फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   not meet 73 cr for aami

आमी की दशा सुधारने को नहीं मिले 73 करोड़

Sat, 03 Aug 2019 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 11:24 PM IST
विज्ञापन
not meet 73 cr for aami
आमी की दशा सुधारने को नहीं मिले 73 करोड़
विज्ञापन

नमामि गंगे परियोजना में शामिल है नदी, जल निगम ने 53 व वन विभाग ने 20 करोड़ का भेजा है प्रस्ताव
खलीलाबाद व मगहर में लगना है सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, नदी के किनारे होना है पौधरोपण
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। नमामि गंगे परियोजना में शामिल आमी नदी की दशा सुधारने के लिए जलनिगम और वनविभाग ने एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) की हाईपॉवर कमेटी के निर्देश पर 73 करोड़ का प्रस्ताव दो माह पूर्व भेजा था। बजट न मिल पाने से नदी की दशा सुधारने का कार्य शुरू नहीं हो सका है। वहीं इस संबंध में सांसद ने जल शक्ति मंत्रालय के अफसरों से बात करने की बात कही है।
सिद्धार्थनगर जिले के सिकहरा ताल से निकली आमी नदी का करीब 60 किलोमीटर हिस्सा संतकबीरनगर जिले में है। बस्ती की चीनी मिल, खलीलाबाद की एक पेपर मिल, नगर पालिका और मगहर नगर पंचायत का गंदा पानी नदी में गिरता है। जलप्रवाह कम होने और प्रदूषित जल के कारण नदी का स्वरूप बिगड़ चुका है। गर्मी नदी की दशा अत्यंत दयनीय हो जाती है। आमी बचाओ मंच ने जब एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) को इस संबंध में जानकारी दी तो प्राधिकरण की हाईपॉवर कमेटी ने पिछले वर्ष नदी का निरीक्षण किया गया था। कमेटी के अध्यक्ष डीपी सिंह ने खलीलाबाद व मगहर के नगर क्षेत्र का पानी नदी में गिरने से रोकने के लिए दोनों जगह सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने और नदी के दोनों तरफ पांच किलोमीटर की चौड़ाई में पौधरोपण व जलाशयों को सक्रिय करने का निर्देश दिया था। इसके बाद जल निगम ने खलीलाबाद के लिए लगभग 34 करोड़ व मगहर के लिए 19 करोड़ की लागत से दो सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की कार्ययोजना बनाकर भेजी। वहीं वन विभाग की ओर से नदी के दोनों किनारे पौधरोपण के लिए 20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया।
विज्ञापन

खलीलाबाद व मगहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर कुल 53 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा चुका है। बजट मिलते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। दोनों जगह प्लांट लगने के शहर के नालों का पानी संशोधित होकर नदी में जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- वीपी सिंह, एक्सईएन जलनिगम
आमी नदी के दोनों किनारे किसानों की जमीनें हैं। ऐेसे पौधरोपण कराने में दिक्कत है। किसानों को प्रोत्साहित करके पौधरोपण कराना है। इस कार्य पर करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इतने बजट का जिला स्तर पर प्रबंध संभव नहीं है। शासन से धन आवंटित होते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। - टी रंगाराजू, डीएफओ

अफसरों से बात करके करेंगे प्रयास : सांसद
संतकबीनगर के सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि आमी नदी जिले की विशिष्ट पहचान है। इस पवित्र नदी का जल आचमन लायक बनाने का प्रयास किया जाएगा। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व पौधरोपण के लिए जिस बजट का प्रस्ताव भेजा गया है, उसकी स्वीकृति के लिए जलशक्ति मंत्रालय के अफसरों से बात की जाएगी। नदी की सफाई व पौधरोपण के लिए बजट की कमी नहीं होने पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed