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एक्सरे मशीन नहीं, फिर भी तैनात हैं टेक्नीशियन
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एक्सरे मशीन नहीं, फिर भी तैनात हैं टेक्नीशियन
- टेक्नीशियनाें से फील्ड का लिया जा रहा कार्य
- सेमरियावां सीएचसी का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां/संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां अब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में नाकाम साबित हो रहा है। सीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। प्रतिदिन मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एक्सरे मशीन न होने से मरीजों को काफी दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। यहां एक्सरे की सुविधा नहीं है, फिर भी टेक्नीशियन तैनात हैं। उनसे फील्ड का काम लिया जा रहा है।
30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में इलाज के लिए सेमरियावां ब्लॉक के साथ जनपद के बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली आदि ब्लॉकों के लोग आते हैं। सेमरियावां के 192 राजस्व गांव समेत इस हॉस्पिटल पर पांच लाख लोग आश्रित हैं। 11 वर्ष पूर्व इस हॉस्पिटल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला था तो लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी, अब तक निराशा हाथ लगी है। सीएचसी में प्रतिदिन 600 से 700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में आठ डॉक्टर, दो एलटी, तीन वार्ड ब्वाय, चार फार्मासिस्ट, 42 एएनएम, चार स्टाफ नर्स, 252 आशा की तैनाती है। 11 वर्ष पूर्व एक्स रे मशीन के लिए पैनल आया था। कुछ पार्ट के अभाव में मशीन इंस्टॉल नहीं हो पाई। एक्स-रे मशीन के लिए रूम भी अलाट किया गया। एक्सरे मशीन न होने के बावजूद भी यहां दो साल से एक एक्स-रे टेक्नीशियन मनोज कुमार चौधरी और डार्क रूम सहायक मनोज सिंह तैनात हैं, लेकिन उन्हें एक्सरे मशीन न होने के कारण कोई काम ही नहीं रहता, इसलिए पूरा समय बैठे रहते हैं। अबूजर चौधरी, मोहम्मद अजीम, वसीम खान, संतोष कुमार ने बताया कि एक्सरे मशीन के लिए विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन स्थिति जस की तस है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर जगदीश पटेल ने बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। एक्सरे मशीन के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार लिखित तौर पर दिया गया है। एक्स-रे मशीन टेक्नीशियन से फील्ड का काम लिया जा रहा है।
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- टेक्नीशियनाें से फील्ड का लिया जा रहा कार्य
- सेमरियावां सीएचसी का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां/संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां अब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने में नाकाम साबित हो रहा है। सीएचसी में सुविधाओं का अभाव है। प्रतिदिन मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन एक्सरे मशीन न होने से मरीजों को काफी दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। यहां एक्सरे की सुविधा नहीं है, फिर भी टेक्नीशियन तैनात हैं। उनसे फील्ड का काम लिया जा रहा है।
30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां में इलाज के लिए सेमरियावां ब्लॉक के साथ जनपद के बघौली, बेलहर कला, सांथा, बस्ती जनपद के साऊंघाट, रुधौली आदि ब्लॉकों के लोग आते हैं। सेमरियावां के 192 राजस्व गांव समेत इस हॉस्पिटल पर पांच लाख लोग आश्रित हैं। 11 वर्ष पूर्व इस हॉस्पिटल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिला था तो लोगों को यहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी, अब तक निराशा हाथ लगी है। सीएचसी में प्रतिदिन 600 से 700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में आठ डॉक्टर, दो एलटी, तीन वार्ड ब्वाय, चार फार्मासिस्ट, 42 एएनएम, चार स्टाफ नर्स, 252 आशा की तैनाती है। 11 वर्ष पूर्व एक्स रे मशीन के लिए पैनल आया था। कुछ पार्ट के अभाव में मशीन इंस्टॉल नहीं हो पाई। एक्स-रे मशीन के लिए रूम भी अलाट किया गया। एक्सरे मशीन न होने के बावजूद भी यहां दो साल से एक एक्स-रे टेक्नीशियन मनोज कुमार चौधरी और डार्क रूम सहायक मनोज सिंह तैनात हैं, लेकिन उन्हें एक्सरे मशीन न होने के कारण कोई काम ही नहीं रहता, इसलिए पूरा समय बैठे रहते हैं। अबूजर चौधरी, मोहम्मद अजीम, वसीम खान, संतोष कुमार ने बताया कि एक्सरे मशीन के लिए विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन स्थिति जस की तस है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर जगदीश पटेल ने बताया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। एक्सरे मशीन के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार लिखित तौर पर दिया गया है। एक्स-रे मशीन टेक्नीशियन से फील्ड का काम लिया जा रहा है।
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