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Sant Kabir Nagar News: व्यापारियों की समस्याओं को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन
Fri, 01 Aug 2025 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:43 PM IST
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संतकबीरनगर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर विभाग द्वारा वसूली प्रमाण पत्र, निरस्तीकरण/संशोधन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण व्यापारियों को हो रही परेशानी से अवगत कराया गया है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार अग्रहरि ने बताया कि राज्य कर विभाग में पंजीकृत जनपद के अनेक व्यापारियों पर एक पक्षीय रूप से कर निर्धारण आदेश पारित कर दिया गया। संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध वसूली प्रमाण पत्र जारी कर वसूली अमीनों को प्रेषित किया गया है। वर्तमान में वसूली प्रमाण पत्र का संशोधन/निरस्तीकरण आदेश जारी करने में लंबी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिससे व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशानी हो रही है।
उन्होंने मांग किया कि राज्य कर विभाग को निर्देशित किया जाए कि पूर्व की तरह करमुक्ति अथवा भुगतान के उपरांत शीघ्र वसूली प्रमाण पत्र संशोधन/निरस्तीकरण आदेश जारी किया जाए। इसके अलावा सीआरए कार्यालय से पत्राचार की लंबी प्रक्रिया को आंतरिक समन्वय द्वारा सीमित किया जाए और यदि किसी व्यापारी के पास करमुक्ति का लिखित आदेश उपलब्ध है, तो ऐसी दशा में वसूली अमीनों द्वारा वसूली का दबाव न बनाया जाए।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार अग्रहरि ने बताया कि राज्य कर विभाग में पंजीकृत जनपद के अनेक व्यापारियों पर एक पक्षीय रूप से कर निर्धारण आदेश पारित कर दिया गया। संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध वसूली प्रमाण पत्र जारी कर वसूली अमीनों को प्रेषित किया गया है। वर्तमान में वसूली प्रमाण पत्र का संशोधन/निरस्तीकरण आदेश जारी करने में लंबी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिससे व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशानी हो रही है।
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उन्होंने मांग किया कि राज्य कर विभाग को निर्देशित किया जाए कि पूर्व की तरह करमुक्ति अथवा भुगतान के उपरांत शीघ्र वसूली प्रमाण पत्र संशोधन/निरस्तीकरण आदेश जारी किया जाए। इसके अलावा सीआरए कार्यालय से पत्राचार की लंबी प्रक्रिया को आंतरिक समन्वय द्वारा सीमित किया जाए और यदि किसी व्यापारी के पास करमुक्ति का लिखित आदेश उपलब्ध है, तो ऐसी दशा में वसूली अमीनों द्वारा वसूली का दबाव न बनाया जाए।
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