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सरकारी दफ्तरों में आग से बचाव की व्यवस्था नहीं
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बीएसए कार्यालय में नहीं लगा अग्निशमन यंत्र।
- फोटो : KHALILABAD
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सरकारी दफ्तरों में आग से बचाव की व्यवस्था नहीं
- सीएमओ, बीएसए, आरटीओ, वाणिज्य कर विभाग में नहीं है अग्निशमन यंत्र
- कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल और विकास भवन में लगे फायर टेंडर की नहीं होती है समय-समय पर जांच
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। सरकारी कार्यालयों में अभिलेखों को सुरक्षित रखना विभागों की जिम्मेदारी है, लेकिन अधिकतर सरकारी दफ्तरों में अग्निशमन के इंतजाम ही नहीं है। जहां इंतजाम किए गए हैं, वहां भी सिर्फ खानापूर्ति की गई है, न तो अग्निशमन यंत्र ठीक है और न ही पानी का मुकम्मल इंतजाम है। नियम के मुताबिक जहां अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, वहां उनकी जांच प्रत्येक वर्ष होनी चाहिए, लेकिन विभागीय अधिकारी इसे लेकर उदासीन बने हुए हैं। लखनऊ में आग की घटना होने के बाद अग्रिशमन अधिकारी सरकारी विभागों से संपर्क कर उन्हें विभागों में यंत्र लगवाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। संवाद
जिलाधिकारी कार्यालय में अधूरा है इंतजाम
जिला बनने के बाद नया कलेक्ट्रेट भवन बना है। जिसका हस्तानांतरण वर्ष 2010 में हुआ। नियम के तहत नए भवन में अग्निशमन की व्यवस्था निर्माण कार्य के साथ ही होनी चाहिए। यहां आग से बचाव के लिए इंतजाम तो किए गए हैं। अग्निशमन यंत्र भी लगा है, लेकिन कभी भी ट्रायल नहीं हुआ। यहां आग बुझाने के लिए फायर हाइडेंट भी बने हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर पानी आएगा, इसकी गारंटी नहीं है। वह भी तब जबकि यहां महत्वपूर्ण अभिलेख हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी भी आते हैं। ऐसे में यदि आग लगी तो लोगों को सुरक्षित कैसे करेंगे यह सवाल कायम है।
बीएसए दफ्तर में नहीं है कोई इंतजाम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय भवन में आग से बचाव के लिए अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहां तक कि अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगा है, जबकि कार्यालय में जहां, तहां फाइलें रखी हुई हैं। यहां पानी और बालू का भी इंतजाम नहीं है। इसके बावजूद विभाग को कोई चिंता नहीं है। बीएसए अतुल कुमार तिवारी कहते हैं कि ऑफिस में आग से बचाव का इंतजाम होना चाहिए। अभी तक इंतजाम न होने पर कहते हैं, इस दिशा में पहल की जाएगी। इस तरह आरटीओ और वाणिज्य कर विभाग में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा है।
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विकास भवन में इंतजाम तो है पर नहीं हुई नियमित जांच
विकास भवन में कई कार्यालय है। यह भवन वर्ष 2010 में हस्तानांतरित किया गया। बाहर आग से बचाव के लिए फायर हाइडेंट लगा है। पानी के लिए पाइप भी लगी है, लेकिन कभी भी इसकी टेस्टिंग नहीं हुई। विकास भवन के अंदर जो कार्यालय हैं, उन कार्यालयों में अलग से कोई व्यवस्था नही है, जबकि सभी जगहों पर जरूरी फाइलें रखी गई है। अग्रिशमन यंत्र कहीं नही दिखा। यहां तक कि बरामदें में न तो बालू दिखा और न ही पानी। सीडीओ अतुल मिश्र कहते हैं कि आग से बचाव के लिए इंतजाम हैं, जो कमियां होगी उन्हें शीघ्र दूर करा लिया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी में नहीं है इंतजाम
आग से बचाव के लिए पुलिस लाइंस के पास स्थित लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में कोई इंतजाम नहीं दिखा। जबकि यहां कर्मचारियों के बैठने के लिए संकरी गैलरी के किनारे कमरे बने हैं। इन्हीं कमरों में ही फाइलें रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आग से बचाव के लिए इंतजाम होना चाहिए।
सीएमओ कार्यालय में नहीं है अग्निशमन यंत्र
सीएमओ कार्यालय में प्रतिदिन भीड़ रहती है, इसके साथ ही महत्वपूर्ण फाइलें भी रखी गई हैं। यहां पर आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं है। अगर आग लगती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी ही बुझा पाएगी, तत्काल आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगा है। सीएमओ डॉ अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आग बुुझाने के समस्त इंतजाम किए जाएंगे।
आग से बचाव के इंतजाम बेहद जरूरी हैै। यदि कोई कमी है तो उसे दिखवाएंगे और जरूरी सुविधाए उपलब्ध करवाएंगे। जिससे आपात स्थित से निपटने मे मदद मिलेगी।
- मनोज कुुमार सिंह, एडीएम
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- सीएमओ, बीएसए, आरटीओ, वाणिज्य कर विभाग में नहीं है अग्निशमन यंत्र
- कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल और विकास भवन में लगे फायर टेंडर की नहीं होती है समय-समय पर जांच
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। सरकारी कार्यालयों में अभिलेखों को सुरक्षित रखना विभागों की जिम्मेदारी है, लेकिन अधिकतर सरकारी दफ्तरों में अग्निशमन के इंतजाम ही नहीं है। जहां इंतजाम किए गए हैं, वहां भी सिर्फ खानापूर्ति की गई है, न तो अग्निशमन यंत्र ठीक है और न ही पानी का मुकम्मल इंतजाम है। नियम के मुताबिक जहां अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं, वहां उनकी जांच प्रत्येक वर्ष होनी चाहिए, लेकिन विभागीय अधिकारी इसे लेकर उदासीन बने हुए हैं। लखनऊ में आग की घटना होने के बाद अग्रिशमन अधिकारी सरकारी विभागों से संपर्क कर उन्हें विभागों में यंत्र लगवाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। संवाद
जिलाधिकारी कार्यालय में अधूरा है इंतजाम
जिला बनने के बाद नया कलेक्ट्रेट भवन बना है। जिसका हस्तानांतरण वर्ष 2010 में हुआ। नियम के तहत नए भवन में अग्निशमन की व्यवस्था निर्माण कार्य के साथ ही होनी चाहिए। यहां आग से बचाव के लिए इंतजाम तो किए गए हैं। अग्निशमन यंत्र भी लगा है, लेकिन कभी भी ट्रायल नहीं हुआ। यहां आग बुझाने के लिए फायर हाइडेंट भी बने हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर पानी आएगा, इसकी गारंटी नहीं है। वह भी तब जबकि यहां महत्वपूर्ण अभिलेख हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी भी आते हैं। ऐसे में यदि आग लगी तो लोगों को सुरक्षित कैसे करेंगे यह सवाल कायम है।
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बीएसए दफ्तर में नहीं है कोई इंतजाम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय भवन में आग से बचाव के लिए अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहां तक कि अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगा है, जबकि कार्यालय में जहां, तहां फाइलें रखी हुई हैं। यहां पानी और बालू का भी इंतजाम नहीं है। इसके बावजूद विभाग को कोई चिंता नहीं है। बीएसए अतुल कुमार तिवारी कहते हैं कि ऑफिस में आग से बचाव का इंतजाम होना चाहिए। अभी तक इंतजाम न होने पर कहते हैं, इस दिशा में पहल की जाएगी। इस तरह आरटीओ और वाणिज्य कर विभाग में अग्निशमन यंत्र नहीं लगा है।
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विकास भवन में इंतजाम तो है पर नहीं हुई नियमित जांच
विकास भवन में कई कार्यालय है। यह भवन वर्ष 2010 में हस्तानांतरित किया गया। बाहर आग से बचाव के लिए फायर हाइडेंट लगा है। पानी के लिए पाइप भी लगी है, लेकिन कभी भी इसकी टेस्टिंग नहीं हुई। विकास भवन के अंदर जो कार्यालय हैं, उन कार्यालयों में अलग से कोई व्यवस्था नही है, जबकि सभी जगहों पर जरूरी फाइलें रखी गई है। अग्रिशमन यंत्र कहीं नही दिखा। यहां तक कि बरामदें में न तो बालू दिखा और न ही पानी। सीडीओ अतुल मिश्र कहते हैं कि आग से बचाव के लिए इंतजाम हैं, जो कमियां होगी उन्हें शीघ्र दूर करा लिया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी में नहीं है इंतजाम
आग से बचाव के लिए पुलिस लाइंस के पास स्थित लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में कोई इंतजाम नहीं दिखा। जबकि यहां कर्मचारियों के बैठने के लिए संकरी गैलरी के किनारे कमरे बने हैं। इन्हीं कमरों में ही फाइलें रखी गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आग से बचाव के लिए इंतजाम होना चाहिए।
सीएमओ कार्यालय में नहीं है अग्निशमन यंत्र
सीएमओ कार्यालय में प्रतिदिन भीड़ रहती है, इसके साथ ही महत्वपूर्ण फाइलें भी रखी गई हैं। यहां पर आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं है। अगर आग लगती है तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी ही बुझा पाएगी, तत्काल आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगा है। सीएमओ डॉ अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आग बुुझाने के समस्त इंतजाम किए जाएंगे।
आग से बचाव के इंतजाम बेहद जरूरी हैै। यदि कोई कमी है तो उसे दिखवाएंगे और जरूरी सुविधाए उपलब्ध करवाएंगे। जिससे आपात स्थित से निपटने मे मदद मिलेगी।
- मनोज कुुमार सिंह, एडीएम