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विधायक ने बखिरा झील के विकास का मुद्दा उठाया
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विधानसभा में चल रहे सत्र में मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी ने बखिरा झील, बर्तन उद्योग, कोपिया टील
- फोटो : KHALILABAD
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विधायक ने बखिरा झील के विकास का मुद्दा उठाया
- विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान उठाई क्षेत्र की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। विधानसभा का सत्र लखनऊ में चल रहा है। मेंहदावल विधायक अनिल तिवारी ने मेंहदावल विधानसभा के अंतर्गत बखिरा झील, बर्तन कारोबार, कोपिया टीला, धर्मसिंहवा का बौद्ध स्तूप के विकास के लिए विधानसभा सत्र के दौरान आवाज उठाई है। उन्होंने सभी बिंदुओं पर चर्चा करते हुए विकास कराने पर जोर दिया।
विधायक अनिल तिवारी ने राज्यपाल के अभिभाषण व धन्यवाद ज्ञापन के बाद कहा कि मेंहदावल विधानसभा से प्रदेश को प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी विधायक चुनी गई थीं। इसके बाद से यह क्षेत्र कभी भी विकास की दौड़ में आगे नहीं रहा है। इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रमुख स्थलों के विकास के लिए सदन के पटल पर रखा। कहा कि बखिरा झील 1991 में पक्षी अभयारण्य घोषित हुआ था, लेकिन 33 वर्ष बाद भी विकास नहीं हो सका है। यहां का बर्तन कारोबार एक जिला एक उत्पाद में चयनित हुआ, लेकिन पांच साल बाद भी चयनित कार्य स्थल पर सिर्फ बाउंड्रीवाल ही बन सका है। भगवान बुद्ध की स्थली कोपिया टीला का विकास मील का पत्थर साबित होगा। धर्मसिंहवा का बौद्ध स्तूप भी विकास की बांट जोह रहा है। मेंहदावल विधानसभा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, बघुवा में गोवंश संरक्षण स्थल एवं आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की भी चर्चा की। बालिकाओं की शिक्षा हेतु डिग्री कॉलेज की स्थापना पर भी जोर दिया।
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- विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान उठाई क्षेत्र की समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। विधानसभा का सत्र लखनऊ में चल रहा है। मेंहदावल विधायक अनिल तिवारी ने मेंहदावल विधानसभा के अंतर्गत बखिरा झील, बर्तन कारोबार, कोपिया टीला, धर्मसिंहवा का बौद्ध स्तूप के विकास के लिए विधानसभा सत्र के दौरान आवाज उठाई है। उन्होंने सभी बिंदुओं पर चर्चा करते हुए विकास कराने पर जोर दिया।
विधायक अनिल तिवारी ने राज्यपाल के अभिभाषण व धन्यवाद ज्ञापन के बाद कहा कि मेंहदावल विधानसभा से प्रदेश को प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी विधायक चुनी गई थीं। इसके बाद से यह क्षेत्र कभी भी विकास की दौड़ में आगे नहीं रहा है। इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रमुख स्थलों के विकास के लिए सदन के पटल पर रखा। कहा कि बखिरा झील 1991 में पक्षी अभयारण्य घोषित हुआ था, लेकिन 33 वर्ष बाद भी विकास नहीं हो सका है। यहां का बर्तन कारोबार एक जिला एक उत्पाद में चयनित हुआ, लेकिन पांच साल बाद भी चयनित कार्य स्थल पर सिर्फ बाउंड्रीवाल ही बन सका है। भगवान बुद्ध की स्थली कोपिया टीला का विकास मील का पत्थर साबित होगा। धर्मसिंहवा का बौद्ध स्तूप भी विकास की बांट जोह रहा है। मेंहदावल विधानसभा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, बघुवा में गोवंश संरक्षण स्थल एवं आवारा पशुओं से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की भी चर्चा की। बालिकाओं की शिक्षा हेतु डिग्री कॉलेज की स्थापना पर भी जोर दिया।
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