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रकम मिली नहीं, आ गया रिकवरी नोटिस
sant kabir nagar
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:43 PM IST
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यदि आप नाथनगर ब्लॉक के निवासी हैं और आपका नाम बीपीएल प्रतीक्षा सूची में था तो सावधान हो जाएं। आपके पास इंदिरा आवास के लाभ के लिए रिकवरी नोटिस पहुंच सकता है। दरअसल, वर्ष 2012-13 में आवंटित इंदिरा आवासों के फर्जीवाडे़ का शिकार एक सफाईकर्मी के पास रिकवरी का नोटिस आने के बाद वह ब्लॉक मुख्यालय पहुंचा तो जांच में यह सच सामने आया।
ग्राम पंचायत केवटली के राजस्व गांव जोतिखापुर निवासी रामभवन पुत्र रामजोखन पौली ब्लॉक में सफाई कर्मी के पद पर तैनात हैं। रामभवन को इंदिरा आवास का निर्माण नहीं कराने पर 30 जुलाई को परियोजना निदेशक का रिकवरी नोटिस मिला। परेशान होकर वह बैंक पासबुक के साथ ब्लॉक मुख्यालय पहुंचा। रामभवन ने जब इंदिरा आवास कभी न मिलने की बात कही तो अभिलेखों की छानबीन शुरू हुई। ब्लॉक के आवास अभिलेख में वर्ष 2012-13 में रामभवन पुत्र रामजोखन के नाम इंदिरा आवास की पहली किश्त 35 हजार रुपये भेजा जाना अंकित है। नाम के आगे पूर्वांचल ग्रामीण बैंक का खाता संख्या 3207****** अंकित किया गया है। जो कि रामभवन की पत्नी विंद्रावती का है। उक्त खाते की जब पड़ताल हुई तो 35 हजार रुपये की धनराशि का कभी लेन देन हुआ ही नहीं है।
इसके बाद बैंक कर्मियों से लेकर सभी हैरत में पड़ गए। आखिर रामभवन के नाम से आवंटित इंदिरा आवास का धन कब और कहां गया।
वहीं ब्लॉक सूत्रों की मानें तो उस समय इंदिरा आवास के लाभार्थियों के नाम से चेक बना कर उन्हें दिए जाने का प्रावधान था। ऐसे में ब्लॉक के तत्कालीन जिम्मेदारों ने आवासों के नाम पर सैकड़ों गोलमाल करके लाखों का हेरफेर किया था। सूत्रों का कहना है कि यदि इस सत्र के ब्लॉक के सभी गांवों के आवंटित इंदिरा आवासों की जांच कराई जाए तो घोटालेबाजों के एक बडे़ रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है। सीडीओ लालजी यादव ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। समूचे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कडी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत केवटली के राजस्व गांव जोतिखापुर निवासी रामभवन पुत्र रामजोखन पौली ब्लॉक में सफाई कर्मी के पद पर तैनात हैं। रामभवन को इंदिरा आवास का निर्माण नहीं कराने पर 30 जुलाई को परियोजना निदेशक का रिकवरी नोटिस मिला। परेशान होकर वह बैंक पासबुक के साथ ब्लॉक मुख्यालय पहुंचा। रामभवन ने जब इंदिरा आवास कभी न मिलने की बात कही तो अभिलेखों की छानबीन शुरू हुई। ब्लॉक के आवास अभिलेख में वर्ष 2012-13 में रामभवन पुत्र रामजोखन के नाम इंदिरा आवास की पहली किश्त 35 हजार रुपये भेजा जाना अंकित है। नाम के आगे पूर्वांचल ग्रामीण बैंक का खाता संख्या 3207****** अंकित किया गया है। जो कि रामभवन की पत्नी विंद्रावती का है। उक्त खाते की जब पड़ताल हुई तो 35 हजार रुपये की धनराशि का कभी लेन देन हुआ ही नहीं है।
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इसके बाद बैंक कर्मियों से लेकर सभी हैरत में पड़ गए। आखिर रामभवन के नाम से आवंटित इंदिरा आवास का धन कब और कहां गया।
वहीं ब्लॉक सूत्रों की मानें तो उस समय इंदिरा आवास के लाभार्थियों के नाम से चेक बना कर उन्हें दिए जाने का प्रावधान था। ऐसे में ब्लॉक के तत्कालीन जिम्मेदारों ने आवासों के नाम पर सैकड़ों गोलमाल करके लाखों का हेरफेर किया था। सूत्रों का कहना है कि यदि इस सत्र के ब्लॉक के सभी गांवों के आवंटित इंदिरा आवासों की जांच कराई जाए तो घोटालेबाजों के एक बडे़ रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है। सीडीओ लालजी यादव ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। समूचे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कडी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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