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Sant Kabir Nagar News: बच्चों के भविष्य के लिए सही फैसला, अखबार पढ़ना जरूरी
Sat, 10 Jan 2026 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:31 AM IST
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सुमन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज, अखबार वाली खबर में
बुद्धिजीवी बोले- अखबार पढ़ने से बच्चों की सोचने9समझने की क्षमता होगी विकसित
संतकबीरनगर। सरकार ने सभी विद्यालयों में बच्चों को अनिवार्य रूप से अखबार पढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसका बुद्धजीवियों ने स्वागत किया है। जानकारों का कहना है कि इससे स्कूल में बच्चों का सामान्य ज्ञान तो बढ़ेगा ही, उनका बौद्धिक विकास भी होगा। अखबार पढ़ने से आसपास की घटनाओं की जानकारी होगी। साथ ही प्रेरक लेख से उनका ज्ञानवर्धन होगा।
बुद्धजीवियों का कहना है कि युवा जब प्रतियोगी परीक्षा में भागीदारी लेते हैं, तो उन्हें देश-दुनिया में कौन सी घटना कब घटित हुई है। इसकी जानकारी होने से उन्हें लाभ मिलता है। अखबार ही एक मात्र ऐसा साधन है, जो बच्चों के शब्द भंडार में बढ़ोतरी कर सकता है। साथ ही सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक विषयों की समझ भी मजबूत होगी। समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं, विकास कार्यों से जुड़ी खबरों को पढ़ने और उन पर चर्चा करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास होगा। सरकार का यह निर्णय सराहनीय है।
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अखबार पढ़ने से बच्चों की भाषा शैली में सुधार होगा। शब्द भंडार बढ़ेगा और उनमें सोचने-समझने की क्षमता विकसित होगी। विद्यार्थियों को चाहिए कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याएं विकास कार्यों से जुड़ी खबरों का संकलन कर उन पर चर्चा करें। इससे उन्हें काफी लाभ मिलेगा। -संजय द्विवेदी, प्रधानाचार्य एएच एग्री इंटर कॉलेज दुधारा
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आजकल देखने में आ रहा है कि बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताते हैं, जो खतरनाक है। कम उम्र के बच्चों का सोशल मीडिया एकाउंट होना चिंताजनक है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए अखबार सबसे भरोसेमंद व प्रामाणिक माध्यम है। यह बच्चों को भ्रामक सूचनाओं से बचाते हुए सही दिशा देने का काम करेगा। -अरुण कुमार ओझा, प्रधानाचार्य एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद
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विद्यालयों में अखबार पहुंचने से जहां छात्र-छात्राओं का सामान्य ज्ञान मजबूत होगा, वहीं विद्यार्थियों का मानसिक एवं सामाजिक विकास भी मजबूत होगा। समाचार पत्रों के माध्यम से देश-विदेश की भी जानकारी मिलती है। -यूनुस अख्तर खां, प्रधानाचार्य, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज खलीलाबाद
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स्कूलों में अखबार अनिवार्य करने से बच्चों में सामान्य ज्ञान के साथ-साथ समसामयिक विषयों पर भी पकड़ मजबूत होगी, जो भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। - सुमन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज खलीलाबाद
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संतकबीरनगर। सरकार ने सभी विद्यालयों में बच्चों को अनिवार्य रूप से अखबार पढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसका बुद्धजीवियों ने स्वागत किया है। जानकारों का कहना है कि इससे स्कूल में बच्चों का सामान्य ज्ञान तो बढ़ेगा ही, उनका बौद्धिक विकास भी होगा। अखबार पढ़ने से आसपास की घटनाओं की जानकारी होगी। साथ ही प्रेरक लेख से उनका ज्ञानवर्धन होगा।
बुद्धजीवियों का कहना है कि युवा जब प्रतियोगी परीक्षा में भागीदारी लेते हैं, तो उन्हें देश-दुनिया में कौन सी घटना कब घटित हुई है। इसकी जानकारी होने से उन्हें लाभ मिलता है। अखबार ही एक मात्र ऐसा साधन है, जो बच्चों के शब्द भंडार में बढ़ोतरी कर सकता है। साथ ही सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक विषयों की समझ भी मजबूत होगी। समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं, विकास कार्यों से जुड़ी खबरों को पढ़ने और उन पर चर्चा करने से विद्यार्थियों का बौद्धिक विकास होगा। सरकार का यह निर्णय सराहनीय है।
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अखबार पढ़ने से बच्चों की भाषा शैली में सुधार होगा। शब्द भंडार बढ़ेगा और उनमें सोचने-समझने की क्षमता विकसित होगी। विद्यार्थियों को चाहिए कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याएं विकास कार्यों से जुड़ी खबरों का संकलन कर उन पर चर्चा करें। इससे उन्हें काफी लाभ मिलेगा। -संजय द्विवेदी, प्रधानाचार्य एएच एग्री इंटर कॉलेज दुधारा
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आजकल देखने में आ रहा है कि बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताते हैं, जो खतरनाक है। कम उम्र के बच्चों का सोशल मीडिया एकाउंट होना चिंताजनक है। इससे छुटकारा दिलाने के लिए अखबार सबसे भरोसेमंद व प्रामाणिक माध्यम है। यह बच्चों को भ्रामक सूचनाओं से बचाते हुए सही दिशा देने का काम करेगा। -अरुण कुमार ओझा, प्रधानाचार्य एचआर इंटर कॉलेज खलीलाबाद
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विद्यालयों में अखबार पहुंचने से जहां छात्र-छात्राओं का सामान्य ज्ञान मजबूत होगा, वहीं विद्यार्थियों का मानसिक एवं सामाजिक विकास भी मजबूत होगा। समाचार पत्रों के माध्यम से देश-विदेश की भी जानकारी मिलती है। -यूनुस अख्तर खां, प्रधानाचार्य, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज खलीलाबाद
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स्कूलों में अखबार अनिवार्य करने से बच्चों में सामान्य ज्ञान के साथ-साथ समसामयिक विषयों पर भी पकड़ मजबूत होगी, जो भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। - सुमन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज खलीलाबाद

सुमन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज, अखबार वाली खबर में

सुमन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज, अखबार वाली खबर में

सुमन त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, पीबी गर्ल्स इंटर काॅलेज, अखबार वाली खबर में