संबंधित बैंक से संपर्क किया और रकम वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की। लगातार प्रयास के बाद 27 सितंबर को पीड़िता के खाते में 16 हजार रुपये की पूरी रकम वापस करा दी गई।
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अज्ञात लिंक से रहें सावधान
थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडेय ने लोगों से अपील की कि अज्ञात लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। किसी परिचित के नाम पर रुपये मांगे जाने पर पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।