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Sant Kabir Nagar News: लोन चुकाने के लिए लोन...किस्त बनी मुसीबत

Sun, 06 Apr 2025 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sun, 06 Apr 2025 12:18 AM IST
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Loan to repay loan...installment becomes a problem
खलीलाबाद ​स्थित एक दुकान पर जांच करती खाद्य टीम 
बेलहर। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के मकड़जाल में फंसी महिलाएं कर्ज के दबाव से उबर नहीं पा रही हैं। एजेंट महिलाओं को पिछले लोन की किस्त चुकाने के लिए भी लोन दिला रहे हैं। ऐसे में बढ़ती किस्त मुसीबत बनती जा रही है। परिवार की जिंदगी संवारने के लिए लिया गया लोन महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। कई महिलाओं के समक्ष लोन लेने के बाद भुखमरी की नौबत आ गई है।
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बेलहर कलां वार्ड नंबर एक भाठली की रहने वाली महिला मनभावती पत्नी त्रिभुवन ने बताती हैं कि एक-एक करके तीन कंपनियों से लोन ले लिया। किस्त जमा करने के लिए दूसरी कंपनी से लोन लिया। समय-समय पर जमा करती थी, लेकिन पति बीमार होने से पैसा जमा नहीं हो पा रहा, एजेंट घर पर आकर रात दस बजे तक परेशान करते हैं। लोन के कारण अच्छी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जबसे लोन लिया तबसे भुखमरी आ गई है।
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सात कंपनियों का लोन इंद्रवाती के लिए बना मुसीबत

बेलहर कला भाठली वार्ड नंबर एक की इंद्रवाती ने बताया की सात कंपनियों में चल रहा है। लोन लेकर के बड़ा पछतावा हो रहा है। एक लोन को भरने के लिए दूसरा लोन लिया। जोड़ने पर बहुत ही ज्यादा सूद जमा करना पड़ रहा है पहले पता होता तो इस चक्कर में नहीं फंसती। एजेंट बोलते पुलिस बुलाकर थाने पर बंद करवा दूंगा उसके बाद तुम पैसा दोगी। बहुत डर लगता रहा है।
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एक लोन भरने के लिए हो गया पांच कंपनियों का लोन

नगर पंचायत वार्ड नंबर एक भाठली की प्रमिला देवी पत्नी संतोष बताती हैं कि एक लोन भरने के लिए पांच कंपनियों में लोन चल रहा था। लेकिन बीच में पति की कमाई नहीं हो रही थी। पैसा कैसे जमा होगा, एजेंट आते अब मजबूरी बताती हूं। लेकिन सुनने का नाम नहीं लेते हैं, बोलते हैं कि जो भी मजबूरी हो पैसा चाहिए। लोन चुकाने में काफी मुसीबत हो रही है। -

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तगादे के भय से प्रतिभा और गीता ने छोड़ दिया घर

नगर पंचायत बेलहर कलां भाठली की प्रतिभा देवी ने पांच कंपनियों में लोन लिया था। एक साल पहले घर छोड़कर पूरे परिवार के साथ चली गई, एजेंट आते है मां भाई के ऊपर दबाव बनाने हैं। वहीं की निवासी गीता देवी का आठ कंपनियों में लोन चल रहा था, पैसा आने के सभी रास्ते बंद होने से पूरे परिवार के साथ एक साल पहले घर छोड़कर चली गई। ---------------------------------------

पेट काटकर बकहा की महिलाएं भर रहीं किस्त

तिघरा। बघौली क्षेत्र के बकहा गांव की महिलाओं ने लोन तो ले लिया लेकिन जब किस्त भरने की बात आई तो वह पेट काटकर किस्त को भरने का इंतजाम कर रही हैं। एजेंटों का उनके अंदर इस कदर भय समाया हुआ है कि वह किस्त देने के लिए हर उपाय करती नजर आती हैं। किसी का पूरा परिवार लोन की किस्त जमा कर रहा है, तो किसी की जमापूंजी ही खाली हो जा रही है। महिलाएं कहती हैं कि अब वह समूह लोन नहीं लेंगी। संवाद

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किस्त भरने के लिए पति-पत्नी कर रहे मजदूरी

नीरा देवी बताती हैं कि एक लाख चालीस हजार समूह से लोन लिया था। लोन से कुछ काम कराए। लेकिन किस्त इतनी अधिक आ रही है कि वह लोन भर नहीं पा रही हैं। वहीं एजेंट समय से किस्त न देने पर बार बार घर आते हैं। पति बाहर मजदूरी करते हैं। अब लोन नहीं लूंगी।



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व्यवसाय में नहीं मिली सफलता किस्त भरने में आफत

सुनीता ने बताती हैं कि पति को व्यवसाय कराने के लिए 50 हजार का समूह लोन लिया था। व्यवसाय में सफलता नहीं मिल पाई। किस्त इतनी है कि जमा करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब लोन नहीं लेंगे। किसी तरह से परिवार का पेट काटकर लोन भर रहे हैं।

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एक लोन जमा किया, दूसरे के लिए कर रही मजदूरी

परमिला ने बताया कि उसने पचास-पचास हजार का दो लोन लिया था। लोन लेकर घर बनवाया। एक समूह लोन जमा कर दिया। दूसरा लोन जमा कर रही हूं। किस्त इतनी आ रही है कि मेहनत मजदूरी का सारा रुपया ही किस्त जमा करने में चला जा रहा है।




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किस्त जमा करने में खाली हो जा रही है जमापूंजी

फूला देवी बताती हैं कि देवर की शादी कि लिए तीस-तीस हजार रुपये का दो समूह लोन लिया था। शादी तो हो गई, लेकिन लोन की किस्त जमा करने में सारी जमापूंजी खाली हो जा रही है। एजेंटों की प्रताड़ना से बचने के लिए पूरा परिवार किस्त की रकम देने के लिए काम कर रहा है।

कोट

माइक्रो फाइनेंस कंपनियां किस्त वसूलने के लिए किसी के ऊपर कोई भी दबाव न बनाएं। लोन देने में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतें। कहीं से भी अगर कोई शिकायत आती है, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

-महेंद्र सिंह तंवर, जिलाधिकारी

खलीलाबाद स्थित एक दुकान पर जांच करती खाद्य टीम 

खलीलाबाद स्थित एक दुकान पर जांच करती खाद्य टीम 

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