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Sant kabir Nagar: कबीर चौरा के महंत विचारदास और पुरातत्व विभाग में ठनी, मालिकाना हक बना विवाद की वजह

Wed, 24 Aug 2022 10:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीरनगर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 24 Aug 2022 10:39 AM IST
सार

कबीर चौरा महंत विचारदास ने कहा कि पुरातत्व विभाग के निर्देशों का पालन होगा। वैसे प्रोजेक्ट बनने से पहले सहायक निदेशक पर्यटन फैजाबाद से लिखित समझौता हुआ है कि निर्माण कार्य पूरा होने पर सभी प्रोजेक्टों की देखरेख सद्गुरु कबीर स्मारक संस्थान करेगा। अब इसी के अनुरूप किया जा रहा है।

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Controversy over the ownership of Kabir Chaura's Mahant Vichardas and Archaeological Department
कबीर चौरा परिसर स्थित कैफेटेरिया।संवाद - फोटो : KHALILABAD

विस्तार

सद्गुरु कबीर की समाधि-मजार परिसर में व्याख्यान केंद्र, प्रदर्शनी गलियारा, लाइट एंड साउंड, कैफेटेरिया और 15 दुकानों के मालिकाना हक पर विवाद हो गया है। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग ने महंत विचारदास पर इन परियोजनाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में डीएम को पत्र लिखकर मदद मांगी है। वहीं, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने नोटिस चस्पा करके कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

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उधर, महंत विचारदास का कहना है कि पुरातत्व विभाग के निर्देशों का पालन किया जाएगा। मगर महंत यह भी दावा करते हैं कि प्रोजेक्ट बनने से पहले लिखित रूप में अनुबंध किया गया है कि निर्माण कार्य पूरा होने पर सभी प्रोजेक्टों की देखरेख सद्गुरु कबीर स्मारक संस्थान करेगा। सहायक निदेशक पर्यटन फैजाबाद के जरिए उनकी संस्था को भवन, कैफेटेरिया और 15 दुकानों को लिखित रूप से देखरेख के लिए दिया गया है।
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बता दें कि सद्गुरु कबीर की समाधि व मजार परिसर में केंद्रीय पर्यटक विभाग ने व्याख्यान केंद्र, प्रदर्शनी गलियारा, लाइट एंड साउंड, कैफेटेरिया और 15 दुकानें का निर्माण कार्य कराया है। आरोप है कि कैफेटेरिया और 15 दुकानों का आवंटन महंत विचारदास के जरिए किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग लखनऊ की निदेशक रेनू द्विवेदी ने भवनों से कब्जा हटवाने, कैफेटेरिया व दुकानों का आवंटन रुकवाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
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डीएम को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य संरक्षित कबीर की समाधि व मजार परिसर में केंद्रीय पर्यटन विभाग और पुरातत्व विभाग द्वारा क्रय की गई भूमि पर विभाग की अनुमति से व्याख्यान केंद्र, प्रदर्शनी गलियां, लाइट एंड साउंड, कैफेटेरिया व 15 दुकानों का निर्माण कराया गया है। अब इन पर महंत विचारदास ने कब्जा कर ताला लगा दिया है। कैफेटेरिया व दुकानों का आवंटन भी महंत के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने नवनिर्मित भवनों से अतिक्रमण हटवाने तथा कैफेटेरिया व दुकानों का आवंटन रुकवाने का अनुरोध किया है।

कबीर चौरा महंत विचारदास ने कहा कि पुरातत्व विभाग के निर्देशों का पालन होगा। वैसे प्रोजेक्ट बनने से पहले सहायक निदेशक पर्यटन फैजाबाद से लिखित समझौता हुआ है कि निर्माण कार्य पूरा होने पर सभी प्रोजेक्टों की देखरेख सद्गुरु कबीर स्मारक संस्थान करेगा। अब इसी के अनुरूप किया जा रहा है।

पुरातत्व विभाग ने नोटिस चस्पा कर दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गोरखपुर नरसिंह त्यागी ने सद्गुरु कबीर चौरा परिसर में नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में लिखा है कि कबीर की समाधि, मजार व संपूर्ण परिसर उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। परिसर में स्थित संपत्तियों की किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त, किराएदारी, बंधक करना गैर कानूनी है। ऐसा करने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 

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