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निस्तारण का इंतजाम नहीं, कहीं फेंक दे रहे कूड़ा
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निस्तारण का इंतजाम नहीं, कहीं फेंक दे रहे कूड़ा
कूड़ा सड़ने से उठ रही दुर्गंध, संक्रामक बीमारियों की आशंका
घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा के निस्तारण के लिए अभी तक कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं हो सका है। इसके कारण कहीं भी कूड़ा फेंक दिया जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि हाईवे के किनारे से लेकर आस-पास के क्षेत्रों में कूड़े का ढेर लगा हुआ है। जिससे उठ रही दुर्गंध के चलते इन क्षेत्रों में निवास करने वाले वाशिंदों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में करीब 60 हजार की आबादी निवास करती है। प्रतिदिन घरों से बड़ी मात्रा में कूड़ा निकलता है। पूर्व में शहर में यह व्यवस्था बनाई गई थी कि टीमें घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करेंगी। कई महीने तक प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था लागू रही और लोगों को राहत भी मिली थी, लेकिन कोराना संक्रमण के बाद हुए लॉकडाउन में यह व्यवस्था ठप हो गई। ऐसे में अब घरों से निकलना वाला कूड़ा लोग आस-पास सड़क पर ही रख रहे हैं। इसे उठाकर नगर पालिका कर्मी ले जाते हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि कूड़ा निस्तारण का इंतजाम न होने से कहीं हाईवे के किनारे तो कहीं खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा गिरा दिया जा रहा है। इधर, लगातार हो रही बारिश के चलते यह कूड़ा सड़ रहा है और इससे दुर्गंध उठ रही है। ऐसी स्थिति नेदुला बाईपास के पास और जिला अस्पताल के पास देखने को मिल रहा है।
कोट
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए तीन एकड़ से अधिक जमीन की जरूरत है। इसके अलावा उपकरण लगाने पर भी तीन से चार करोड़ रुपये तक खर्च आएगा। यह लंबी प्रक्रिया है। इससे निपटने के लिए छोटे-छोटे उपायों पर कार्य हो रहा है।
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-श्यामसुंदर वर्मा, चेयरमैन नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
कोट
कूड़ा निस्तारण के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। पालिका कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित स्थान पर ही कूड़ा रखें। शहर के निवासियों से भी आग्रह है कि कूड़ा इधर-उधर न फेंके, ताकि सफाई कर्मियों को कूड़ा उठाने में दिक्कत न हो।
-सुरेश मौर्य, ईओ खलीलाबाद
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कूड़ा सड़ने से उठ रही दुर्गंध, संक्रामक बीमारियों की आशंका
घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पालिका परिषद खलीलाबाद में प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा के निस्तारण के लिए अभी तक कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं हो सका है। इसके कारण कहीं भी कूड़ा फेंक दिया जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि हाईवे के किनारे से लेकर आस-पास के क्षेत्रों में कूड़े का ढेर लगा हुआ है। जिससे उठ रही दुर्गंध के चलते इन क्षेत्रों में निवास करने वाले वाशिंदों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में करीब 60 हजार की आबादी निवास करती है। प्रतिदिन घरों से बड़ी मात्रा में कूड़ा निकलता है। पूर्व में शहर में यह व्यवस्था बनाई गई थी कि टीमें घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करेंगी। कई महीने तक प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था लागू रही और लोगों को राहत भी मिली थी, लेकिन कोराना संक्रमण के बाद हुए लॉकडाउन में यह व्यवस्था ठप हो गई। ऐसे में अब घरों से निकलना वाला कूड़ा लोग आस-पास सड़क पर ही रख रहे हैं। इसे उठाकर नगर पालिका कर्मी ले जाते हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि कूड़ा निस्तारण का इंतजाम न होने से कहीं हाईवे के किनारे तो कहीं खाली पड़ी जमीन पर कूड़ा गिरा दिया जा रहा है। इधर, लगातार हो रही बारिश के चलते यह कूड़ा सड़ रहा है और इससे दुर्गंध उठ रही है। ऐसी स्थिति नेदुला बाईपास के पास और जिला अस्पताल के पास देखने को मिल रहा है।
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए तीन एकड़ से अधिक जमीन की जरूरत है। इसके अलावा उपकरण लगाने पर भी तीन से चार करोड़ रुपये तक खर्च आएगा। यह लंबी प्रक्रिया है। इससे निपटने के लिए छोटे-छोटे उपायों पर कार्य हो रहा है।
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-श्यामसुंदर वर्मा, चेयरमैन नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
कोट
कूड़ा निस्तारण के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। पालिका कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित स्थान पर ही कूड़ा रखें। शहर के निवासियों से भी आग्रह है कि कूड़ा इधर-उधर न फेंके, ताकि सफाई कर्मियों को कूड़ा उठाने में दिक्कत न हो।
-सुरेश मौर्य, ईओ खलीलाबाद