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निषाद एकता परिषद के लोगों ने धरना दिया

Wed, 31 Aug 2016 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 31 Aug 2016 12:47 AM IST
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nishad staged dharna
जिला मुख्यालय पर धरना - फोटो : अमर उजाला
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा के कारण हाइवे पर पूर्व सांसद फूलनदेवी के नाम से स्वागत द्वार स्थापित नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की भी मांग की गई। धरना के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। 
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परिषद के आह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुुंचे और प्रदर्शन कर धरना पर बैठ गए। धरना में प्रवीण कुमार निषाद व श्रवण निषाद ने कहा कि खलीलाबाद के सदर विधायक डॉक्टर मोहम्मद अयूब ने अपने विधायक निधि से एनएच 28 पर फूलन देवी के नाम से स्वागत द्वार बनवाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन शासन-प्रशासन की उपेक्षा से अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिली। ऐसे में निषाद समाज अपने को अपमानित महसूस कर रहा है।
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धरना में मंडल प्रभारी हरिनरायन निषाद व मंडल अध्यक्ष डॉक्टर बृजेश कुमार निषाद ने कहा कि निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह समाज सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक रूप सेे काफी पिछड़ा हुआ है। धरना में विश्वनाथ निषाद, जिलाध्यक्ष राम सागर निषाद, राजेंद्र निषाद, संतराम निषाद, दिलीप निषाद, धर्मेंद्र कुमार निषाद, महाबल निषाद, संगम निषाद, जर्नादन निषाद, रामउग्रह निषाद, सिद्धनाथ निषाद, दिवाकर निषाद, मेवाती निषाद, सतिया निषाद, विलावती निषाद, प्रेमा निषाद, सुदामा निषाद, कौशिल्या निषाद, चीनी निषाद, कुसुुुम निषाद, अभिनाश निषाद, बलराम प्रजापति आदि शामिल रहे। 
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