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Sant Kabir Nagar News: सफाई से पहले ही पाइप में लीकेज, आठ साल से टोटियां बेपानी
Sat, 18 Jan 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 18 Jan 2025 11:24 PM IST
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महुली ग्राम पंचायत में शुद्ध पेयजल के लिए बना वाटर हेड टैंक।
हरिहरपुर। ग्रामीण क्षेत्र में हर परिवार को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते धराशायी होती दिख रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों के दरवाजे के सामने लगी टोटियां बेपानी हैं। कहीं लीकेज के चलते ट्रायल के दौरान सप्लाई फेल हुई तो कहीं टंकी निर्माण के बगैर सप्लाई शुरू कर दी गई। स्थिति यह है कि घर के सामने लगी टोटियां निहारते दस साल बीत गए और अब लोग शुद्ध पेयजल की उम्मीद भी छोड़ चुके हैं।
बता दें कि करीब दस साल पहले नाथनगर ब्लाक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत महुली के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना स्वीकृत हुई थी। महुली से हरिहरपुर जाने वाली सड़क पर पेयजल के लिए ट्यूबवेल और पानी की टंकी का निर्माण हुए करीब छह साल बीत गए। लोगों के दरवाजे तक टोटियां भी आठ साल पहले ही लगा दी गईं जो आज भी बेपानी हैं। जगह-जगह पाइप में लीकेज के चलते इसी वर्ष शुरु हुए ट्रायल में ही वाटर सप्लाई फेल हो गई।
423.53 लाख की लागत से बनकर तैयार इस परियोजना से महुली बाजार सहित ग्राम पंचायत में शामिल कुल नौ गांवों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना थी। ट्रायल में लीकेज के चलते सड़क और कस्बे में कई जगह पानी भर गया जिससे लोगों को काफी परेशानी भी झेलनी पड़ी। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते ब्लाक की सबसे बड़ी आबादी वाले ग्राम पंचायत के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं हो सकी। राज कुमार, रामपत, अनिल, राम सुरेश आदि लोगों का कहना है कि आठ साल से दरवाजे के सामने पेयजल के लिए टोटियां लगी हैं लेकिन अबतक उसमें पानी नहीं आया।
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बता दें कि करीब दस साल पहले नाथनगर ब्लाक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत महुली के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना स्वीकृत हुई थी। महुली से हरिहरपुर जाने वाली सड़क पर पेयजल के लिए ट्यूबवेल और पानी की टंकी का निर्माण हुए करीब छह साल बीत गए। लोगों के दरवाजे तक टोटियां भी आठ साल पहले ही लगा दी गईं जो आज भी बेपानी हैं। जगह-जगह पाइप में लीकेज के चलते इसी वर्ष शुरु हुए ट्रायल में ही वाटर सप्लाई फेल हो गई।
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423.53 लाख की लागत से बनकर तैयार इस परियोजना से महुली बाजार सहित ग्राम पंचायत में शामिल कुल नौ गांवों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना थी। ट्रायल में लीकेज के चलते सड़क और कस्बे में कई जगह पानी भर गया जिससे लोगों को काफी परेशानी भी झेलनी पड़ी। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते ब्लाक की सबसे बड़ी आबादी वाले ग्राम पंचायत के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया नहीं हो सकी। राज कुमार, रामपत, अनिल, राम सुरेश आदि लोगों का कहना है कि आठ साल से दरवाजे के सामने पेयजल के लिए टोटियां लगी हैं लेकिन अबतक उसमें पानी नहीं आया।
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