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Sant Kabir Nagar News: आज से लागू हो रहे नए आपराधिक कानून, पुलिस की तैयारी पूरी

Mon, 01 Jul 2024 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 01 Jul 2024 02:38 AM IST
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New criminal laws coming into effect from today, police preparations complete
- अस्तित्व में आया भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम
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- कई चरण में हुआ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ट्रेनिंग

संतकबीरनगर। कानून संसोधन के बाद अब आईपीसी व सीआरपीसी आज से इतिहास बन जाएगा। नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे। अंग्रेजों के जमाने से चल रहे इस कानून के स्थान पर सोमवार से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम अस्तित्व में आ गया है। इसके लिए पुलिस विभाग की तरफ से सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कई चरण में पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी हुई।
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत आपराधिक मामलों में कार्रवाई की सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। विधि विशेषज्ञों के माध्यम से सभी पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग कराई गई है, जिससे नए कानून के तहत कार्रवाई करने में पुलिसकर्मियों को किसी तरह की समस्या न हो।
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इसके अलावा पुलिस मुख्यालय से नए कानून के तहत मिले एप्लीकेशन को कंप्यूटर में इंस्टाल करा दिया गया है। पुलिस विभाग के राजपत्रित अधिकारियों से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य पुलिस कर्मियों की चरणवार ट्रेनिंग दी गई। नए कानून के संबंध में पुलिस विभाग की तरफ से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है। जिससे इसे लागू करने और धरातल पर लाने में किसी तरह की दिक्कत न हो सके।
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राजद्रोह समाप्त... देशद्रोह में जाएंगे जेल
अंग्रेजों के समय के कानून 124 (क) आईपीसी को नए कानून के तहत समाप्त कर दिया गया है। इसकी जगह अब देशद्रोह ने ले लिया है। लोकतांत्रिक देश में सरकार की आलोचना कोई भी कर सकता है। किसी ने यदि सशस्त्र विरोध, बम धमाका किया तो उसके खिलाफ देशद्रोह के तहत कार्रवाई होगी। उसे आजाद रहने का हक नहीं होगा और जेल जाना पड़ेगा।


बोले अधिवक्ता
एक जुलाई से भारतीय न्याय संहिता में जो तीन नए कानून लागू हो रहे हैं, उन्हें पुरानी संहिता में ही संशोधित कर लागू किया जा सकता था। जिससे अधिवक्ता, पुलिस, जज, वादकारियों को परेशानी नहीं होती। यह सही है कि इस नए कानून में जो नई धाराएं जोड़ी गई हैं और जिन धाराओं में परिवर्तन किया गया है, उसे पुरानी संहिता में संशोधित कर लागू करके कठिनाइयों से बचा जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। लोगों के संवैधानिक नागरिक स्वतंत्रता पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। संविधान के बाद दूसरे नंबर पर इस कानून का महत्व है।
- मोहम्मद असलम, वरिष्ठ अधिवक्ता

भारतीय न्याय संहिता एक जुलाई से लागू हो रही है। नई व्यवस्था के रूप में लागू होगी। इस विधि व्यवस्था में वादकारियों, पुलिस और अधिवक्ताओं को ढलना होगा, तभी सब इस परिवर्तन के साथ न्यायिक कार्रवाई में सुचारु रूप से अपना योगदान दे सकेंगे। नई संहिता में वर्तमान सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप 12 नई धाराएं जोड़ी गई हैं और 75 धाराओं में परिवर्तन किया गया है।

- राजेश मिश्र, अधिवक्ता


कोई नई चीज सामने आती है तो शुरुआती दौर में कई तरीके की परेशानियां उठाना पड़ती है। नए कानून के संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की ट्रेनिंग करा दिया गया है, जिससे किसी को भी काम करने के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हों।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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